आर्थिक हमले नहीं रूके तो होगा आंदोलन 30 वर्ष पूर्ण होने पर जबरन रिटायरमेंट का आदेश वापस लो

कर्मचारी संगठनों में आर्थिक हमलों को लेकर कलेक्ट्रोरेट में प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी संगठन के कर्मचारी मप्र की गुना कलेक्ट्रोरेट में एकत्रित हुए। उनका कहना था कि कर्मचारियों पर सरकार आर्थिक हमले कर रही है, इससे संकट पैदा हो रहा है। 30 साल की सेवा पूरी करने वालों को जबरन सेवानिवृत्त करने का आदेश जारी किया है। इसे वापस लिया जाए।

मप्र तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष हरीश चतुर्वेदी, सचिव कुंजबिहारी तिवारी सहित विभिन्न संगठन के पदाधिकारी गुना कलेक्ट्रोरेट पहुंचे। सभी ने विभिन्न मांगों को लेकर डिप्टी कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। चेतावनी दी कि अगर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन किया जाएगा। इसलिए विधानसभा उपचुनावों से पहले-पहले इन मांगो को पूरा कराने की मांग की। संगठन का कहना था कि पूरे प्रदेश में ज्ञापन दिया जा रहा है। आंदोलन की रणनीति जल्द ही बनेगी। 28 सितंबर को कर्मचारी पूरे प्रदशे में कलम बंद हड़ताल शुरु करेंगे।

यह मांगे रखीं

30 वर्ष सेवा पूरी होने पर जबरन सेवा निवृत्ति का आदेश वापस लिया जाए, रिक्त पदों पर 3 माह में पदोन्नति और नियुक्तियां दी जाएं। कोविड महामारी में मृत कर्मचारियों को 50 लाख रुपए तत्काल मिलें। सभी कर्मचारियों को दिवाली से पहले बोनस मिले, वेतन कटोती, काटे गए भत्ते वापस मिले। 5 प्रतिशत महंगाई भत्ता स्थगित किया है, इसे वापस दिया जाए। सातवें वेतन मान की अंतिम किस्त का भुगतान किया जाए।

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कर्मचारियों ने कलेक्टोरेट में जमकर हंगामा किया और फोर्स रिटायरमेंट का आदेश वापस लेने की मांग की।

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