इंदौर में पिछले 24 घंटे में दो इंच बारिश, उज्जैन में शिप्रा उफान पर, घाट किनारे के सभी मंदिर जलमग्न, गंभीर डेम का एक गेट खोलना पड़ा

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदाैर समेत कई जिलों को जाते-जाते मानसून ने एक बार फिर से तर कर दिया। इंदौर में मंगलवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर बदस्तूर जारी है। यहां पिछले 24 घंटे में करीब दो इंच बारिश हाे चुकी है।

वहीं, उज्जैन में भी बादल मेहरबान हैं। यहां रात में हुई जो घंटे झमाझम बारिश के बाद सड़कों ने नाले का रूप धारण कर लिया। फ्रीगंज से लेकर पुराने शहर की हर गली में दो से तीन फीट पानी बहा। लक्ष्मी नगर, गरीब नवाज कॉलोनी, जिला अस्पताल परिसर समेत कई जगह घरों में पानी भर गया।

झमाझम बारिश से जहां शिप्रा एक बार फिर से उफनी और घाट स्थित मंदिरों को अपनी आगोश में ले लिया। वहीं, उज्जैन की लाइफ लाइन कहे जाने वाले गंभीर डेम के एक गेट को खोलना पड़ा।

रामघाट स्थित मंदिर आधे से ज्यादा डूब चुके हैं।

इंदौर में मंगलवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर लगातार जारी है। रात में झमाझम के बाद सुबह से ही रिमझिम बारिश हो रही है। आंकड़ों की बात करें तो पिछले 24 घंटे में यहां करीब दो इंच बारिश हो चुकी है। इसके साथ ही बारिश का आंकड़ा 47 इंच को छूने को है। मौसम विभाग की मानें तो अगले दो दिन भी मौसम ऐसा ही रहने वाला है। बादल छाए रहेंगे और शहर में कहीं-कहीं बारिश भी होगी। दक्षिण पश्चिम मानसून राजस्थान के रास्ते विदा हो रहा है।

प्रदेशभर में बारिश का दौर इसके साथ ही कम हो जाएगा। इस बार औसत 34 के मुकाबले 12 इंच ज्यादा पानी गिर चुका है। पिछले साल इसी वक्त तक 50 इंच पानी गिर चुका था। पिछले साल पश्चिमी विक्षोभ की वजह से अक्टूबर में भी पानी गिरा था। इस बार विक्षोभ असर दिखाते हैं या नहीं, यह अक्टूबर में ही पता चलेगा।

इंदौर में रात में झमाझम बारिश हुई।

उज्जैन में दो घंटे की बारिश से शहर हुआ पानी-पानी
मानसून ने जाते-जाते उज्जैन में भी तूफानी वापसी की। नीलगंगा चौराहे पर तालाब जैसा नजारा दिखाई दिया तो नईसड़क पर नदी सी बहती नजर आई। दशहरा मैदान में मोतीलाल नेहरू उद्यान के आसपास की सड़कों, फ्रीगंज में जैन मंदिर के सामने व चामुंडा चौराहे पर भी पानी भर गया। बारिश थमने के बाद भी कई क्षेत्रों में पानी भरा रहा।

इधर, शिप्रा भी उफान पर है। बड़नगर रोड की छोटी रपट पर दो से तीन फीट पानी बहा। इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में हो रही बारिश के बाद गंभीर में पानी आने का सिलसिला जारी है। गंभीर में पूरी क्षमता 2250 एमसीएफटी पानी भरने के बाद उसके एक गेट को 0.50 मीटर तक खोला गया। पानी की आवक बढ़ने पर गेट नंबर 3 काे 2 मीटर तक खोलना पड़ा।

दो घंटे की बारिश में ही फ्रीगंज जाने वाली सड़क नाले में तब्दील हो गई।

कॉलोनियों के घरों में पानी घुसा
शाम को हुई तेज बारिश के बाद मुख्य मार्ग, कॉलोनियों में भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मुख्य रूप से चामुंडा चौराहा, फ्रीगंज, दशहरा मैदान, मालीपुरा, दौलतगंज, फव्वारा चौक, तोपखाना, नई सड़क, केडी गेट, रतन गोल्ड, ग्रेटर रतन, देवास रोड कल्पतरू, लक्ष्मीनगर, देसाई नगर में पानी भर गया।

उज्जैन में घरों में पानी भराने के बाद रात में लोग पानी फेंकते रहे।

तकनीकी दल के निरीक्षण के बाद पुल से आवागमन शुरू हुआ
खरगोन में इंदौर-इच्छापुर हाईवे स्थित मोरटक्का पुल को रिपेयरिंग के बाद एक बार फिर से आवागमन के लिए खोल दिया गया। 29 अगस्त को नर्मदा नदी का जल स्तर बढ़ने के बाद पुल पर से आवागमन बंद कर दिया गया था। जल स्तर कम होने के बाद पुल को आंशिक क्षति हुई थी। पुल को रिपेयरिंग करने के बाद मंगलवार को तकनीकी दल ने निरीक्षण के पुल से आवागमन शुरू करने को लेकर हरी झंडी दे दी।

मोरटक्का पुल को रिपेयरिंग के बाद एक बार फिर से आवागमन के लिए खोल दिया गया।

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उज्जैन में शिप्रा एक बार फिर से उफान पर है। यहां घाट स्थित सभी मंदिर डूब के करीब हैं।

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