EC ने कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीना; अब प्रचार का खर्च पार्टी नहीं, कैंडिडेट के खाते में जुड़ेगा

मंत्री इमरती देवी को ‘आइटम’ कहना और सीएम शिवराज सिंह चौहान के लिए ‘नौटंकी का कलाकार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना कमलनाथ को महंगा पड़ गया। चुनाव आयोग ने कमलनाथ से स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया है। यानी अब वे मध्यप्रदेश की 28 सीटों पर हो रहे उपचुनाव में स्टार प्रचारक की हैसियत से प्रचार नहीं कर पाएंगे। अगर बतौर स्टार प्रचारक कहीं पहुंचे तो दौरे के पूरे इंतजामों का खर्च पार्टी फंड से नहीं मिलेगा, बल्कि उस इलाके का उम्मीदवार वह खर्च उठाएगा।

चुनाव आयोग ने अपने फैसले में 3 बातें कहीं

1. कमलनाथ आइटम जैसे शब्दों का इस्तेमाल न करें
चुनाव आयोग को भाजपा और राष्ट्रीय महिला आयोग की तरफ से शिकायत मिली थी कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने महिला उम्मीदवार इमरती देवी को ‘आइटम’ कहा था। इस पर आयोग ने कहा कि किसी महिला के लिए आइटम जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर कमलनाथ ने चुनाव आयोग की एडवायजरी का उल्लंघन किया है। इसलिए आयोग कमलनाथ को यह हिदायत देता है कि वे आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान इस तरह के शब्दों या बयानों का इस्तेमाल न करें।

2. कमलनाथ ने बार-बार आचार संहिता का उल्लंघन किया
आयोग ने कमलनाथ के दो बयानों ‘शिवराज नौटंकी के कलाकार, मुंबई जाकर एक्टिंग करें’ और ‘आपके भगवान तो वो माफिया हैं, जिससे आपने प्रदेश की पहचान बनाई, आपके भगवान तो मिलावटखोर हैं’ पर भी गौर किया। आयोग ने कहा कि एक नेता होने के बावजूद कमलनाथ बार-बार आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं, नैतिक और मर्यादित आचरण नहीं कर रहे और आयोग की एडवायजरी को नजरअंदाज कर रहे हैं।

3. स्टार प्रचारक का दर्जा नहीं होगा
चुनाव आयोग ने कहा कि हम उन्हें मिला स्टार प्रचारक का दर्जा वापस लेता है। इस उपचुनाव में अब कोई भी जिला निर्वाचन अधिकारी या क्षेत्रीय अधिकारी कमलनाथ को बतौर स्टार प्रचारक कोई इजाजत नहीं देगा। अगर कमलनाथ आगे से स्टार प्रचारक के तौर पर कोई प्रचार करते पाए जाते हैं तो ट्रेवल, रुकने की व्यवस्था और दौरे के इंतजामों जैसा पूरा खर्च उस क्षेत्र के उम्मीदवार को उठाना होगा।

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स्टार प्रचारक का खर्चा पार्टी के फंड से जाता है
पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने भास्कर को बताया कि स्टार प्रचारक का खर्च पार्टी के फंड से जाता है। इससे उम्मीदवार को फायदा होता है। अब वे प्रचार करेंगे तो पूरा खर्च उम्मीदवार के खर्चे में जुड़ेगा। इससे बचने का कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

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चुनावी सभा में आइटम शब्द का इस्तेमाल किया था
18 अक्टूबर को डबरा की चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि हमारे राजे (कांग्रेस प्रत्याशी) तो सीधे-सादे और सरल हैं। ये उसके जैसे नहीं हैं। मैं क्यों उसका नाम लूं। इतने में लोग बोले- इमरती देवी। इस पर हंसते हुए कमलनाथ बोले- आप लोग मेरे से ज्यादा उसको पहचानते हैं। आप लोगों को तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था कि वह क्या आइटम है।

कमलनाथ ने कहा था- बयान का गलत मतलब निकाला गया
कमलनाथ के जवाब से चुनाव आयोग संतुष्ट नहीं था। इसी के बाद उन पर यह कार्रवाई की गई। नोटिस के जवाब में कमलनाथ ने कहा था कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट करके कमलनाथ का जवाब शेयर किया था। कमलनाथ ने लिखा था कि भाजपा हार के डर से मुद्दा बदलने की कोशिश कर रही है।

इलेक्शन कमीशन की कार्रवाई के बाद कांग्रेस की ओर से मध्यप्रदेश यूनिट के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आयोग के इस फैसले के खिलाफ हम कोर्ट में जाएंगे।

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Election Commission has taken away the status of Kamal Nath’s star campaigner, now if campaigned, then the candidate will bear the entire expenditure

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