पुलिस बोली- विधायक का फोन बंद, मसूद ने भास्कर से फोन पर कहा- अभी कुछ नहीं बोलूंगा, हाईकोर्ट में दी है वारंट को चुनौती

भोपाल के इकबाल मैदान में फ्रांस के राष्ट्रपति के खिलाफ प्रदर्शन और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। भोपाल कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट को मसूद ने जबलपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी है। वारंट जारी होने के बाद भोपाल पुलिस मसूद की तलाश कर रही है।

भास्कर ने तलैया पुलिस से विधायक की गिरफ्तारी को लेकर किए गए प्रयास के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि विधायक मसूद का फोन बंद है। जहां से भी सूचना मिल रही है, हम वहां पर जा रहे हैं, लेकिन अब तक विधायक नहीं मिले। वहीं विधायक आरिफ मसूद ने भास्कर से बातचीत में कहा कि कोर्ट के गिरफ्तारी वारंट पर कुछ नहीं बोलूंगा। हाईकोर्ट में याचिका लगाई है, उसकी सुनवाई के बाद ही कुछ बोलूंगा।

बता दें कि भोपाल की विशेष अदालत ने विधायक मसूद के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। बिहार में अपनी पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए जाने के बाद से ही पुलिस को विधायक आरिफ मसूद नहीं मिल रहे हैं।

इकबाल मैदान में प्रदर्शन के बाद कब क्या हुआ…

4 नवंबर को आरिफ मसूद सहित सात लोगों के खिलाफ तलैया थाना पुलिस ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में धारा-153-ए के तहत केस दर्ज किया है। मसूद कांग्रेस पार्टी की तरफ से बिहार में चुनाव प्रचार के लिए गए थे। उसके बाद से राजधानी वापस नहीं लौटे हैं। हालांकि विशेष न्यायालय से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद मसूद की ओर से जबलपुर हाइकोर्ट में जमानत याचिका लगाई है।

17 नवंबर यानि मंगलवार को भोपाल की स्पेशल कोर्ट ने धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में आरोपित मसूद का गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। इसके पूर्व इसी अदालत ने 7 नवंबर को मसूद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। मसूद पर इकबाल मैदान में दो हजार लोगों की भीड़ जमा करने और धार्मिक भावनाएं भड़काने का आरोप है। पुलिस इस मामले में आरोपी छह अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। लेकिन विधायक मसूद तक नहीं पहुंच पाई है। इसके लिए थाना स्तर पर टीम बनाई गई है।

तलैया थाना प्रभारी दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि जहां से भी सूचना मिल रही है, वहां पर जा रहे हैं, लेकिन वह मिले नहीं। उनके घर पर भी गए थे, लेकिन वहां भी मसूद नहीं मिले। उनका फोन बंद है।

29 अक्टूबर को किया था प्रदर्शन
इकबाल मैदान में आरिफ मसूद की अगुवाई में फ्रांस की घटना के विरोध में करीब दो हजार लोग इकट्ठे हुए थे। इस दौरान अधिकांश लोग मास्क नहीं लगाए थे। तय शारीरिक दूरी का भी पालन नहीं किया गया था। तलैया थाना पुलिस ने उसी दिन आरिफ मसूद और अन्य के खिलाफ धारा-188 के तहत केस दर्ज कर लिया था। दो दिन बाद इस केस में धारा-269,270 और आपदा प्रबंध अधिनियम-51 बी का इजाफा किया गया था। तब इन मामलों में गिरफ्तार हुए मसूद को थाने से जमानत मिल गई थी।

चार नवंबर को दर्ज हुआ 153 ए के तहत केस
चार नवंबर को धर्म संस्कृति समिति के महामंत्री दीपक रघुवंशी की शिकायत पर तलैया थाना पुलिस ने मसूद और छह अन्य लोगों के खिलाफ धारा-153 ए के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत में आरोप है कि इकबाल मैदान में प्रदर्शन के दौरान फ्रांस का झंडा और वहां के राष्ट्रपति का पुतला जलाया था। साथ ही भीड़ को संबोधित करते हुए बोला था कि केंद्र और राज्य की हिंदूवादी सरकार के मंत्री भी फ्रांस के कृत्य का समर्थन कर रहे हैं। सरकार ने फ्रांस का विरोध नहीं किया, तो हम हिंदुस्तान में भी ईंट से ईंट बजा देंगे। रघुवंशी ने शिकायत में कहा था कि आरिफ मसूद के इस कृत्य से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

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विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ भोपाल की स्पेशल कोर्ट जारी कर चुकी है गिरफ्तारी वारंट।

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