विक्रांत भूरिया बने युवक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष, संजय सिंह को 20420 वोट से हराया

युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत भूरिया बन गए हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी संजय सिंह को 20420 वोट से हराया है। भूरिया को कुल 40850 वोट मिले। प्रदेश अध्यक्ष पद की दौड़ में 9 उम्मीदवार थे। अध्यक्ष के बाद संजय सिंह को सबसे अधिक 20430 वोट मिले, उन्हें वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। जबकि अजीत बोरासी, प्रतिमा मुदगल और विपिन वानखेड़े को उपाध्यक्ष पद से संतोष करना पड़ा। विवेक त्रिपाठी सहित अध्यक्ष पद के 6 उम्मीदवारों को सचिव बनाया गया है। युवक कांग्रेस के नव निर्वाचित अध्यक्ष विक्रांत भूरिया विधानसभा चुनाव हार चुके हैं। पार्टी ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में झाबुआ से टिकट दिया था, लेकिन वे भाजपा के जीएस डामोर से हार गए थे। इसके बाद डामोर सांसद बन गए। जब यह सीट खाली हुई तो विक्रांत के पिता कांतिलाल भूरिया चुनाव जीत कर विधायक बन गए।

नव निर्वाचित अध्यक्ष विक्रांत भूरिया को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुभकामनाएं दी है। उन्होंने सोशल मीडिया में लिखा है कि उम्मीद करता हूँ कि आप सभी युवाओं की आवाज़ बनकर पार्टी की रीति- नीतियों के अनुरूप जनहित के लिये संघर्ष करते रहेंगे।

मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस को पांच साल बाद नया अध्यक्ष मिला है। अब तक विधायक कुणाल चौधरी अध्यक्ष रहे। मध्य प्रदेश में 7 साल बाद युवक कांग्रेस के चुनाव हुए हैं। इसके लिए 10, 11 व 12 दिसंबर को मतदान हुआ था। इस चुनाव में 3 लाख 50 हजार सदस्यों में से 1 लाख 10 हजार 821 ने ऑनलाइन मतदान में हिस्सा लिया। प्रदेश अध्यक्ष के लिए 9 उम्मीदवार मैदान में थे। हालांकि नामांकन 12 उम्मीदवारों ने भरा था, लेकिन अध्यक्ष पद के प्रबल दावेदार विधायक विपिन वानखेड़े ने मतदान से ठीक एक दिन पहले नाम वापस ले लिया था।

चुनाव परिणाम

कुल वोट पड़े 1, 11, 821

रिजेक्ट वोट 5166

नाम पद

वोट मिले

विक्रांत भूरिया

अध्यक्ष 40850
संजय सिंह उपाध्यक्ष 20430
अजीत बोरासी उपाध्यक्ष 13204
प्रतिमा मुदगल(महिला उपाध्यक्ष 2534
विपिन वानखेडे (एससी) उपाध्यक्ष 1988
विवेक त्रिपाठी सचिव 9827
जावेद मोहम्मद सचिव 5037
सिद्वार्थ कुश्वाहा सचिव 4886
वंदना बैन सचिव 1584
अंकित डोली सचिव 1069
मौना कौरव सचिव 881

2011 से हुई थी चुनाव के जरिए पदाधिकारियों के चयन शुरुआत

कांग्रेस की इकाई युवा कांग्रेस में वर्ष 2011 में चुनाव की शुरुआत हुई थी। मप्र युवा कांग्रेस में पहले निर्वाचित अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह थे, जो बाद में कमलनाथ सरकार में ऊर्जा मंत्री भी बने। उस समय दो साल का कार्यकाल था। अगस्त 2013 में दूसरे प्रदेश अध्यक्ष कुणाल चौधरी बने। कुणाल चौधरी अभी विधायक हैं। उनका कार्यकाल 2015 में समाप्त हो रहा था, लेकिन तब कांग्रेस ने अध्यक्ष का कार्यकाल दो साल के बजाय तीन साल कर दिया था। हालांकि 2016 में भी युवा कांग्रेस के चुनाव नहीं हुए और कुणाल अब तक अध्यक्ष हैं।

शिकायतों की जांच राष्ट्रीय प्रभारी अलुवेरा करेंगे

चुनाव में धांधली होने की शिकायतें की गई हैं, जिसकी जांच युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रभारी कृष्णा अलुवेरा करेंगे। दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष पद के उम्मीदवार विवेक त्रिपाठी ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि वोटिंग के बाद नए नियम जारी किए गए थे। शिकायत में कहा गया कि चुनाव से पहले तक सदस्य बनाए गए, लेकिन 2018 की वोटर लिस्ट के आधार पर ऑनलाइन वोटिंग करा दी गई। जबकि 27 फरवरी 2020 को ऑनलाइन मेंबरशिप शुरू की गई, जिसकी फीस 125 रुपए प्रति जमा कराई गई।

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जीत के बाद पिता कांतिलाल भूरिया के साथ विक्ट्री का निशान बताते विक्रांत भूरिया और अन्य।

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