गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा सत्र बुलाने के सवाल को टाल गए; बोले कांग्रेस को सवाल करने का हक ही नहीं, अटक सकता है धर्म स्वतंत्र्य बिल

मध्य प्रदेश के शीतकालीन विधानसभा सत्र को लेकर असमंजस बरकरार है। ऐसा इसलिए क्योंकि अब तक सर्वदलीय बैठक तक नहीं बुलाई गई, जबकि सत्र 28 दिसंबर से प्रस्तावित है। अब सत्र बुलाने को लेकर किए गए सवाल को गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी टाल गए।

उन्होंने कहा कि यह वही कांग्रेस है, जिनके समय सज्जन सिंह वर्मा ने 1 दिन में विधानसभा सत्र खत्म कर दिया था, जिसे बुलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट को निर्देश देना पड़ा था। ऐसे में जिनके घर शीशे के होते हैं, उन्हें दूसरों पर आरोप नहीं लगाना चाहिए। सत्र होगा या नहीं होगा यह तो निर्णय हो जाएगा, लेकिन कांग्रेस तो सवाल करने का भी हक नहीं है। अब तक विधानसभा के 61 कर्मचारी पॉजिटिव हो चुके थे।

सर्वदलीय बैठक भी नहीं बुलाई है

सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए सत्र बुलाने के पहले सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाती है। इसमें सरकार समेत सभी दलों के प्रमुख नेता उपस्थित होते हैं, जो विधानसभा सत्र के द्वारा रखे जाने वाले विधायक और अन्य बातों पर सहमति जाहिर करते हैं। इसके बाद सत्र बुलाया जाता है। 28 दिसंबर से विधानसभा सत्र प्रस्तावित है, लेकिन अब तक सर्वदलीय बैठक नहीं हो सकी है। यह पहले शनिवार दोपहर होनी थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया।

अटक सकता है बिल

मध्यप्रदेश में लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित बिल के ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। इसमें आरोपी को 10 साल की सजा और 1 लाख रुपए तक जुर्माना करना है। इसे 28 दिसंबर को होने वाले विधानसभा सत्र में पेश किया जाना है। अगर विधानसभा सत्र नहीं होता है, तो फिर बिल अटक सकता है।

शिवराज सीहोर में हैं

भाजपा संगठन के सीहोर में हो रहे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत बड़े नेता शामिल हैं। इसमें कैलाश विजयवर्गीय भी पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री से प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने मुलाकात की। हालांकि सर्वदलीय बैठक को लेकर कोई कुछ नहीं बोल रहा है।

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विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर सरकार की तरफ से कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। – फाइल फोटो

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