हमीदिया अस्पताल में बिजली गुल मामले में डिविजनल कमिश्नर से शाम तक मांगी रिपोर्ट

हमीदिया अस्पताल में बिजली गुल होने के मामले को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने भोपाल के डिविजनल कमिश्नर कवींद्र कियावत को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। चौहान ने शाम तक जांच कर इसकी रिपोर्ट भी देने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और बड़ी लापरवाही है। हमीदिया अस्पताल में सुबह 5 बजकर 58 मिनट पर लाइट गई, वहां बैकअप के इंतज़ाम है। मेंटेनेंस के भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन जनरेटर 10 मिनट बाद बंद हो गया था। तत्काल प्रभाव से पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है, डीन को नोटिस दिया गया है।

बता दें कि शुक्रवार रात हमीदिया अस्पताल की कोरोना यूनिट की बिजली गुल हो गई। ऐसे में इमरजेंसी बैकअप का सहारा लिया गया, लेकिन महज 10 मिनट में वह भी बंद हो गया। ऐसे में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक कोरोना वार्डों की बिजली ठप रही। इससे वार्ड में भर्ती मरीजों की मशीनें बंद हो गई थीं। वार्ड में चीख-पुकार मच गई। हाईफ्लो सपोर्ट पर चल रहे दो मरीजों की हालत बिगड़ गई। उनको वेंटिलेटर पर लिया, सीपीआर भी दिया गया, लेकिन कांग्रेस से दो बार पार्षद रहे 67 वर्षीय मरीज अकबर खान की रात 10:40 बजे मौत हो गई। दूसरे मरीज की भी हालत खराब है। अकबर के भाई मेहमूद के मुताबिक जनरेटर में डीजल नहीं होने से वह चालू नहीं पाया था।

सूत्रों की मानें, तो शाम 5:48 बजे बिजली गुल हुई थी, जो दो घंटे बाद 7:45 बजे वापस आई। इस दौरान कोरोना वार्डों में कुल 64 मरीज भर्ती थे। इनमें से 11 गंभीर मरीजों को आईसीयू वार्ड में रखा गया था।

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हमीदिया अस्पताल में बिजली गुल मामले में मुख्यमंत्री ने डिविजनल कमिश्नर को जांच के आदेश दिए हैं।

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