शिवराज-सिंधिया समेत कई भाजपा नेताओं का मौन धरना, मायावती बोलीं- कांग्रेस माफी मांगे

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की ओर से राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री इमरती देवी पर दिए विवादित बयान पर बवाल मच गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा समेत तमाम नेता अलग-अलग शहरों में मौन धरने पर बैठे। इमरती देवी ने कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कमलनाथ को पार्टी से निकालने की मांग की है, उधर बसपा प्रमुख मायावती ने कहा है कि कांग्रेस को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

मायावती का ट्वीट-

कमलनाथ ने रविवार को डबरा की चुनावी सभा में इमरती देवी को आइटम कहा था। इसके विरोध में शिवराज पुरानी विधानसभा में गांधी प्रतिमा के सामने मौन धरने पर बैठे हैं। राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया इंदौर में और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ग्वालियर में मौन उपवास पर बैठे।

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व राज्यसभा सांसद प्रभात झा समेत कई नेता ग्वालियर में धरने पर बैठे।

महिला आयोग ने नोटिस भेजा

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने ट्वीट करके बताया कि कमलनाथ को नोटिस भेजा गया है। इसके साथ चुनाव आयोग को भी पत्र लिखा गया है। ग्वालियर संभाग के पार्टी प्रवक्ता केके मिश्रा का कहना है कि कमलनाथ ने किसी महिला को निशाना नहीं बनाया है।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और मंत्री तुलसीराम सिलावट ने इंदौर में मौन व्रत रखा।

शिवराज ने कहा- यह चंबल की बेटी का अपमान है
शिवराज ने कहा कि मेरा अपमान मैं सह लूंगा, लेकिन आज कमलनाथ आपने अन्याय की अति की है, पराकाष्ठा की है। ग्वालियर चंबल की माटी की एक बहन, एक बेटी का अपमान किया है। इमरती देवी गरीब के घर पैदा हुईं। इमरती मजदूरी करके विधायक बनीं और फिर मंत्री बनीं। इमरती देवी एससी जाति में पैदा हुईं, लेकिन किसी गरीब की बेटी का अपमान करने का अधिकार तुम्हें है क्या? शर्म आनी चाहिए। कमलनाथ किसका अपमान कर रहे हो? समझते क्या हो अपने आपको?

इमरती ने कहा उनको मध्यप्रदेश में रहने का हक नहीं
रविवार रात भोपाल में बोर्ड ऑफिस पर भाजपा ने कमलनाथ का पुतला जलाया। मंत्री इमरती देवी ने कहा कि ये लोग मध्यप्रदेश को जानते नहीं हैं। कहां के हैं, पता नहीं है। इन्हें मध्यप्रदेश में रहने का हक नहीं है। एक मां, बहन बेटी से इस तरह की बात कहना बहुत अपमानजनक है।

भोपाल में भाजपा नेताओं ने मौन व्रत रखा। इस विरोध में चुनाव प्रबंधन समिति संयोजक भूपेंद्र सिंह, मंत्री नरोत्तम मिश्रा और विश्वास सारंग शामिल हुए।

मुख्यमंत्री शिवराज ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा-

क्या है मामला?
रविवार को ग्वालियर जिले की डबरा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी सुरेश राजे के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ सभा करने पहुंचे थे। उन्होंने यहां भाजपा प्रत्याशी और मंत्री इमरती देवी का नाम लेना तक उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा कि हमारे राजे (कांग्रेस प्रत्याशी) तो सीधे-सादे और सरल हैं। ये उसके जैसे नहीं हैं। मैं क्यों उसका नाम लूं। इतने में लोग बोले- इमरती देवी। इस पर हंसते हुए कमलनाथ बोले- आप लोग मेरे से ज्यादा उसको पहचानते हैं। आप लोगों को तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था। वह क्या आइटम है। (यहां पूरी खबर पढ़ें)

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भोपाल में मिंटो हॉल में गांधी प्रतिमा के सामने मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों के साथ मौन व्रत पर बैठे।

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