पिता ने बेटी, उसके प्रेमी को मारा था थप्पड़, प्रेमी बोला- देख लूंगा; रतलाम से पकड़ाए एक लाख रुपए लेकर राजस्थान भाग रहे दोनों हत्यारे

एसएएफ के ड्राइवर ज्योति प्रसाद शर्मा और उनकी पत्नी की हत्या के आरोपी दंपती की बेटी और उसका प्रेमी देर रात पुलिस गिरफ्त में आ गए। हत्या के बाद दोनों बाइक से रतलाम-मंदसौर के रास्ते राजस्थान भागने की फिराक में थे। रुक्मणि नगर में गुरुवार तड़के 5 बजे हुए इस सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपियों की तलाश के लिए इंदौर पुलिस ने 5 टीमें गठित की थीं। साइबर सेल भी एक्टिव था, इससे 12 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ लिया गया। उनके पास से करीब एक लाख रुपए मिले हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

सुबह बेटे ने ताला तोड़ा तो कमरा खून से सना हुआ था।

शाम करीब 4 बजे मोबाइल ऑन किया, हो गए ट्रैस
मिली जानकारी अनुसार प्लानिंग के तहत हत्या के बाद बेटी और उसका प्रेमी डीजे बाइक से इंदौर से रतलाम के रास्ते राजस्थान भाग निकले। उन्होंने अपना मोबाइल बंद कर रखा था। हालांकि बीच रास्ते में शाम करीब 4 बजे प्रेमी ने अपना मोबाइल ऑन किया तो साइबर सेल को इनकी लोकेशन का पता चल गया। उन्होंने तत्काल रतलाम पुलिस को फोटो भेजकर एक्टिव कर दिया। इसके बाद एक टीम भी इसी रास्ते पर रवाना हो गई। पकड़ने के बाद पुलिस दोनों को लेकर इंदौर के लिए रवाना हो गई।

हत्या के बाद बाहर का ताला लगाकर भागे थे, बेटे ने पत्थर से तोड़ा था।

देर रात आलाधिकारी भी एरोड्रम थाने पहुंचे
आरोपियों के गिरफ्त में आते ही देर रात आलाधिकारी उनसे पूछताछ के लिए थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। परिवार का बेटी को डीजे से न मिलने देना और हाल ही में दोनों को थप्पड़ मारना ही हत्या की वजह रही। पुलिस ने आरोपियों से हत्या की प्लानिंग के बारे में पूछताछ की है।

हत्या के बाद प्रेमी के कहने पर लिखा लेटर
पता चला है कि जिस लेटर के जरिए बेटी ने पिता पर गंभीर आरोप लगाए थे। वह लेटर हत्या के बाद लिखा गया था। लड़की ने ऐसा प्रेमी के कहने पर किया। पुलिस को लेटर मिलने के साथ ही इस बात का शक हो गया था कि लेटर केस को गुमराह करने के लिए लिखा गया है। इसलिए उसने शुरू से ही इस बात को फर्जी बताया था।

पहले मां को मारा, फिर पिता की हत्या की
सूत्रों के अनुसार प्लानिंग पहले की कर ली गई थी। रात में जब भाई दादा के कमरे में सोने गया तो बेटी ने प्रेमी को एक्टिव कर दिया। इनकी लगातार फोन के जरिए चैटिंग होती रही। सुबह प्रेमी को बुलाने के साथ ही बेटी कुत्ते को लेकर बाहर निकल गई और इसी दौरान प्रेमी घर के भीतर घुस गया। प्रेमी के भीतर जाते ही बेटी ने कुत्ते को गेट पर बांधा और भीतर चली गई। इसके बाद इन्होंने पहले मां का मुंह दबाया और हत्या कर दी। आवाज सुन गहरी नींद में सो रहे पिता की आंख खुली तो डीजे ने उन पर भी हमला कर दिया। चिल्लाने की आवाज होने पर बात को मैनेज करने के लिए बेटी दौड़कर बाहर आई और कुत्ते को लेकर गेट के सामने ही लेकर टहलने लगी। इस दौरान बाहर आए पड़ोसियों ने चिल्लाने का कारण पूछा तो बेटी ने कह दिया दोनों लड़ रहे हैं। हत्या करने के बाद डीजे का इशारा पाते ही बेटी भीतर गई और उसके बाद दोनों वहां से भाग निकले।

