कैफे में देर रात एसडीएम ने दी दबिश, 21 साल से कम उम्र के युवा नशे में धुत कर रहे थे डांस, एक के भी चेहरे पर नहीं था मास्क

बार-पब में देर रात तक चलने वाले नाच-गाने और वहां 21 साल से कम उम्र के युवाओं को परोसी जाने वाली शराब को लेकर छह बार-पब के लाइसेंस निलंबित करने के बाद भी संचालक मान नहीं रहे हैं। सोमवार देर रात लसूडिया थाना क्षेत्र के निपानिया में बिना लाइसेंस के शराब परोसे जाने की सूचना पर पुलिस-प्रशासन ने मिलकर एक कैफे पर दबिश देकर शराब परोस रहे संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। इसके साथ ही कैफे को भी सील कर दिया गया।

शराब टेबल पर इस प्रकार से परोसी जा रही थी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नशे के सौदागरों से सख्ती से निपटने के आदेश के बाद पुलिस-प्रशासन लगातार दबिश दे रहा है। एसडीएम अक्षय सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि निपानिया में बैकयार्ड कैफे पर बिना लाइसेंस के देर रात शराब परोसी जा रही है। यहां पर 21 साल से कम उम्र वालों को भी शराब परोसी जा रही है। साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन नहीं हो रहा है। यहां बिना मास्क के ही लाेग पार्टी कर रहे हैं। इस पर हमने दबिश दी तो देखा गया कि यहां खुलेआम डांस के साथ ही शराब परोसी जा रही है। प्रशासन ने 10 बजे तक का समय निर्धारित किया है, इसके बाद भी कैफे खुला हुआ था। मामले में संचालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया गया है। इसके अलावा कैफे को सील कर दिया गया है।

टीम ने दबिश देकर कैफे को सील किया।

21 साल से कम उम्र के युवाओं को पब में एंट्री देने पर लाइसेंस होगा निरस्त
प्रशासन ने सभी बार-पब की थानावार सूची बनाने के आदेश दे दिए हैं। इस सूची के हिसाब से हर बार-पब की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी की ड्यूटी लगाई जाएगी और अधिकारी का नंबर सार्वजनिक होगा। नंबर बार-पब पर भी प्रदर्शित होगा, जिससे बार-पब में नियम विरुद्ध होने वाले कामों की जानकारी कोई भी दे सके। कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया इसके लिए एडीएम अजय देव शर्मा को नोडल अधिकारी बनाया है। कलेक्टर ने कहा किसी भी बार-पब में शर्तों के उल्लंघन की जानकारी मिलने पर लाइसेंस पूरी तरह से निरस्त करने जैसी कार्रवाई भी होगी। वहीं छह बार-पब वालों को आगे इसी शर्त पर आगे खोलने दिया जाएगा कि वह बार लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन नहीं होने देंगे, क्योंकि 21 साल से कम उम्र में ही स्कूल-कॉलेज छात्र आते हैं। बार शर्तों में युवा प्रवेश निषेध होने के बाद भी आने देने पर कलेक्टर ने कहा कि इस मामले में आबकारी विभाग को भी नजर रखनी चाहिए थी। जिन अधिकारियों के क्षेत्राधिकार में यह हो रहा था, उनकी ड्यूटी में गलती हुई है। सभी को समझाइश दे दी है कि आगे से इस तरह से नहीं होना चाहिए।

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कैफे में बिना लाइसेंस के परोसी जा रही थी शराब, सूचना पर पुलिस-प्रशासन की टीम ने दी दबिश।

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