412 छात्रों को मिलेगी डिग्री; आईआईटी इंदौर में स्पेस टेक्नोलॉजी सेंटर, डिफेंस कोर्स होगा शुरू

आईआईटी इंदौर में सोमवार को आठवां दीक्षांत समारोह होगा। ज्यादातर कार्यक्रम ऑनलाइन होगा। छात्रों को मैडल और डिग्री संस्थान परिसर में दिए जाएंगे। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक संस्थान के नए निर्माण कार्यों का उद्घाटन करेंगे। इनमें केंद्रीय विद्यालय, कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र, केंद्रीय कार्यशाला, अभिनंदन भवन और तक्षशिला लेक्चर हॉल शामिल हैं। आईआईटी इंदौर देश के अन्य संस्थानों से खास है, क्योंकि नई शिक्षा नीति में जो इंटर डिसिप्लिनरी रिसर्च शामिल की गई है, वह यहां 2010 से चल रही है। इसके अलावा यहां एनशियंट इंडियन लैंग्वेज सेंटर और डिफेंस कोर्स भी शुरू किए जाएंगे, जो देश में कहीं नहीं हैं।

डिग्री : समारोह में ये होगा पहली बार
समारोह में कई कोर्स के छात्र पहली बार शामिल होंगे। इसमें बीटेक की सिविल और मेटलर्जी इंजीनियरिंग ब्रांच के क्रमश: 34 और 31 छात्र, मैकेनिकल सिस्टम डिजाइन और मेटलर्जी इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन के साथ एमटेक के 10-10 छात्र और एमएससी एस्ट्रोनॉमी के सात छात्र शामिल हैं। संस्थान के ही कर्मचारी आनंद पीटारे को भी पीएचडी अवॉर्ड होगी।

  • 233 बी.टेक
  • 58 एमएससी
  • 57 एमटेक
  • 06 एमएस रिसर्च
  • 58 पीएचडी
  • 412 कुल छात्र

खासियत : एनशियंट इंडियन भाषा केंद्र बनेगा

  • सेंटर फॉर फ्यूचरिस्टिक डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजी (सीएफडीएसटी) बनेगा। डीआरडीओ और इसरो सहित डिफेंस और स्पेस के विषयों पर यह सेंटर तकनीकी मदद करेगा। इसके साथ ही आईआईटी डिफेंस कोर्स भी शुरू करेगा।
  • एनशियंट इंडियन लैंग्वेज सेंटर बनेगा। यहां पुरातन भारतीय भाषाओं में मौजूद विज्ञान और तकनीक सहित अन्य जानकारियों को पढ़ाया जाएगा। संस्कृत में भास्कराचार्य की लीलावती कोर्स को मिली सफलता के बाद यह सेंटर खोला जा रहा है।
  • केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति में इंटर डिसिप्लिनरी रिसर्च यानी एक विषय के छात्र दूसरे विषय का अध्ययन करना अभी लागू किया गया वह इंदौर आईआईटी में 2010 से चल रहा है।

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पहली बार देखिए आईआईटी कैंपस का ड्रोन व्यू।

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