जबलपुर में बढ़ीं मौतें, श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए वेटिंग; इसलिए जमीन पर चिता बनाकर किया अंतिम संस्कार

जबलपुर के रानी ताल श्मशान घाट में दाह संस्कार के लिए प्लेटफार्म नहीं मिला तो परिजनों ने शव को जमीन पर चिता बनाकर अंतिम संस्कार कर दिया। प्रशासन का कहना है कि चार श्मशानों में अब हर दिन औसत से तीन गुना शव आ रहे हैं। इनमें सामान्य मौतें और कोविड संक्रमित भी शामिल हैं। जमीन पर शव के अंतिम संस्कार का वीडियो हुआ वायरल हो गया है। शहर के मुक्तिधामों में जगह कम पड़ने लगी है। इसलिए अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफार्म नहीं मिलने पर जमीन पर अंतिम संस्कार कराना पड़ रहा है।

जबलपुर में हर रोज चार श्मशान घाटों में 20 अंतिम संस्कार हो रहे हैं। कोरोना मरीजों की वजह से अस्पताल फुल हैं और कोरोना के अलावा दूसरी बीमारी वाले लोगों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।

कोरोना का कहर जारी है
जबलपुर में हर रोज कोरोना के 100-150 नए मामले आ रहे हैं। मंगलवार को 165 नए केस सामने आए थे, इससे कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 6 हजार पार करते हुए 6018 हो गया है। वहीं हर रोज 2-3 मरीज कोरोना संक्रमण से मर रहे हैं। अब तक जबलपुर में 108 लोगों की मौत हो गई है और कोरोना से मौत के मामले में जबलपुर प्रदेश में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। एक्टिव मरीज के मामले 1255 हैं।

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जबलपुर में कोरोना से होने वाली मौतें बढ़ गई हैं, जिससे यहां पर जमीन पर चिता बनाकर अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।

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