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स्टूडेंट गाेल घेरे में खड़े हुए, हाथों को सैनिटाइज किया, मास्क, सैनिटाइजर साथ लेकर परीक्षा हॉल में पहुंचे, रफ वर्क के लिए राइटिंग पेज अंदर ही मिले

देश के 23 आईआईटी में प्रवेश के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड रविवार को हुई। इसके लिए शहर में 15 परीक्षा केंद्र बनाए थे। करीब दो हजार छात्रों ने इन केंद्रों पर दो शिफ्ट में परीक्षा दी। आईआईटी इंदौर और आईआईटी दिल्ली के ऑब्जर्वर्स से पूरे समय नजर रखी। स्टूडेंट की एंट्री के वक्त कोरोना गाइडलाइन का पूरा ध्यान रखा गया। परिसर में क्रॉस में खड़े होकर एक-एक छात्र को भीतर जाने दिया गया। इससे पहले इन्होंने हाथों को सैनिटाइज किया। इसके बाद थर्मल स्क्रीनिंग की गई। परीक्षा हाॅल में भी दूरी का विशेष ध्यान रखा गया।

बैग से लेकर सभी प्रतिबंधित सामग्री को बाहर ही रखवा लिया गया।

प्रतिभागी परीक्षा हॉल के भीतर सिर्फ अपना प्रवेश पत्र, पहचान पत्र सहित अन्य जरूरी कागजात, मास्क और सैनिटाइजर लेकर जा सके। परीक्षा की गाइड लाइन के मुताबिक बड़े बटन वाले कपड़े, चेन, अंगूठी, ब्रेसलेट, ईयर रिंग्स, पेंडेंट, हेयर पिन, हेयर बैंड और ताबीज आदि की मनाही थी। स्मार्ट या डिजिटल घड़ी, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, माइक्रोफोन, पेजर, हेल्थ बैंड सहित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट आदि भी छात्रों को बाहर ही रखना पड़ा।

पानी पीने के लिए मास्क हटाया और फिर लगाकर घर के लिए रवाना हुई।

दिव्यांगों को एक घंटे ज्यादा समय
जेईई एडवांस्ड दो शिफ्ट में हुई। पहला सत्र सुबह 9 से 12 बजे तक, जबकि दूसरा सत्र 2.30 से 5.30 तक। परीक्षा में शामिल दिव्यांगों को दोनों पेपर में एक घंटे का अतिरिक्त समय दिया गया है। उनका पहला पेपर 1 बजे और दूसरा पेपर 6.30 बजे खत्म होगा।

सैनिटाइज से लेकर थर्मल स्क्रीनिंग तक की गई।

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परीक्षा हाॅल में भीतर जाने के लिए परिसर में क्रॉस के निशान बनाए गए थे।
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