दुष्कर्म के आरोपी आरक्षक की मदद करने वाले दोनों आरक्षक गिरफ्तार, बर्खास्तगी की तैयारी

दुष्कर्म के आरोपी आरक्षक को बचाने के लिए साथी आरक्षक के वीर्य और खून के नमूने डीएनए टेस्ट के लिए देने के मामले में सोमवार को नया मोड़ आ गया। एसपी ने बताया कि आरक्षक के बजाए आरोपी का एक रिश्तेदार नमूने देने के लिए अस्पताल आया था। हालांकि आरोपी को मेडिकल के लिए ले जाने वाली महिला सब इंस्पेक्टर की सूझबूझ के चलते मामले का खुलासा हो गया और रिश्तेदार सहित दो साथी आरक्षकों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। आरक्षकों के बर्खास्तगी की कार्रवाई के लिए लिखा पढ़ी शुरू हो चुकी है। सोमवार को साथ देने वाले दोनों आरक्षकों और रिश्तेदार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

एसपी सत्येंद्र शुक्ल ने जैसा बताया

एसपी ने पूरे मामले में सोमवार को खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि दुष्कर्म के आरोपी आरक्षक अजय अस्तेय को शनिवार को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल नीलगंगा थाने की सब इंस्पेक्टर हेमलता लेकर गई थीं। वहां पहले से ही महिला थाने का आरक्षक तबरेज और नीलगंगा थाने का आरक्षक घनश्याम मौजूद था। आरोपी अजय का एक रिश्तेदार बलराम सूर्यवंशी भी वहां खड़ा था। वीर्य और खून के नमूने लेने के लिए जब डॉक्टर ने आरोपी को बुलाया तो घनश्याम और तबरेज ने अजय के बजाए बलराम को अंदर भेज दिया। डॉक्टर अजय को पहचानते नहीं थे इसलिए बलराम को ही अजय मानकर उनके नमूने लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसी बीच एसआई हेमलता ने देखा कि अजय तो बाहर ही खड़ा है तो अंदर नमूना देने कौन गया। हेमलता ने डॉक्टर से पूछा कि आप किसके नमूने ले रहे हैं तो जवाब दिया कि जिसे आप लेकर आईं हैं। एसआई ने कहा कि यह तो आरोपी नहीं है। इतना सुनते ही डॉक्टर भड़क गए। एसआई ने भी इसकी जानकारी थाने के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी। इस तरह से मामला समय रहते खुल गया।

बर्खास्तगी की कार्रवाई की तैयारी

एसपी ने बताया कि उसी वक्त आरक्षक तबरेज व घनश्याम और बलराम सूर्यवंशी को हिरासत में ले लिया गया। जांच के बाद तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि तीनों को इसी मामले में मिथ्या साक्ष्य गढ़ने के आरोप में सह आरोपी बनाया गया है। आरक्षक तबरेज और घनश्याम की बर्खास्तगी के लिए तीन से चार दिन के भीतर पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

तीन साल पहले ही हुए थे भर्ती

एसपी ने बताया कि दुष्कर्म का आरोपी अजय और उसके साथ आरक्षक तबरेज व घनश्याम तीन साल पहले ही पुलिस में भर्ती हुए थे।

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प्रतीकात्मक फोटो

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