जबलपुर में ड्रग माफिया के तीन करोड़ कीमत के मकान, दुकान पर चला बुलडोजर, 28 अपराध हैं दर्ज

जिले में माफिया विरोधी अभियान जारी है। बुधवार को एक बार फिर प्रशासन का पंजा ड्रग माफिया के तीन करोड़ के मकान, दुकान पर चले। अधिकतर निर्माण उसने कब्जे कर अवैध तरीके से बनाए थे। तीन कब्जों पर एक साथ कार्रवाई हुई। 40 की उम्र वाले ड्रग माफिया शेखर सोनकर के खिलाफ 28 आपराधिक प्रकरण हनुमानताल में दर्ज हैं। क्षेत्र के एक सफेदपोश के संरक्षण में वह गांजा, शराब, स्मैक का अर्से से अवैध धंधे में संलिप्त होकर फल-फूल रहा था। जानकी नाथ मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर कब्जा कर कराए गए मकान निर्माण पर भी प्रशासन की नजर है।

जेसीबी लगाकर तोड़ा गया कब्जा

कलेक्टर-SP के निर्देश पर पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार कलेक्टर कर्मवीर शर्मा और SP सिद्धार्थ बहुगुणा की जोड़ी ने एक बार फिर माफिया विरोधी अभियान की पटकथा तैयार की। सिंधी कैम्प भानतलैया निवासी ड्रग माफिया शेखर सोनकर के कब्जे की गोपनीय जानकारी जुटाई गई। इसके बाद उसके कब्जे को तोड़ने की कार्रवाई तय हुई। SDM अधारताल ऋषभ जैन के मुताबिक भूमि खसरा नंबर 353 व 354 रकबा 0.747 हेक्टेयर पर ड्रग माफिया शेखर सोनकर ने बिना अनुमति के अवैध तरीके से मकान व दुकान बना लिया था। इसकी कुल कीमत लगभग डेढ़ करोड़ थी।

कब्जे पर चला प्रशासन का पीला पंजा

दो प्रॉपर्टी पत्नी के नाम तो एक शेखर के नाम थी
गोहलपुर के खसरा नम्बर 344 की करीब 3000 वर्गफीट भूमि पर भी शेखर सोनकर द्वारा एक करोड़ की लागत से मकान बना लिया गया था। इसे भी तोड़ा गया। एक दुकान उसने देशी कलारी के लिए अनुबंध किया है। अभी इस दुकान को छोड़ दिया गया है। वह किराए पर मकान चलाता था। तीसरी कार्रवाई सिंधी कैम्प में ही खसरा नंबर 340 में 650 वर्गफीट में दो मंजिला मकान बना लिया था। 50 लाख कीमत वाले इस मकान को भी तोड़ दिया गया। दो उसकी पत्नी के नाम और एक उसके नाम पर प्रॉपर्टी थी।

कब्जा कर किराए से दे रखा था

एक सफेदपोश का खास गुर्गा था शेखर
आरोपी शेखर सोनकर ने गुंडई और पैसों के दम पर जानकी नाथ मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर भी कब्जा कर मकान तान लिया है। इसे भी वह किराए से दे रखा है। प्रशासन ने ट्रस्टी को इसकी शिकायत करने के लिए कहा है। इसके बाद इसे भी तोड़ने की कार्रवाई हुई। क्षेत्र के एक सफेदपोश का शेखर सोनकर खास गुर्गा था। उनके ही संरक्षण में वह खुलेआम शराब, स्मैक व गांजा बेचता था। पुलिस चाह कर भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती थी। जैसे ही कोई टीम उसके अड्‌डों पर जाती थी, अधिकारियों के फोन घनघना जाते थे।

कार्रवाई के दौरान मौजूद एएसपी अमित कुमार, आरआई सौरव तिवारी

माफिया विरोधी अभियान ने दिया मौका
सफेदपोश की राजनीतिक हार और CM के माफिया विरोधी अभियान में प्रशासन को मौका दे दिया। 40 वर्षीय शेखर के ऊपर कुल 28 प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं। चार बार तो उसका जिला बदर हो चुका है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी देने, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, आबकारी एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं। कार्रवाई के दौरान ASP अमित कुमार, तहसीलदार राजेश सिंह, नायब तहसीलदार संदीप जायसवाल, दिलीप चौरसिया, CSP, अधारताल, कई थानों के TI, पुलिस लाइन के RI अपने बल के साथ और नगर निगम का अमला कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

ड्रग माफिया के कब्जों पर चला प्रशासन का हथौड़ा

Related Posts