भोपाल में 15 साल की लड़की से 16 साल के लड़के ने दुष्कर्म किया; परिजन कार्रवाई नहीं चाहते थे, काउंसिलिंग के बाद आरोपी का नाम बता पाई

भोपाल में 15 साल की लड़की से शादी समारोह में रेप किए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी भी नाबालिग है, जिसकी उम्र 16 से 17 साल है। इस पूरे मामले का खुलासा सुल्तानिया में पहुंचने के बाद हुआ। बच्ची को पेट में दर्द था, उसे लेकर पिता अबॉर्शन कराने पहुंचे थे। पुलिस को बच्ची की काउंसलिंग करने में 3 दिन का वक्त लग गया, तब जाकर पुलिस घटना और आरोपी का पता लगा पाई। पुलिस अब इस मामले में बच्ची और आरोपी दोनों की काउंसलिंग कर रही है।

निशातपुरा थाने की एसआई उर्मिला यादव के अनुसार, 3 दिन पहले सुल्तानिया अस्पताल से रात 2 बजे एक कॉल आया। उन्होंने बताया कि एक नाबालिग अपने पिता के साथ अबॉर्शन कराने आई है। उर्मिला यादव उस समय ड्यूटी करके घर ही पहुंची थी। सूचना मिलते ही तत्काल सुल्तानिया अस्पताल पहुंच गईं। पुलिस ने बच्ची को कस्टडी में लिया और उसकी काउंसलिंग शुरू कर दी। बच्ची माता-पिता के साथ करोंद में किराए के मकान में रहती है।

लड़की बस इतना कह पा रही थी कि बैरसिया के एक गांव में अपने मामा की लड़की की शादी में मई में शामिल होने गई थी। रात को बरात लगने के दौरान उसके साथ एक लड़के ने रेप किया था। उसने धमकाते हुए कहा था कि अगर वह किसी को कुछ बताती है तो उसकी बदनामी होगी। इस डर से बच्ची ने किसी से कुछ नहीं कहा। इस दौरान वह गर्भवती हो गई। उसे करीब 4 महीने गर्भ से है। कई बार मां के पूछने के बाद भी उसने कुछ नहीं बताया। 3 दिन पहले पेट में ज्यादा तकलीफ होने के कारण वह अपने पिता के साथ सुल्तानिया पहुंची थी। उन्हें लगा था कि यह प्राइवेट अस्पताल है। यहां पर अबॉर्शन हो जाएगा। किसी को कुछ पता नहीं चलेगा।

आरोपी का नाम पता करने में पुलिस को आ गया पसीना
बच्ची पूछताछ में आरोपी का नाम छिपाती रही। वह केवल इतना बोल रही थी कि उसे नहीं पता बरात में कौन-कौन लोग आए थे। अंधेरे के कारण वह नहीं देख पाई कि किसने उसके साथ रेप किया। काफी पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंच पाई। पुलिस ने जब उसे पूछताछ के लिए निशातपुरा थाने बुलाया तो वह भी नाबालिग निकला। पुलिस ने आरोपी को काउंसलिंग के लिए बैरसिया पुलिस के हवाले कर दिया।

माता-पिता ने कहा हम बदनामी नहीं चाहते
इससे पहले माता-पिता ने किसी भी तरह की कार्रवाई किए जाने से मना कर दिया था। उनका कहना था कि यह समाज का मामला है और वह नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी की बदनामी हो। अब जो होना था, वह हो गया। उसके लिए वे कुछ नहीं कर सकते हैं। पुलिस को माता-पिता की भी काउंसलिंग करनी पड़ी। इसमें कई रिश्तेदार भी आगे आए और उन्होंने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। निशातपुरा पुलिस ने मामले में घटनास्थल बैरसिया का होने के कारण एफआईआर शून्य पर दर्ज करके केस डायरी जांच के लिए बैरसिया पुलिस को सौंप दी।

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भोपाल की निशातपुरा पुलिस ने शून्य पर कायमी कर केस डायरी बैरसिया पुलिस को सौंप दी है।

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