डब्ल्यूएचओ ने कहा- स्कूलों को बंद करना महामारी से निपटने में सबसे आखिरी कदम होना चाहिए; दुनिया में अब तक 2.96 करोड़ केस


दुनिया में अब संक्रमितों का आंकड़ा 2 करोड़ 96 लाख 5 हजार 216 हो चुका है। अच्छी खबर ये है कि ठीक होने वालों की संख्या भी अब 2 करोड़ 14 लाख 13 हजार 447 हो चुकी है। वहीं, मरने वालों की संख्या 9 लाख 35 हजार 861 हो चुकी है। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। अब बात करते हैं दुनियाभर में कोरोनावायरस से जुड़ी कुछ अहम खबरों की।

डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल ट्रेडोस गेब्रेसिएस ने कहा कि बच्चों पर महामारी का सबसे खतरनाक असर होता है। हालांकि, स्कूलों को अस्थायी तौर पर उन्हीं इलाकों में बंद करना चाहिए, जहां संक्रमण का ज्यादा खतरा हो। स्कूलों को बंद करना महामारी से निपटने में सबसे आखिरी कदम होना चाहिए। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। ​​​​

इन 10 देशों में कोरोना का असर सबसे ज्यादा

देश

संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 67,49,406 1,99,018 40,28,602
भारत 49,30,236 80,808 38,55,983
ब्राजील 43,49,544 1,32,117 36,13,184
रूस 10,73,849 18,785 8,84,305
पेरू 7,33,860 30,812 5,73,364
कोलंबिया 7,21,892 23,123 6,06,925
मैक्सिको 6,71,716 71,049 4,75,795
साउथ अफ्रीका 6,50,749 15,499 5,79,289
स्पेन 5,93,730 29,848 उपलब्ध नहीं
अर्जेंटीना 5,65,446 11,667 4,28,953

रूस: 300 से ज्यादा वॉलंटियर्स को ‘स्पुतनिक वी’ का टीका लगाया गया

रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराशको ने मंगलवार को कहा कि रूसी वैक्सीन के पोस्ट-ट्रायल के दौरान 300 से ज्यादा वॉलंटियर्स को ‘स्पुतनिक वी’ का टीका लगाया गया है। उनमें से करीब 14% ने थकान, मांसपेशियों में दर्द या शरीर का टैम्परेचर बढ़ने की शिकायत की है।

पाकिस्तान: 6 महीने बाद स्कूल खुले

पाकिस्तान में 6 महीने बाद स्कूल खुल गए। प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा- बच्चों की हिफाजत सामूहिक जिम्मेदारी है। स्कूल खोलने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इनका पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहले चरण में 9वीं और 10वीं तक के स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज खोले जाएंगे। प्राइमरी और सेकंडरी स्कूल महीने के आखिर तक शुरू किए जा सकते हैं। देश में सभी शिक्षण संस्थान 15 मार्च से बंद थे।

14 अगस्त को इमरान ने कहा था- कल से लाखों बच्चे फिर स्कूल जाएंगे। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम बच्चे सुरक्षित रहें। इसके लिए नियमों का पालन करना जरूरी होगा।

चीन : नवंबर तक सभी को वैक्सीन मिलेगी

चीन में सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के एक अफसर ने दावा किया है कि नवंबर तक कोरोनावायरस वैक्सीन आम लोगों के लिए उपलब्ध होगी। चीन में कोविड-19 की चार वैक्सीन पर रिसर्च चल रहा है। इनका ट्रायल आखिरी चरण में हैं। इनमें से तीन वैक्सीन जरूरतमंदों और कर्मचारियों को लगाने की पेशकश की जा चुकी है। इसके लिए इमरजेंसी प्रोग्राम जुलाई में शुरू किया गया था।

सीडीसी की चीफ बायोसेफ्टी एक्सपर्ट गुइझेन वू ने सरकारी टीवी चैनल से बातचीत में कहा- मैंने खुद अप्रैल में एक ट्रायल में हिस्सा लिया था। अब तक इसके कोई साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं। वू ने हालांकि, यह नहीं बताया कि वे किसी वैक्सीन की बात कह रही हैं। साइनोफार्म और साइनोवेक बायोटेक कंपनियां तीन वैक्सीन पर रिसर्च कर रही हैं।

