बगीचे में 6 से ज्यादा कौवे मरे हुए मिले, पशुपालन विभाग का दावा- बीमारी इंसानों के लिए घातक नहीं

शहर में भी बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। कार्तिक मेला ग्राउंड के कालिदास उद्यान में मंगलवार सुबह जमीन पर मृत अवस्था में पड़े करीब आधा दर्जन कौवों को देखा गया। मॉर्निंग वॉक पर निकले वकील हेमंत उपाध्याय और देवेंद्र शर्मा ने मरे कौवों को देखने के बाद प्रशासन को सूचना दी।

पशुपालन विभाग के उप संचालक डॉ हरिवल्लभ त्रिवेदी ने बताया कि उज्जैन के विभिन्न क्षेत्रों में कौवों के मरने की सूचनाएं मिली हैं। इससे घबराने की जरूरत नहीं है। यह बीमारी मनुष्यों के लिए घातक नहीं है। सर्दियों के मौसम में पक्षियों को एवियन इंफ्लूएंजा नाम की बीमारी होती है, जिससे पक्षियों की मौत होती है। यह बीमारी मनुष्यों के लिए घातक नहीं है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 26 कौवों की मौत हो चुकी है। उनके सैंपल भोपाल लैब भेजे गए हैं। अभी तक मोरों के मरने की खबर नहीं है।

कौवों को जमीन में दफन करें, प्रभावित क्षेत्रों को सैनेटाइज कराएंगे

डॉ त्रिवेदी ने आम लोगों से अपील की है कि मृत कौवों को खुले में न छोड़ें, उन्हें जमीन में दफन कर दें। विभाग प्रभावित क्षेत्रों में दवाओं का छिड़काव कराएगा। ताकि पक्षियों में यह बीमारी फैलने नहीं पाए। उन्होंने कहा कि इस समय खेतों में चना व मटर की फसल है। किसान उन पर कीटनाशक दवाओं का ज्यादा मात्रा में प्रयोग करते हैं। पक्षी चना और मटर के दाने खाते हैं और कीटनाशकों के प्रभाव में आने के बाद उनकी मौत होती है।

इन क्षेत्रों में मृत मिले कौवे

उज्जैन के शिप्रा नदी के रेती घाट, कार्तिक मेला ग्राउंड के कालिदास उद्यान, नगर निगम के विद्युत शवदाह गृह परिसर, घटि्टया तहसील के पान विहार और खाचरौद में।

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कार्तिक मेला ग्राउंड के कालिदास उद्यान में मृत मिले कौवे

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