इंदौर में हाथ में तख्ती लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया धरने पर बैठे; लिखा- माता-बहनों का जो करे अपमान, शास्त्र कहें, वो है शैतान

प्रदेश मे 28 सीटों पर उपचुनाव है, कांग्रेस दोबारा वापसी की उम्मीद में है, ऐसे में कमलनाथ ने इमारती देवी को आइटम कहकर भारतीय जनता पार्टी को बड़ी संजीवनी दे दी है। पूरे प्रदेश में बीजेपी माहौल बनाने में जुट गई। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्री इमरती देवी के खिलाफ विवादित टिप्पणी करके सियासत गरमा दी। सोमवार को विरोध में इंदौर में हाथ में तख्ती लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया धरने पर बैठे। उनकी तख्तियों में लिखा था- माता-बहनों का जो करे अपमान, शास्त्र कहें, वो है शैतान समान। मातृ शक्ति का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान…

रीगल चौराहे पर गांधी प्रतिमा के सामने मौन व्रत पर बैठे सिंधिया के साथ सांसद शंकर लालवानी, मंत्री तुलसी राम सिलावट, विधायक रमेश मेंदोला और अन्य नेताओं ने मौन धरना दिया। हालांकि इस मौन व्रत धरने में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय नहीं पहुंचे, उन्होंने इससे दूरी बनाई। सिंधिया ने कहा कि ‘कमलनाथ ने इमारती देवी को आयटम कहकर समस्त अनुसूचित जाति, दलित वर्ग का अपमान किया। साथ ही उन्होंने दिग्विजय सिंह, अजय सिंह को निशाने पर लेते हुए कहा कि कमलनाथ ने इस तरह का बयान देकर मध्यप्रदेश के माथे पर कलंक लगाया।’

इतना ही नही, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ पर कार्रवाई करने की मांग करते हुए कहा कि अगर सोनिया गांधी एक्शन नही लेती हैं तो ये पता चल जाएगा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में क्या फर्क है

मातृ शक्ति का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान लिखे नारे वाली तख्तियां लेकर पहुंचीं महिलाएं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने धरना शुरू करने से पहले महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया। उनके साथ सैकड़ों महिलाएं धरना स्थल पर तख्तियां लेकर पहुंचीं। उन्होंने सिंधिया को भी तख्ती दी और सबके साथ मंच पर बैठीं। गांधी प्रतिमा पर जगह-जगह कांग्रेस और भाजपा महिला नेतृत्व के पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिसमें दर्शाया गया है कि कांग्रेस द्वारा समय-समय पर महिलाओं का किस तरह विरोध किया गया है।

यह है पूरा मामला
रविवार को ग्वालियर जिले की डबरा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सभा करने पहुंचे थे। उन्होंने यहां भाजपा प्रत्याशी और मंत्री इमरती देवी का नाम लेना तक उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि हमारे राजे (कांग्रेस प्रत्याशी) तो सीधे-साधे और सरल हैं। ये उसके जैसे नहीं हैं। मैं क्यों उसका नाम लूं। इतने में लोग बोले- इमरती देवी। इस पर हंसते हुए कमलनाथ बोले- आप लोग मेरे से ज्यादा उसको पहचानते हैं। आप लोगों को तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था। वह क्या आइटम है। पूर्व मुख्यमंत्री के भाषण का यह वीडियो अब वायरल हो गया है।

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इंदौर में ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य नेता मौन व्रत पर बैठे। उन्होंने इमरती देवी पर की गई अपमानजनक टिप्पणी पर दो घंटे बैठे रहे।

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