आगर के अभ्यारण्य में 4 हजार से ज्यादा गोवंश, सैकड़ों कमजोर; मुख्यमंत्री से पूजन कराने के लिए ढूंढ़वाना पड़ीं 21 हष्ट-पुष्ट गायें

रविवार को आगर जिले के गौ अभ्यारण्य में होने वाले मुख्यमंत्री के प्रोग्राम को लेकर प्रशासन बेहद चिंतित नजर आ रहा है। लिखापढ़ी में कोई प्रोग्राम अधिकृत नहीं होने से वे पसोपेश में है। ट्वीट को ही आदेश मानकर तैयारी में जुटे हैं। खासकर गायों के हाल उजागर होने से प्रशासन इस पर पर्दा डालने में जुटा है क्योंकि कार्यक्रम के दौरान गो संवर्धन पर रिसर्च कर चुके देश के कई विशेष लोग भी सीएम के साथ रहेंगे। यही वजह है कि जिस अभ्यारण्य में 4 हजार से ज्यादा गायें है लेकिन सीएम से पूजन कराने के लिए 21 हष्ट-पुष्ट गायें ढूंढ़ना पड़ी हैं। हालांकि, अफसरों का कहना है कि यहां अधिकतर आवारा मवेशी लाए जाते हैं, इस कारण स्थिति कमजोर रहती है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है कि हष्टपुष्ट गायें बिल्कुल नहीं है। चयन भी कर लिया गया है।
यह स्थिति तब है जबकि कार्यक्रम की तैयारियों में पिछले एक सप्ताह से प्रशासन जुटा हुआ है। आयोजन के अंतर्गत सभी कार्यक्रमों की व्यवस्था चाकचौबंद बनाई जा रही है। कलेक्टर अवधेश शर्मा व्यवस्थाओं की सतत मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उज्जैन कमिश्नर आनंदकुमार शर्मा व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं। पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग के भोपाल के अफसर तक यहां दौरा कर चुके है। इसके बाद भी गायों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अभ्यारण्य के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही यह है कि मृत गायों को समाधि देने का एक स्थान निश्चित हैं। इसमें निर्धारित माप का गड्ढा बनाकर तथा गाय के वजन के बराबर नमक डालकर समाधि दी जाती है, लेकिन गायों को समाधि देने के बजाए ले जाकर उस स्थान पर डाला जा रहा है। भास्कर टीम समाधि देने वाले स्थान पर पहुंची तो गायों की अस्थियां इधर-उधर बिखरी हुई थी। वही अलग-अलग स्थान पर मृत पड़ी दो गायों को कुत्ते नोच रहे थे।

गायों के लिए पर्याप्त भूसे तक की व्यवस्था नहीं है।

सीएम को दिखाने के लिए यहां ऊपरी चमक दमक दिखाने की अधिकारी कोशिश में लगे हैं, लेकिन फिर भी व्यवस्था बदहाल है। भूसे की कमी गौ-अभ्यारण्य में बनी हुई हैं। अभ्यारण्य में गायों की हडि्डयां पड़ी थी।बताया जाता है कि गायों को सुबह नहलाकर और डॉक्टर की मदद से हष्ट-पुष्ट और स्वस्थ करने ​​​​का प्रयास किया जा रहा है। पूरे परिसर में रंगरोगन भी किया जा रहा है। यहां दो दिन पहले 10 गायों की मौत हो गई थी। इसके बाद भी यहां कई गायें अभी बीमारी की हालत में है। अभ्यारण्य में पर्याप्त भूसा नहीं था। गुरुवार को भूसे के जो शेड खाली पड़े थे, वह खाली ही नजर आए। गायों को जिन शेडों में बांधा जाता है, उनके सामने ठेल में कुछ जगह भूसा था तो कुछ जगह बहुत कम था, लेकिन गोदाम तो खाली ही नजर आए। सीएम को दिखाने के लिए यहां स्वस्थ गायों की तलाश की जा रही है। बताया जाता है कि 21 या 11 स्वस्थ गायों की पूजा सीएम से कराई जाएगी।

गौ पूजन करेंगे सीएम
जिला मुख्यालय से करीब 50 किलोमीटर एवं सुसनेर से 17 किलोमीटर दूर 472 हैक्टेयर क्षेत्रफल में फैले सालरिया स्थित कामधेनु गो अभयारण्य में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का दौरा 22 नवंबर को होगा। वे यहां गो पूजन करेंगे। साथ ही इसी परिसर में प्रदेश शासन द्वारा गठित पहली गौ कैबिनेट की प्रथम बैठक होगी। इसमें गो अनुसंधान केंद्र आरंभ होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अभ्यारण्य परिक्षेत्र को सुरक्षित करने के लिए 14 किलोमीटर परिधि में बाउंड्रीवॉल बनाने की स्वीकृति मिल सकती है।

चार हजार गाय का हो रहा संरक्षण
गौ अभयारण्य 2017 में 38 करोड़ की लागत से बना। यहां 6 हजार गायों को रखने की क्षमता है। इसके लिए 24 शेड बने हैं। भूसा स्टॉक व अन्य पशु आहार रखने के शेड एवं गो अनुसंधान केन्द्र संचालित करने के लिए मानक स्तर के भवन एवं चिकित्सक व अन्य स्टाफ के लिए रहवासी भवन तक यहां बने हैं। दवाइयों एवं उपचार के लिए आवश्यक संसाधन भी यहां मौजूद हैं। वर्तमान में 3 हजार 950 गायों की देखभाल व शेड एवं भवन की साफ-सफाई आदि कार्य के लिए ठेका पद‌ति से 96 आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं दो चिकित्सक एवं 4 सहायक चिकित्सक के रूप में क्षेत्र अधिकारी पदस्थ हैं।

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मरने वाली गायों को कुत्ते नोंच रहे थे।

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