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टेक-अवे की सुविधा के साथ 190 दिन बाद रात से खुली चौपाटी; मसाला डोसा, फरियाली खिचड़ी और दहीबड़ा की डिमांड रही

शहर में रात में लगने वाली सराफा चौपाटी 24 मार्च को लॉकडाउन के साथ ही बंद हो गई थी। इसके 190 दिन बाद मंगलवार रात करीब साढ़े 9 बजे से यह टेक-अवे की शर्त के साथ लगना शुरू हुई। हालांकि पहली रात को काफी कम लोग ही यहां पहुंचे। इसके बावजूद मसाला डोसा, फरियाली खिचड़ी और दहीबाड़ा की सबसे ज्यादा डिमांड रही। इसके बाद नंबर आया रबड़ी और गुलाब जामुन के साथ मालपुए का। जिसे कई लोगों ने घर के लिए पैक करवाए। हालांकि चौपाटी पर उन्हें चायनीज आयटम के साथ आलू ट्विस्टर नहीं मिले।

लोगों ने मसाला डोसा का आनंद उठाया।

दिन में लगने वाला सराफा बाजार की दुकानें शाम 7 बजे ही बंद हो गई। इसके बाद जब सराफा की दुकानें बंद हुईं तो रात लगभग 8 बजे से ही सराफा में सभी चाट की दुकानें लगाने वाले अपना सामान लेकर ठेले, ऑटो रिक्शा से पहुंचने लगे थे। जहां दुकान लगाने वालों के चेहरे पर लगे मास्क में से भी उनकी खुशी साफ नजर आ रही थी तो लोग भी वहां खड़े होकर दुकानें लगने का इंतजार कर रहे थे।

दुकानें सजने के साथ ही लंबे अर्से के बाद एक बार फिर सराफा चौपाटी शुरू हो गई, लेकिन लॉक डाउन के पहले जैसी रौनक लौटने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा। लोग यहां पर खाने के बजाए अपना सामान पैक करवाकर घर ले जा रहे हैं। कैप, एप्रिन और ग्लव्स के साथ अब दुकान संचालक मुंह पर मास्क भी लगाए हुए थे। क्लीन स्ट्रीट फूड हब की रैंकिंग पाने के लिए यहां की 140 दुकानों ने लाॅकडाउन के पहले से ही तैयारी कर ली थी। यही कारण था कि कोरोना वायरस के संक्रमण के दौरान अब जब दुकानें खुली हैं तो दुकान संचालकों को ज्यादा तैयारियां भी नहीं करनी पड़ी।

खाली रही चौपाटी, कार के साथ बाइक से घूमते रहे लोग

रात को सराफा चौपाटी तो खुली, लेकिन यहां पर केवल मुट्ठीभर दुकानें ही खुलीं। साथ ही ग्राहक भी बमुश्किल ही पहुंचे। सभी दुकानों के साथ सराफा नहीं खुलने के कारण लोग पूरे सराफा में कार के साथ बाइक लेकर भी पहुंच गए। सराफा चौपाटी चलने के दौरान यहां पर ठीक से चलना भी मुश्किल होता था। रात को लगभग 11.30 बजे यहां पर नगर निगम और पुलिस की गाड़ियां भी घूमती रहीं।

लंबे समय से कर रहे थे इंतजार

रात्रि कालीन सराफा चौपाटी एसोसिएशन के अध्यक्ष राम गुप्ता अपने एसोसिएशन के बैनर तले लंबे समय से सराफा को 56 की टेक-अवे की सुविधा की तर्ज पर खोलने की मांग कलेक्टर मनीष सिंह और सभी जनप्रतिनिधियों से करते आ रहे थे। इसी कड़ी में सोमवार को प्रशासनिक मंजूरी के बाद इसे शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। कोरोना महामारी के कारण इन 140 दुकानों से जुड़े लगभग 200 परिवारों के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हो गया था।

अन्नपूर्णा पान भंडार के लोकेश यादव ने बताया कि चौपाटी तो खुल गई, लेकिन माहौल बनने में अभी समय लगेगा। लॉक डाउन के बाद पहले दिन ग्राहकों का काफी अच्छा सहयोग मिला। बुधवार से ग्राहकी बढ़ने से सराफा चौपाटी में फिर से उठाव आएगा। यहां पर पार्सल सुविधा को लेकर ग्राहकों का भी अच्छा सहयोग मिला।

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लंबे समय बाद सराफा चौपाटी से गुलाब जामुन पैक करवाकर अपने साथ ले गए लोग।
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