कंकाल मामले में मानवाधिकार आयोग ने कलेक्टर, एसपी, अधीक्षक को जारी किया नोटिस, चार हफ्ते में मांगा जवाब

एमवायएच में मंगलवार को सामने आए कंकाल और प्रबंधन की लापरवाही को लेकर मप्र मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, एमवायएच अधीक्षक और अस्पताल प्रबंधन से चार सप्ताह में जवाब मांगा है।

आयोग ने कहा कि प्रबंधन का इस मामले में अमानवीय चेहरा सामने आया है। अस्पताल के मर्चूरी में एक अज्ञात शव इतने दिनों तक स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। किसी ने भी उसे सुरक्षित रखने की जहमत नहीं उठाई। स्ट्रेचर पर पड़े-पड़े शव कंकाल में तब्दील हो गया। शव पहले ही खराब स्थिति में था, जिसे अज्ञात व्यक्ति का मानते हुए एक तरफ ढंककर रख दिया गया था। इसके बाद से शव की कोई शिनाख्त नहीं हो पाई है। उधर, मामले की जांच के लिए एमवाय प्रबंधन ने तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है।

यह है पूरा मामला

प्रदेश के सबसे बड़े महाराजा यशवंत राव होल्कर अस्पताल (एमवायएच) में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला मंगलवार को सामने आया था। अस्पताल के पोस्टमार्टम भवन में अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से एक अज्ञात व्यक्ति का शव स्ट्रेचर पर पड़े-पड़े ही कीड़े लग जाने से कंकाल बन गया। जब शव बुरी तरह सड़ गया तब एमवायएच प्रबंधन के लोग हरकत में आए। बाद में मीडिया में मामला आने के बाद बुरी तरह से डिकंपोज होकर सड़ गए शव को लेकर प्रबंधन जागा और पूरे मामले में मर्चूरी भवन के इंचार्ज को सिर्फ नोटिस थमा दिया।

गौरतलब है कि 10 दिनों से एमवाय की मर्चूरी में स्ट्रेचर पर पड़ा एक व्यक्ति का शव बुरी तरह सड़ कर कंकाल बन गया। स्ट्रेचर पर पड़े-पड़े शव को कीड़े लग गए थे कीड़ों ने शव को कंकाल के रूप में बदल दिया था। बताते हैं शव की शिनाख्त न होने पर उसे लावारिस मानकर 3 दिन तक परिजन के इंतजार में रखा जाता है। लेकिन, तीन दिन होने के बाद सामाजिक संस्था या एनजीओ द्वारा शव का पुलिस उसे दफना कर अंतिम संस्कार करवा देती है। लेकिन 10 दिनों से इस शव को न तो मर्चूरी के कर्मचारियों ने ध्यान दिया ना ही एमवायएच प्रबंधन ने शव को लेकर सक्रियता दिखाई। अभी तक ये भी स्पष्ट नहीं है कि यह शव किसका है और किसने इसे यहां रखवाया था।

बताते हैं शव की पर्ची भी नहीं थी
सूत्रों की माने तो उक्त शव लावारिस होने के कारण बिना पर्ची के मर्चूरी में रखवा दिया गया था। इसके बाद किसी ने उसकी शिनाख्ती या पहचान के लिए कोई कार्रवाई भी नहीं की। बॉडी कूलर की व्यवस्था न होने से शव को मर्चूरी के हाल में ही स्ट्रेचर पर पन्नी लपेटकर छोड़ दिया। इससे उसमें डिकंपोजीशन शुरू हो गया था। कई बार कर्मचारियों ने शव को लेकर पोस्टमार्टम भवन के डाक्टरों को भी अवगत करवाया लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया इस कारण शव दिन पर दिन सड़ता गया और कीटों ने उसे कंकाल के रूप में परिवर्तित कर दिया। अब मामला सामने आया तो एमवायएच प्रबंधन द्वारा लापरवाही की जिम्मेदारी लेने के बजाए मामले में टालमटोल की जा रही है।

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स्ट्रेचर पर रखा एक शव अंतिम संस्कार के इंतजार में कंकाल बन गया था।

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