वैक्सीन के कोल्ड स्टोरेज का तापमान कम या ज्यादा होने पर तत्काल दिल्ली तक SMS जाएगा; 72 घंटे तक वैक्सीन को कुछ नहीं होगा

भोपाल में आज से कोविड-19 वैक्सीन का dry-run अर्थात संकेतिक टीकाकरण किया जा रहा है। यह पूरा कार्यक्रम वैक्सीन को सुरक्षित तरीके से लोगों को लगाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें असल टीकाकरण के दौरान किए जाने वाले सभी तरह के कार्य और सावधानियां बरती जा रही हैं। इसमें सबसे अहम पार्ट कोल्ड स्टोरेज का है। कोल्ड स्टोरेज वह रूम है, जहां पर निर्धारित तापमान और सुरक्षा के मापदंडों के अनुसार को वैक्सीन रखी जाएगी। इस कोल्ड स्टोरेज का तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना अनिवार्य है।

इन्हीं में वैक्सीन और आइस पैकेट रखे जाएंगे।

अगर यह 2 डिग्री से कम या 8 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा होता है, तो एक ऑटो एसएमएस जनरेट हो जाएगा। इसके जरिए फौरन ही संबंधित अधिकारियों से लेकर दिल्ली में मॉनिटरिंग सेल तक इसकी जानकारी पहुंच जाएगी। टीम तत्काल ही वैक्सीन को आइस पैकेट के बीच में रख देगी। अब टीम के पास 72 घंटे का समय रहेगा, क्योंकि इस दौरान वैक्सीन को कुछ भी नहीं होगा। वैक्सीन आइस पैकेट के बीच में सुरक्षित रहेगी और वह खराब नहीं होगी। इस पूरे सिस्टम को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने जीपीआरएस सिस्टम के माध्यम से कंट्रोल कर रही है, ताकि वैक्सीन के हर एक सेंटर तक की पूरी जानकारी हर पल रहे।

इस तरह को वैक्सीन को अलग-अलग तरह से रखा जाएगा।

24 घंटे मॉनिटरिंग की व्यवस्था

इसमें कोल्ड स्टोरेज का तापमान एक एप के माध्यम से मोबाइल फोन पर दिखता रहता है। यह संबंधित सभी अधिकारी और टीम के पास 24 घंटे दर्शाता रहता है। इस कारण अगर इसमें कहीं भी कोई बदलाव होता है, तो तत्काल ही उसे ठीक करने की व्यवस्था की जा सके।

भोपाल में ड्राय रन के दौरान चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे।

कहीं कोई चूक की संभावना नहीं है : मंत्री विश्वास सारंग

मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने खास बातचीत में बताया कि सेंट्रल गवर्नमेंट ने वैक्सीनेशन को लेकर सभी सावधानियां बरती हैं। इस कारण अगर कहीं भी कोई तकनीकी खराबी आती है, तो तत्काल ही इसे दूर करने के लिए आपात टीम बनाई गई हैं, जो अलर्ट मैसेज के आते ही काम में जुट जाती। यह पूरी तरह से नियंत्रित एक प्रक्रिया है, जिसमें चूक की कहीं कोई गुंजाइश ही नहीं है।

वैक्सीन के दौरान अगर किसी लाभार्थी को कोई भी समस्या आती है, तो उसके लिए आपात टीम है। इसमें मेडिकल सुविधा से लेकर फौरन ही इलाज की व्यवस्था भी की गई है। इसलिए वैक्सीन का dry-run किया गया है, ताकि इसे सुरक्षित बनाया जा सके। उन्होंने बताया कि ड्राय रन आज पूरी तरह से सफलता पूर्वक आयोजित किया गया। इसमें फ्रंट लाइन वर्कर्स पर सबसे पहले सांकेतिक टीकाकरण किया गया।

कोल्ड चेन हैंडलर सुरेंद्र त्रिपाठी ने वैक्सीन रखने और उपयोग की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

SMS पर पूरी जानकारी आ जाती है

भोपाल की सिविल डिस्पेंसरी गोविंदपुरा के कोल्ड चेन हैंडलर सुरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कोल्ड चेन का बैकअप होता है। वैक्सीन को आईएलआर में रखते हैं। इसका तापमान 2 से 8 डिग्री सेल्सियस रहता है। यह पूरा सिस्टम मोबाइल फोन से कनेक्ट है। इसमें कोई भी खराबी आने पर SMS तत्काल ही आ जाता है। इसमें पूरी जानकारी होती है। फौरन ही वैक्सीन को निकालकर कर कोल्ड बॉक्स के अंदर आइस पैकेट के बीच में रख दिया जाएगा। इसमें यह 72 घंटे तक पूरी तरह सुरक्षित रहती है।

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वैक्सीन को तय तापमान में रखने के लिए इसे मोबाइल फोन से कनेक्ट किया गया है। तापमान मोबाइल पर 24 घंटे दर्शाता रहता है।

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