बेटे ने खिड़की से झांका तो माता-पिता मृत पड़े थे।

एक लाख रुपए और कपड़े लेकर भागे
मां-बाप को मारने के बाद बेटी अपने प्रेमी के साथ दो पहिया वाहन से यहां से रवाना हो गई। जाते-जाते उसने कुछ कपड़े और रुपए भी रख लिए थे। बताया जा रहा है कि पकड़ में आए दाेनों आरोपियों के पास से पुलिस को करीब एक लाख रुपए मिले हैं। पुलिस ने घटना को रिवाइज किया तो यह बात पुख्ता हो गई कि इन्होंने पहले मां को मारा था। क्‍योंकि घटना में जहां पुलिस को एक शव पलंग पर और दूसरा जमीन पर पड़ा हुआ मिला था।

यह है मामला
रुक्मणि नगर में रहने वाले एसएएफ के ड्राइवर ज्योति प्रसाद शर्मा और उनकी पत्नी नीलम की गुरुवार सुबह रक्तरंजित लाश कमरे में पड़ी मिली थी। ज्योति के सिर पर दो दर्जन से ज्यादा वार किए गए थे। बचने के लिए उन्होंने तीन बार हाथ बढ़ाया, लेकिन आरोपी ने तीनों बार उनका हाथ काटा। उनकी पत्नी के सिर पर भी 10 से ज्यादा वार किए गए थे, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई। शार्ट पीएम रिपोर्ट के अनुसार उन पर बक्के, दरातें या तलवार जैसे किसी भारी हथियार से वार किया था। घाव देख लग रहा है कि आरोपी लगातार वार करता रहा, जिससे वे बच नहीं पाए। पोस्टमॉर्टम के दौरान पता चला है कि दंपति को बेरहमी से मारा गया था।

कुत्ता घुमाने का बहना कर अलसुबह बेटी ने गेट खोल प्रेमी को भीतर किया।

डीजे से राेज मिलती थी
मोहल्ले के युवाओं ने बताया कि डीजे गली में किसी युवक के यहां आता-जाता था। इसी दौरान मृतक की नाबालिग बेटी का उससे अफेयर शुरू हुआ। पिता को इसकी भनक लगी तो उन्होंने बेटी पर बंदिशें लगानी शुरू किया, लेकिन बेटी नहीं मानती थी। वह रोजाना डीजे से संपर्क में रहती थी। पता चला है कि दो दिन पहले भी उन्होंने बेटी और डीजे का साथ देखा था। विवाद हुआ और डीजे ने देख लेने की बात कही थी।

बेटे ने देखा था सबसे पहले घटना
बेटे रिषभ ने बताया था कि मैं रोज की तरह दादा-दादी के घर सो रहा था। पता चला कि मां का दरवाजा नहीं खुला है। मैं बाहर से आया। देखा कि अंदर के दरवाजे पर ताला लगा है। खिड़की से झांका तो देखा कि पापा नीचे और मम्मी पलंग पर पड़े थे। दोनों के शव चद्दर से लिपटे हैं और सिर में खून निकल रहा है। मुझे कुछ नहीं सूझा। मैंने बाहर जाकर पत्थर उठाया और ताला तोड़ दिया। फिर चाचा को फोन लगाया। फिर पड़ोसी आए और किराएदार ने पुलिस को फोन लगाया।

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पुलिस जवान ज्योतिप्रसाद और उनकी पत्नी नीलम की बेटी और उसके प्रेमी ने मिलकर हत्या कर दी।

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