इंडिया से लेकर ईस्टर्न अमेरिका तक के सौदागरों के फोन बंद, फिक्स दिन ड्रग्स लेने प्लेन से दिल्ली जाती और वहां से टैक्सी से लौटती थी प्रीति

युवाओं को नशे का एडिक्ट बनाने वाली ‘आंटी’ काजल जैन उर्फ प्रीति 24 दिसंबर तक पुलिस की रिमांड पर है। इस दौरान ड्रग्स गिरोह से जुड़े हर उस शख्स की मॉनिटरिंग करवाई जा रही, जो ड्रग्स लेने के साथ उसे कमीशन पर बेचते हैं। आरोपियों के मोबाइल, सोशल मीडिया चैटिंग में पुलिस को नशे के कई एडिक्ट लोगों, नशा खरीदने व रखने वालों की भी जानकारी मिली है। ऐसे करीब 26 और आरोपी चिह्नित किए गए, जिनके तार इस गिरोह से जुड़े हैं। पुलिस सभी की तस्दीक कर रही है। वहीं, आंटी के बेटे यश जैन और उसके साथी यश वर्धन तिवारी की भी तलाश जारी है। आंटी के गिरफ्त में आने से इस गोरखधंधे के तार ना सिर्फ दूसरे राज्यों में जुड़ रहे हैं, बल्कि अब यह यह कनेक्शन विदेशों तक पहुंच गय है।

ड्रग आंटी को पुलिस दिल्ली तक लेकर गई
पकड़े गए आरोपियों के साथ मुख्य सरगना प्रीति को पुलिस दिल्ली लेकर गई थी, जहां उत्तम नगर, द्वारिका, जनकपुरी और करोल बाग में इन्हे लेकर लेकर पुलिस घूमी। एयरपोर्ट क्षेत्र के आसपास के इलाकों में भी पुलिस ने सर्चिंग की। यहां पर प्रीति किसी नाइजीरियन सप्लायर से कोकीन और एमडी ड्रग्स लिया करती थी। पुलिस को 5 दिन की छानबीन के बाद भी कुछ हाथ नहीं लगा है। बताया जा रहा है कि कई नाइजीरियन दिल्ली से बाहर चले गए और कुछ अंडर ग्रांउड हो गए हैं।

इंदौर से ईस्टर्न अमेरिका तक फोन बंद
पकड़े जाने के बाद सभी आरोपियों के मोबाइल फोन लगातार पुलिस जांच रही है, लेकिन जितने भी नंबर पुलिस को आरोपियों के मोबाइल में मिले हैं। उन नंबरों को या तो बंद कर दिया गया है या उनकी सिम निकाल कर फेंक दी गई है। आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड में ईस्टर्न अमेरिका और नाइजीरिया के भी कई नंबर मिले हैं, लेकिन वह सभी बंद हैं। यह सभी शातिर आरोपी सोशल मीडिया का उपयोग कर ही एक-दूसरे से बात करते थे। मीडिया में खबर छपते ही सभी आरोपी छिप गए हैं और सभी के मोबाइल नंबर बंद हैं।

अपराधी कर रहे हैं सोशल मीडिया का उपयोग
प्रीति जैन को दिल्ली ले जाने के बाद कई शातिर अपराधी जो कि केवल सोशल मीडिया का ही उपयोग करते थे। उसी के माध्यम से एक-दूसरे से बातचीत किया करते थे। कस्टमर को किस जगह पर ड्रग्स देना है और पैसे कैसे लेने हैं यह सभी बातें सोशल मीडिया पर ही किया करते थे। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये कॉल ही हैं, क्योंकि उसकी कॉल डिटेल मिलने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। कुछ नाइजीरियन हर महीने मोबाइल नंबर बदल लिया करते थे। इस कारण से कई बार साइबर नाकामयाब इन तक पहुंचने में चूक रही है।

ड्रग्स ले जाने और लाने के दिन तय थे
प्रीति जैन हर शुक्रवार और शनिवार को फ्लाइट से दिल्ली जाया करती थी। दिल्ली में एयरपोर्ट के आसपास के इलाकों में नाइजीरियन इसे आसानी से ड्रग्स उपलब्ध करवा दिया करते थे, जिसके बाद वह टैक्सी के जरिए सड़क मार्ग से इंदौर आ जाया करती थी। रविवार को बार और रेस्टोरेंट में नशे की डिमांड अधिक होती है। इसलिए रात के अंधेरे में ही आंटी ग्राहकों तक इसे पहुंचा दिया करती थी।

इन इलाकों से मिलती है ड्रग्स
आरोपियों ने पूछताछ में यह बताया है कि इंदौर के आसपास के कई राज्यों में ड्रग्स आसानी से उपलब्ध है। रतलाम, मुंबई, दिल्ली, निंबाहेड़ा और राजगढ़ से भी कोकीन और एमडी डग्स आसानी से इंदौर तक आ जाती है। उन्हें यहां अच्छे ग्राहक मिल जाते हैं।

ड्रग्स व्यापारियों के नाम
शहर के कई इलाकों में ड्रग्स व्यापारी हैं। जुनेद, अदनान और रईस नामक कुछ व्यापारी ऐसे हैं जो कि रतलाम से संबंध रखते हैं। गोल्डी नामक युवक का भी इन्होंने जिक्र किया है, जो कि इंदौर का एक बहुत बड़ा खिलाड़ी है और अभी पुलिस की पहुंच से दूर है।

ड्रग्स की कीमत

  • कोक – दिल्ली में 7 से 10 हजार रुपए प्रति ग्राम।
  • एमडीएमए – दिल्ली में 3 से 5 हजार रुपए प्रति ग्राम।

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ड्रग के सौदागरों से थाने में पूछताछ करती पुलिस।

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