छोटे बच्चों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचा सकता है निमोनिया का देसी टीका

दुनिया के सबसे बड़े वैक्सीन मैन्युफैक्चरर सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने निमोकोक्कल बीमारी से बचाने वाली भारत की पहली स्वदेशी वैक्सीन निमोसिल लॉन्च की है। कंपनी ने बताया कि निमोनिया कोरोना के गंभीर लक्षणों में से एक है। अभी दुनियाभर में कोरोना की जो वैक्सीन बन रही हैं, उनके टेस्ट छोटे बच्चों पर नहीं किए गए हैं। ऐसे में निमोकोक्कल से बचाने वाली वैक्सीन छोटे बच्चों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से भी बचा सकती है।

निमोकोक्कल ऐसा इन्फेक्शन है, जो बैक्टीरिया की वजह से होता है। यह निमोनिया होने की बड़ी वजहाें में शामिल है। SII के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. राजीव ढेरे ने कहा कि हम उम्मीद कर सकते हैं कि निमोकोक्कल वैक्सीन बच्चों में गंभीर निमोनिया को रोकने में अहम रोल निभाएगी। वैसे भी इस समय कोरोना के लिए जो वैक्सीन बन रही है, वह बच्चों के लिए नहीं है। ऐसे में निमोसिल वैक्सीन बच्चों के लिए एक उम्मीद है।

वैक्सीन से बच्चों को लंबे वक्त तक सुरक्षा मिलेगी
SII ने निमोसिल वैक्सीन को PATH और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के साथ मिलकर डेवलप किया है। यह भारत जैसे उन देशों में वैक्सीन को आसानी से मुहैया कराने की दिशा में बड़ी कामयाबी है, जहां लोगों की आमदनी कम है। नई वैक्सीन बच्चों को निमोकोक्कल बीमारियों के खिलाफ लंबे समय तक असरदार प्रोटेक्शन देगी। वैक्सीन की लॉन्चिंग के दौरान मौजूद रहे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने कहा कि यह देश के पब्लिक हेल्थकेयर के लिए बड़ी उपलब्धि है।

5 साल से कम उम्र के बच्चों को निमोकोक्कल का खतरा
SII के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि निमोकोक्कल बीमारी की वजह से दुनियाभर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए खतरा बना रहता है। 2018 में निमोकोक्कल की वजह से 67 हजार 800 बच्चों की मौत 5 साल से कम उम्र में हो गई। ऐसे बच्चों को बचाने में यह वैक्सीन कारगर रहेगी।

कोवीशील्ड को भी जल्द मिलेगी मंजूरी
SII के सीईओ अदार पूनावाला का दावा है कि कोरोना के लिए एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी की बनाई वैक्सीन कोवीशील्ड को देश में जनवरी के शुरुआती हफ्तों में इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगा। अभी 4-5 करोड़ वैक्सीन का स्टॉक तैयार है। जुलाई-2021 तक कंपनी 10 करोड़ वैक्सीन उपलब्ध करा देगी।

कोवीशील्ड के असरदार होने के सवाल पर पूनावाला ने कहा, “कोवीशील्ड को लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है। एस्ट्राजेनेका के सीईओ ने भी साफ किया है कि यह वैक्सीन 100% इफेक्टिव है। ऐसे में हमें ड्रग रेगुलेटर के फैसले का इंतजार करना चाहिए। उम्मीद है कि जनवरी में हमारी वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगा।”

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दुनियाभर में बननेवाली कोविड-19 वैक्सीन के टेस्ट छोटे बच्चों पर नहीं किए गए हैं। ऐसे में यह वैक्सीन छोटे बच्चों को कोरोना के गंभीर लक्षणों से बचा सकती है।

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