चौथी वैक्सीन केनसाइनो बायोलॉजिस कंपनी डेवलप कर रही है। चीन की सेना ने जून में इस वैक्सीन को अप्रूवल दिया था। साइनोफार्म ने जुलाई में कहा था कि उसकी वैक्सीन इस साल के आखिर तक बाजार में आ जाएगी। इसके तीसरे चरण के ट्रायल चल रहे हैं।

अमेरिका: पेन्सिलवेनिया में कोर्ट का आदेश
यहां एक फेडरल कोर्ट ने गर्वनर के उस आदेश को असंवैधानिक बताया है जिसमें उन्होंने लोगों के जुटने, लॉकडाउन लगाने और कारोबार बंद करने के आदेश दिए थे। एक याचिका पर सुनवाई के दौरान डिस्ट्रिक्ट जज विलियम स्टिकमैन ने कहा- गर्वनर टॉम वोल्फ्स के उस आदेश को सही नहीं माना जा सकता जो लोगों के बुनियादी अधिकारों की सीमा तय करते हैं। टॉम के आदेश के खिलाफ कई काउंटीज के मेयर्स ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था- जो प्रतिबंध लगाए गए हैं वे हमारे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हैं। लिहाजा, इन्हे हटाया जाना चाहिए।

फोटो पिछले दिनों पेन्सिलवेनिया में हुए विरोध प्रदर्शन की है। यहां लोग लॉकडाउन या कारोबार बंद करने जैसे कदमों का विरोध करते रहे हैं। अब एक लोकल कोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध असंवैधानिक हैं। (फाइल)

तुर्की: सरकार ने माना संक्रमण की रफ्तार तेज
तुर्की सरकार ने माना है कि संक्रमण की रफ्तार देश में काफी तेज हो गई है। हेल्थ मिनिस्टर फेहरिटेन कोका ने सोमवार रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- इसमें कोई दो राय नहीं कि देश में कोरोनावायरस के मामले बेहद तेजी से बढ़ रहे हैं और हम इस रफ्तार को बहुत कामयाबी से नहीं रोक पाए हैं। सिर्फ सोमवार को ही देश में 1716 मामले सामने आए।

देश में कुल आंकड़ा करीब तीन लाख हो चुका है। सरकार सख्ती करना चाहती है, लेकिन ये इतना आसान नहीं है क्योंकि कई संगठन इसका विरोध करते रहे हैं। इन संगठनों का आरोप है कि लॉकडाउन जैसे उपायों से देश की अर्थव्यवस्था खतरे में पड़ जाएगी।

तुर्की में सरकार ने माना है कि तमाम कोशिशों के बावजूद देश में संक्रमण तेजी से फैल रहा है। सरकार के मुताबिक, लॉकडाउन जैसे सख्त उपायों का कुछ संगठन विरोध करते हैं। लिहाजा, मामले फिर तेजी से बढ़ने लगे हैं। (फाइल)

चीन : 8 नए मामले
चीन में नए मामले सामने आने का सिलसिला जारी है। सोमवार को यहां 8 नए मामले सामने आए। इसके पहले रविवार को 10 मामले सामने आए थे। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी ने इसकी जानकारी मंगलवार को दी। हालांकि, हेल्थ बॉडी ने ये भी साफ कर दिया कि देश के अंदर संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। यानी जो भी नए केस हैं वे सभी इम्पोर्टेड हैं। यानी विदेश से लौटे लोग संक्रमित पाए गए हैं। आंकड़ों की बात करें तो चीन में अब तक कुल 85,202 मामले सामने आ चुके हैं। 4,634 मरीजों की मौत हुई है।

रविवार को बीजिंग में मास्क लगाकर घूमते लोग। चीन में रविवार को 10 मामले सामने आए थे। सोमवार को 8 मामले सामने आए। सभी संक्रमित दूसरे देशों से चीन लौटे थे।

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रूस के एक रिसर्च सेंटर के बाहर स्वास्थ्यकर्मी पीपीई कीट पहने नजर आए। देश में 10 लाख से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। यह अमेरिका, भारत और ब्राजील के बाद चौथा सबसे संक्रमित देश है।

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