बिन ब्याही बेटी के मां बनने की बात छुपाने नवजात को मारा; अयोध्या नगर स्थित मंदिर में मिला था शव; नाना-नानी गिरफ्तार

चार दिन पहले नवजात बच्ची की हत्या कर उसे शिव मंदिर प्रांगण में फेंकने वाले दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल बच्ची की नानी ने ही अपनी बेटी के अवैध संबंध की बात छिपाने के लिए डिलीवरी के बाद नवजात की सर्जिकल ब्लेड और चाकू से हत्या कर दी थी। इसके बाद बच्ची के शव को नाना ने अयोध्या नगर जी सेक्टर स्थित मंदिर प्रांगण में ले जाकर रख दिया था। आशा कार्यकर्ताओं और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची और इस अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

अयोध्या नगर पुलिस ने 28 सितंबर की सुबह शिव मंदिर प्रांगण से नवजात बच्ची का शव बरामद किया था। शव को शाॅल में लपेटकर फेंका गया था। बच्ची के शरीर पर नुकीली वस्तु के घाव थे। शव पर स्ट्रीट डाॅग द्वारा नोंचे जाने के भी निशान थे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। एएसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार पुलिस ने चार दिन की छानबीन के बाद एल सेक्टर, अयोध्या नगर बस्ती से 55 वर्षीय एक महिला और 58 वर्षीय उसके पति को गिरफ्तार किया है। महिला ने अपनी बेटी के अवैध संबंध छिपाने के लिए उसकी घर में डिलीवरी कराई और बाद में सर्जिकल ब्लेड और चाकू से नवजात बच्ची की हत्या कर दी थी। महिला के पति ने बच्ची का शव मंदिर प्रांगण ठिकाने लगाया था।

डॉक्टर ने कर दिया था गर्भपात करने से इनकार
एएसपी भदौरिया ने बताया कि आरोपी दंपती छह महीने पहले तक अयोध्या नगर जी सेक्टर में किराए के मकान में परिवार के साथ रहते थे। इस दौरान उनकी 19 वर्षीय बेटी की पहचान मूलत: रायसेन निवासी बहादुर यादव से हुई थी। बहादुर ने जनवरी में बहला फुसलाकर उससे शारीरिक संबंध बनाए थे, जिससे वह गर्भवती हो गई थी। जून में पेट में दर्द होने पर परिजनों को इस बात का पता चला। डाॅक्टर ने जान को खतरा बताते हुए गर्भपात करने से इनकार कर उन्हें सुल्तानिया अस्पताल जाने की सलाह दी थी। इसके बाद महिला ने बेटी को लोगों की नजर से बचाने के लिए उसे अलग झुग्गी में तीन महीने तक रखा।

डिलीवरी में दाइयों की मदद के लिए जाती थी आरोपी महिला
आरोपी महिला, दाइयों के साथ डिलीवरी कराने जाती थी। उसकी बेटी को 27 सितंबर की रात जब प्रसव पीड़ा हुई तो महिला ने रात एक बजे झुग्गी में डिलीवरी करा दी। इसके बाद उसने ब्लेड से बच्ची के शरीर पर 6-7 घाव किए, लेकिन जब बच्ची को कुछ नहीं हुआ तो उसने सर्जिकल चाकू मार दिया। सुबह चार बजे बच्ची ने आखिरी सांस ली तो महिला ने लेडीज शाॅल में उसका शव लपेटकर अपने पति को ठिकाने लगाने के लिए दे दिया।

सीसीटीवी और आशा कार्यकर्ताओं की मदद से पुलिस ने खोला राज
एएसपी के अनुसार आरोपियों की तलाश के लिए 5 टीम लगाई गईं थी। टीम ने 5 किमी के दायरे के 27 अस्पताल के अलावा दाइयों द्वारा कराई गईं डिलीवरी, अन्य किसी माध्यम, जेपी और सुल्तानिया अस्पताल में हुई डिलीवरी की छानबीन की थी। आंगनबाड़ी की आशा कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया था। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक युवक का हुलिया मिला था। इसी आधार पर पुलिस आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से आरोपियों तक पहुंची।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

बच्ची के शरीर पर थे ब्लेड व चाकू के कई घाव।

Related Posts