CBSE 10वीं-12वीं बोर्ड की परीक्षाएं इस बार 4 मई से 10 जून तक, रिजल्ट 15 जुलाई तक

CBSE 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं की तारीखें आ गई हैं। ये 4 मई से शुरू होंगी। 10 जून तक खत्म हो जाएंगी। रिजल्ट 15 जुलाई तक जारी कर दिया जाएगा। इन परीक्षाओं में 30 लाख स्टूडेंट्स शामिल हो सकते हैं। इस बार ये बोर्ड एग्जाम्स करीब ढाई महीने की देरी से होंगे। पिछले साल ये 15 फरवरी से शुरू हो गए थे। शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने गुरुवार को इन तारीखों का ऐलान किया।

शिक्षा मंत्री की घोषणा को 5 सवाल और उनके जवाबों से समझें

1. क्या CBSE 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं का शेड्यूल एकसाथ चलेगा?
शिक्षा मंत्री ने अभी सिर्फ परीक्षाएं शुरू और खत्म होने की तारीखें बताई हैं। बोर्ड अब डेट शीट जल्द ही जारी करेगा। इसमें साफ होगा कि 10वीं और 12वीं बोर्ड के अलग-अलग सब्जेक्ट्स के पेपर कब होंगे?

2. क्या बोर्ड एग्जाम्स ऑनलाइन होंगे?
नहीं। कई स्कूलों ने प्री-बोर्ड एग्जाम्स ऑनलाइन कराई हैं, लेकिन बोर्ड एग्जाम्स पेन और पेपर बेस्ड ही होगी। CBSE इस बारे में पहले ही स्थिति साफ कर चुका है।

3. प्रैक्टिकल एग्जाम्स का शेड्यूल क्या होगा?
पहले जनवरी से ही प्रैक्टिकल एग्जाम्स शुरू हो जाते थे। अब CBSE ने कहा है कि 10वीं और 12वीं का इंटरनल असेसमेंट, प्रोजेक्ट या प्रैक्टिकल एग्जाम्स 1 मार्च से शुरू होंगे। थ्योरी एग्जाम्स की आखिरी तारीख तक प्रैक्टिकल एग्जाम्स चल सकेंगे।

4. क्या इस बार सिलेबस कुछ अलग होगा?
कोरोना को देखते हुए 10वीं और 12वीं का सिलेबस पहले ही करीब 30% तक कम किया जा चुका है। अब इसमें और कटौती के आसार नहीं हैं।

5. भारत से बाहर के देशों में CBSE स्कूलों में परीक्षाएं कैसे होंगी?
दुनिया के 25 देशों में CBSE से जुड़े स्कूल चल रहे हैं। वहां भी परीक्षाओं का वही शैड्यूल होगा जो बोर्ड ने अभी बताया है।

और ये मदद का नंबर…
परीक्षा की घोषणा के बाद अगर किसी स्टूडेंट को तनाव महसूस होता है तो वह बोर्ड के टोल फ्री नंबर 844-844-0632 पर फोन कर सकता है। इसके अलावा CBSE के मनोदर्पण पोर्टल पर जा सकता है।

निशंक ने टीचर्स और पेरेंट्स की तारीफ की
शिक्षा मंत्री ने परीक्षाओं की घोषणा करते हुए कहा कि कोरोना के दौर में टीचर्स और पेरेंट्स ने जिस तरह खुद को तैयार किया है, वह काबिले तारीफ है। ये सब कोरोना योद्धा हैं। CBSE के चेयरमैन लगातार परीक्षा के सिस्टम पर नजर रखे हुए हैं। पूरा सिस्टम छात्रों के साथ जुड़ा हुआ है।

कोरोना के बावजूद साल खराब नहीं हुआ
निशंक ने कहा- हमने बच्चों का साल खराब नहीं होने दिया। सुरक्षा, सजगता के साथ हमने परीक्षा कराई है और उनका साल खराब होने से बचाया है। छात्रों ने भी जिस मनोबल से काम किया, यह अद्भुत उदाहरण है। हमारे देश में 33 करोड़ छात्र-छात्राएं हैं। यह अमेरिका की कुल आबादी से भी ज्यादा है। इनमें से 25 करोड़ छात्रों ने ऑनलाइन पढ़ाई की। कोरोना के दौर में दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा JEE और NEET हुई।

स्टूडेंट-टीचर्स ने डिजिटल लर्निंग के लिए खुद को ढाला
डिजिटल लर्निंग पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि कोरोना के संकट के दौरान भी हमारे छात्रों और हर किसी ने चुनौतियों का सामना किया। डिजिटल पढ़ाई हुई। छात्र-छात्राओं ने खुद को तैयार किया। हां, कुछ छात्र-छात्राएं हैं, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं था। हमने टेलीविजन और रेडियो के जरिए ऐसे छात्रों के लिए काम किया।

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