इंदौर में ऑफिस निकलने से पहले असमंजस में दिखे लोग, पूछताछ के बाद निकले घर से, चौराहों पर नहीं दिखी पुलिस

नए कृषि कानून के विरोध में किसानों के आह्वान पर मंगलवार को भारत बंद है। बंद को इंदौर में कई किसान संगठनों ने समर्थन दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने व्यापारियों से किसानों के समर्थन में दुकानें, व्यवसायिक प्रतिष्ठान और मार्केट बंद रखने की अपील की है। हालांकि इंदौर में इसका ज्यादा असर देखने को नहीं मिल रहा है। सुबह से ही आमदिनों की तरह आवाजाही सुचारू रूप से चल रही है। इन्दौर छावनी अनाज मंडी में विधायक जीतू पटवारी, विशाल पटेल, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, सज्जन सिंह वर्मा, अश्विन जोशी सहित 200 से ज्यादा कांग्रेसी पहुंचे।

जीतू पटवारी ने कहा कि देश और किसानों को यह बताया जा रहा है कि मोदी जी ने जो निर्णय लिया वह देश हित में लिया और मोदी जी पर भरोसा करो। देश ने मोदी जी पर भरोसा तो किया था, नोटबंदी के समय, दो करोड़ रोजगार देने पर, देश ने कोविड के पहले और बाद में भी मोदी जी पर भरोसा किया। मोदी जी पास कहां हुए, जो देश उन पर भरोसा करे।

किसानों की हालत दिनोदिन बदतर होती जा रही है। किसान जब समर्थन मूल्य की बात करता है तो कानून का एक अक्षर एक लाइन नहीं है। बिना समर्थन मूल्य के किसान के उपज की गारंटी क्या। जब किसी व्यक्ति या कंपनी का एकाधिकार होगा तो उपभोक्ता पर असर नहीं आएगा इसकी क्या गारंटी है मोदी जी के पास। कांग्रेस पार्टी सिर्फ और सिर्फ किसानों के साथ है। हम किसानों के समर्थन में देश आए, क्योंकि यह देश कृषि प्रधान है। किसान हमारे भगवान के समान है, जो एक जीवन देने वाला है और एक जीवन चलाने वाला है। यह किसान और मोदी जी की हठधर्मिता की लड़ाई है।

संयोगितागंज अनाज मंडी छावनी में तब्दील

कांग्रेस द्वारा किसान संगठनों के समर्थन में घोषित बंद के ऐलान से पहले संयोगितागंज अनाज मंडी को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। भारी पुलिस बल के साथ एडिशनल एसपी और अपर कलेक्टर मंडी में तैनात हैं। मंडी को बंद करवाने के लिए कांग्रेस महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी छावनी मंडी पहुंचे हैं। राजनीतिक बवाल की आशंका के बीच मंडी में ज्यादातर दुकानों के गिरे। छुटपुट कामकाज जारी है। काम ही किसान अपना माल लेकर मंडी पहुंचे। इसके पहले कांग्रेस नेताओं ने सुबह नौ बजे से मंडी में आंदोलन और धरने का ऐलान किया था। हालांकि सुबह तक कांग्रेसी मंडी नहीं पहुंचे। इसके बाद कांग्रेस नेता साथ कार्यकर्ताओं का एक समूह अग्रसेन चौराहे पर नारेबाजी करता रहा। और फिर रैली के रूप में छावनी मंडी पहुंचा।

भास्कर एप प्लस की टीम ने करीब 15 किमी का सफर तय कर शहर के 14 चौराहों पर स्थिति काे जाना…

कांग्रेस के प्रदर्शन को देखते छावनी में करीब 200 पुलिस बल तैनात थे।

आम दिनों की तरह ही सड़क पर दौड़ी गाडियां, पुलिस भी नहीं आई चौराहों पर नजर
भारत बंद को देखते हुए सुबह से ही शहरभर में हलचल तेज हो गई थी। लोग घर से ऑफिस निकलने के पहले थोड़े असमंजस में जरूर नजर आए। वे एक-दूसरे से पूछते रहे कि रास्ते में कोई परेशानी तो नहीं है। कोई रोक तो नहीं रहा है। एक-दूसरे से जानकारी मिलने के बाद लोग आगे बढ़े, लेकिन सड़क पर निकलने के बाद उनका डर पूरी तरह से दूर हो गया। क्योंकि आमदिनों की तरह ही आवाजाही चल रही थी। पेट्रोल पंप खुले हुए थे और सबसे बड़ी बात ज्यादातर चौराहों पर तो पुलिस भी नजर नहीं आ रही थी।

एलआईजी चौराहे पर आम दिनों की तरह ही लोग निकले।

इन चौराहों पर पहुंची टीम

देवास नाका, बॉम्बे अस्पताल, रेडिसन चौराहा, विजयनगर, रसाेमा, एमआर-9, एलआईजी, इंडस्ट्री हाउस, पलासिया, हुकुमचंद, हाईकोर्ट, रीगल चौराहा से अग्रसेन चौराहा होते हुए छावनी पहुंचे। जहां पर कांग्रेस मंडी बंद करवाने पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने बाइक रैली भी निकली थी।

रीगल चौराहे पर भी लोग आवाजाही करते रहे।
रेडिसन चौराहे गाड़ियों की आवाजाही जारी रही।

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हाईकोर्ट चौराहे पर ट्रैफिक जवान रंजीत ड्यूटी करते नजर आए।

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