वेतन को लेकर हड़ताल पर सफाई कर्मचारी, न झाडू लगी न घरों से उठाया कचरा, पूरे शहर में कचरा ही कचरा

वेतन न मिलने से सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। यही कारण है कि शनिवार सुबह शहर में कहीं भी कचरा नहीं उठा है। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पूरे में शहर कचरा ही कचरा हो गया है। शनिवार सुबह महाराज बाड़ा पर सफाई कर्मचारियों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मनमानी करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की है। सफाई कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। करीब 1500 से अधिक सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं।

सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद बाजारों में यह हाल रहा

शहर में शनिवार की सुबह कॉलोनी और मोहल्लों में न तो झाडू लगी है न ही डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के लिए निगम के वाहन आए हैं। सभी सफाई कर्मचारी शनिवार सुबह रोज की तरह घर से तो निकले, लेकिन काम पर नहीं पहुंचे। सफाई कर्मचारी बाड़ा पर एकत्रित हुए और हड़ताल कर दी। हड़ताल का असर कुछ ही देर बाद सड़कों पर बिखरे कचरे के रूप में दिखने भी लगा। नगर निगम अफसरों की नींद उस समय टूटी जब उन्हें क्षेत्र में कचरा नहीं उठने पर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल आना शुरू हो गए। पूरे शहर में कचरा बिखरा पड़ा था। सबसे बुरा हाल बाजारों का था।

1500 कर्मचारियों ने नहीं किया काम

हड़ताल करने वालों में 1100 करीब ठेके पर काम करने वाले नगर निगम के सफाई कर्मचारी थे। इसके अलावा 400 के लगभग वह सफाई कर्मचारी थे जो ईको ग्रीन कंपनी से निगम में मिलाए गए थे। शनिवार को दोनों सफाई कर्मचारी एकजुट होकर हड़ताल पर चले गए हैं।

क्यों कर रहे हैं हड़ताल

बाड़ा पर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा कर रहे सफाई कर्मचारियों ने बताया कि दो महीने से वेतन नहीं मिला है। दीपावली के समय जब ईको ग्रीन के सफाई कर्मचारियों को नगर निगम में विलय किया गया था तभी दो किश्तों में पूरे हिसाब का वादा किया गया था। किसी को एक किश्त ही मिली है किसी को एक भी नहीं मिली है। ठेके पर काम रहे सफाई कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला है। इस कारण वह हड़ताल पर हैं। नगर निगम अफसरों का कहना है कि दो दिन में सभी का वेतन उनको मिल जाएगा।

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वेतन न मिलने से नाराज सफाई कर्मचारी हड़ताल पर, निगम प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी।

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