सड़े आलुओं से चिप्स बनाने वाले कारोबारी के कारखाने पर चला बुलडोजर, धोखाधड़ी का केस भी दर्ज

मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई के तहत बुधवार को सांवेर रोड सेक्टर बी स्थित सांवरिया फूड प्रोडक्ट फैक्टरी को जमींदोज कर दिया गया। टीम सोमवार को फैक्टरी में जांच के लिए पहुंची थी। यहां अफसरों को जगह-जगह बोरियों में भरे हुए सड़े आलू मिले। आलुओं में लगी फफूंद के कारण बोरियां भी फट गई थीं। जब इन आलू से बनी चिप्स को देखा गया, तो वे चमकदार और क्रिस्पी थे। वहां हाइड्रो पाउडर के कई पैकेट मिले। यह पाउडर कपड़ों के रंग उड़ाने और साफ करने के काम आता है और खाने के योग्य नहीं होता।

टीम फैक्टरी में पहुंची, तो इस प्रकार से सड़े आलू बोरी में रखे थे। (फाइल फोटो)

कलेक्टर मनीष सिंह के आदेश पर सुबह अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर निगम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से अवैध तरीके से की गई कमाई से बनाए गए अवैध निर्माण, दुकान, फैक्टरी को तोड़ा गया। अभी तक कार्रवाई में जो भी मिलावटखोर सामने आए हैं, अब जिला प्रशासन उन सभी के अवैध निर्माण की जानकारी जुटा रहा है।

सड़े आलू से चिप्स बनाने वाले बाप-बेटे पर 420 का केस
सड़े आलू से चिप्स बनाने वाले सुखलाल कुमावत और उसके बेटे रतन कुमावत पर बाणगंगा थाने में सरकारी काम में बाधा डालने और ग्राहकों के साथ जालसाजी करने के चलते 420 का केस दर्ज किया गया है। खाद्य व औषधि विभाग के अधिकारियों द्वारा दर्ज कराए गए केस में कहा गया है कि सांवरिया फूड प्रोडक्ट के फैक्टरी परिसर 46 बी सेक्टर 1 सांवेर रोड पर कार्रवाई करने गई टीम को अंदर नहीं आने दिया गया। गेट पर ताला लगा था।

कपड़ों को साफ करने वाले केमिकल से चिप्स को चमकाया जा रहा था। (फाइल फोटो)

अधिकारियों के कहने पर भी दरवाजा नहीं खोला गया, इसलिए ताला तोड़कर अंदर गए। इसके बाद भी रतन कुमावत ने सैंपलिंग व अन्य कार्रवाई में बाधा डाली। मौके पर जांच की, तो सड़े आलू से चिप्स बनाने और अनएडिबल केमिकल का उपयोग होना पाया गया, जिसे एसआरडी चिप्स व फूड पोटेटो चिप्स के नाम से पैक किया जा रहा था। इस पैकेट पर उत्पादक का नाम व पता भी गलत लिखा था। यह सभी ग्राहकों से साथ छल की श्रेणी में आता है। अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ विविध धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

फैक्टरी में इस प्रकार से गंदगी के बीच चिप्स तैयार हो रहा था। (फाइल फोटो)

सोमवार को दी थी दबिश
मिलावटखोरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारी फैक्टरी पहुंचे थे। मौके से डेढ़ हजार क्विंटल से ज्यादा सड़ा आलू और केमिकल के पैकेट जब्त किए गए थे। फैक्टरी संचालक सुखलाल कुमावत तो नहीं उनका 19 साल का बेटा रतन कुमावत मिला था। उसने फैक्टरी कर्मचारियों के साथ कार्रवाई रोकने की कोशिश की थी। अपर कलेक्टर ने पुलिस बल बुलाकर कार्रवाई की गई थी।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेडेकर की मौजूदगी में निगम टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण गिराया।

Related Posts