फ्रांस में एक दिन में 53 हजार मामले, डब्ल्यूएचओ ने कहा- देश वक्त बर्बाद न करें, सख्ती करें

दुनिया में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 4.73 करोड़ से ज्यादा हो गया है। 3 करोड़ 40 लाख 12 हजार 909 मरीज रिकवर हो चुके हैं। अब तक 12.10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। फ्रांस में संक्रमण की दूसरी लहर जानलेवा साबित हो रही है। यहां सोमवार को 52 हजार नए संक्रमित सामने आए। लॉकडाउन के बावजूद मामले बढ़ने से सरकार का विरोध तेज हो गया है।

फ्रांस प्रतिबंध नाकाम साबित हुए
फ्रांस में लॉकडाउन का असर नहीं हो रहा है। दूसरा लॉकडाउन लगाए करीब एक हफ्ता गुजर चुका है, लेकिन अब तक संक्रमण की दर में कोई कमी नहीं आई। सोमवार को यहां 52 हजार 518 मामले सामने आए। इसी दौरान एक हजार लोगों को गंभीर स्थिति में हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया। दूसरी तरफ, लॉकडाउन के बावजूद मामले बढ़ने के बाद एमैनुएल मैक्रों सरकार दबाव में है। लोगों का कहना है कि लॉकडाउन हटा लेना चाहिए क्योंकि यह बेअसर साबित हो रहा है। हर दिन मामले बढ़ते जा रहे हैं। देश में अब कुल मामले करीब 15 लाख हो चुके हैं।

डब्ल्यूएचओ ने कहा- सख्ती करें
डब्ल्यूएचओ ने एक बार फिर उन देशों को चेतावनी जारी की है जो महामारी को लेकर सख्त नहीं हैं। डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोल एडेनहोम ग्रेब्रियस ने कहा- अब भी वक्त है जब देशों को सख्ती दिखानी चाहिए। अब भी बहुत देर नहीं है। क्योंकि, अगर अब कदम नहीं उठाए तो हालात हाथ से निकल सकते हैं। अब मौका है जब दुनिया के नेताओं को आगे आना होगा और मिलकर इस महामारी का मुकाबला करना होगा। हमारे पास अब भी मौका है।

डब्ल्यूएचओ के डायरेक्टर जनरल टेड्रोल एडेनहोम ग्रेब्रियस ने सोमवार को मीडिया से बातचीत की। कहा- उन देशों को सख्त कदम उठाने की जरूरत है, जहां मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

पुर्तगाल में भी लॉकडाउन की तैयारी
पुर्तगाल सरकार ने साफ कर दिया है कि वो संक्रमण रोकने के लिए आपातकाल और लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है। हालांकि, अब तक यह साफ नहीं किया गया है कि आपातकाल कैसा होगा या लॉकडाउन पिछली बार की तरह होगा या अलग। राष्ट्रपति मार्सेलो रेबेलो ने कहा- हम इस बारे में विचार कर रहे हैं, क्योंकि यूरोपीय देशों में संक्रमण की दूसरी लहर अब तक खतरनाक साबित हो रही है। प्रधानमंत्री एंतोनियो कोस्टा ने कहा- देश में मामले बढ़ रहे हैं। हम सभी को यह जल्द तय करना पड़ेगा कि किस तरह हम संक्रमण पर काबू पा सकते हैं। नहीं तो हालात पिछली बार के मुकाबले ज्यादा खराब हो सकते हैं।

स्पेन में फिर हिंसा
स्पेन में संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया तो कई लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने इसका विरोध किया। इसके बाद जब सुरक्षा बलों ने इन्हें हटाने की कोशिश की तो ये हिंसा पर उतर आए। स्पेन में छह महीने की स्टेट ऑफ इमरजेंसी पहले से ही लागू है। लेकिन, संक्रमण की दूसरी लहर को देखते हुए सरकार ने पिछले महीने दी गई ढील वापस ले ली और लॉकडाउन का ऐलान कर दिया। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पुलिस ने रबर बुलेट भी चलाईं ताकि भीड़ को हटाया जा सके। आज सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री मीडिया से बात करेंगे।

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फ्रांस के मोन्टपोलियर शहर में एक सुनसान बाजार से गुजरते स्टूडेट्स। देश में दूसरे लॉकडाउन को करीब एक हफ्ता हो चुका है, लेकिन मामले बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को यहां 52 हजार से ज्यादा नए संक्रमित मिले।

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