मूर्ति विसर्जन के दौरान लाठीचार्ज से गुस्साई भीड़ ने हिंसा की, EC ने अफसर हटाए; नए एसपी-डीएम हेलिकॉप्टर से पहुंचे

बिहार के मुंगेर में गुरुवार को फिर हिंसा भड़क गई। गुस्साई भीड़ ने बासुदेवपुर पुलिस चौकी में आग लगा दी। एसपी ऑफिस पर भी हमला हुआ। मुफस्सिल थाने में 6 गाड़ियों में आग लगा दी गई। इसके बाद चुनाव आयोग ने डीएम और एसपी को हटा दिया है।

दरअसल, मूर्ति विसर्जन के दौरान फायरिंग में 26 अक्टूबर की रात एक की मौत हुई थी। जुलूस पर पुलिस ने बेरहमी से लाठीचार्ज किया था। इसका वीडियो 28 अक्टूबर को वायरल हुआ था। इसके बाद हिंसा भड़की। लोगों का यह गुस्सा एसपी लिपि सिंह को लेकर था, इसलिए स्थिति को काबू करने के लिए चुनाव आयोग ने मुंगेर एसपी के साथ डीएम राजेश मीणा को भी हटा दिया।

स्थिति को संभालने के लिए डीआईजी मनु महाराज खुद भारी संख्या में पुलिस बल के साथ उतर आए। शाम में मानवजीत सिंह ढिल्लों को एसपी और रचना पाटिल को मुंगेर डीएम के रूप में नियुक्त कर दिया गया। दोनों को जल्द से जल्द जॉइनिंग के आदेश दिए गए थे, ऐसे में ये अधिकारी हेलिकॉप्टर से मुंगेर पहुंचे, क्योंकि पटना से यहां पहुंचने में 4 घंटे से ज्यादा वक्त लग जाता। डीएम का मुंगेर में रहना जरूरी है, क्योंकि वे अभी निर्वाचन अधिकारी की भूमिका में हैं।

गुरुवार सुबह एसपी आफिस के पास करीब 25-30 हजार लोग जमा हो गए।

मुंगेर से सटे सभी जिलों को अलर्ट पर रहने का आदेश

मुंगेर की घटना को देखते हुए चुनाव आयोग ने 3 नवंबर को मुंगेर से सटे सभी जिलों को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। अपर निर्वाचन पदाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि मुंगेर की स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। अधिकारियों को कैंप करने का निर्देश दिया गया है।

सुरक्षा बलों के जाते ही भड़की हिंसा
मुंगेर में बुधवार को वोटिंग थी इसलिए सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त थी, लेकिन गुरुवार को सुरक्षा बलों के जाते ही लोग जमा होने लगे। एसपी ऑफिस के पास करीब 25-30 हजार लोग जमा हो गए। पुलिस ने बल प्रयोग करने की तैयारी की तो लोगों का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने एसपी ऑफिस पर पथराव कर दिया। एक वाहन के शीशे तोड़ दिए। सराय मांडी में सड़क पर आगजनी की गई। वहां तोड़फोड़ की गई। खबर है कि भीड़ ने वहां एक जज के बंगले पर भी पथराव किया है।

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पथराव में पुलिस की गाड़ी के कांच टूट गए।

बच्चे की मौत की खबर, चुनाव प्रभावित करने की भी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक ऐसी खबर आ रही है कि विसर्जन की रात हुई हिंसा में जो लोग घायल हुए थे, उनमें एक बच्चे की मौत हो गई है। इसकी सूचना मिलने के बाद लोगों का हुजूम निकल पड़ा। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। भीड़ में शामिल लोगों ने पथराव और आगजनी की।

सूत्रों का यह भी कहना है कि मुस्लिम-यादव (MY) समीकरण इस मामले में हावी हो गया है। मुंगेर कांड के जरिए विधानसभा के बाकी बचे दोनों फेज के चुनाव को प्रभावित करने की प्लानिंग है। इस वजह से लोगों को भड़काया जा रहा है।

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एसपी ऑफिस के बार कुछ वाहनों में भीड़ ने आग लगा दी।

गोलीकांड की जांच कराई जा रही
मुंगेर में हुई हिंसा के बारे में एडीजी पुलिस मुख्यालय, जितेंद्र कुमार का कहना है कि गोलीकांड की जांच सीनियर पुलिस ऑफिसर्स से कराई जा रही है। एडीजी के मुताबिक मूर्ति विसर्जन के दौरान हालात बिगड़े थे। इसके बाद पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी, लेकिन हालात क्यों बिगड़े, इसका पता लगाया जा रहा है। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

क्या है मामला?
दरअसल, शहर के दीनदयाल उपाध्याय चौक पर सोमवार देर रात प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस बल पर भीड़ की ओर से फायरिंग और पथराव की खबर आई थी। इसमें एक थानेदार का सिर फट गया था और 20 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। वहीं, अनुराग पोद्दार नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। सात लोग घायल हुए थे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा ये वीडियो गोली चलने के पहले का है या इसके बाद का इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।

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मुंगेर में सोमवार रात दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के दौरान उपद्रव हुआ था। फायरिंग में एक की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इसी के बाद गुरुवार को फिर हिंसा भड़की। भीड़ ने एसपी ऑफिस में पथराव कर दिया और एक चौकी फूंक दी।

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