उत्तर प्रदेश ने जारी किया उत्तर भारत का पहला बांड, लखनऊ म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन का बांड 225% ओवरसब्सक्राइब हुआ

उत्तर प्रदेश सरकार ने अम्रुत योजना के तहत उत्तर भारत का म्यूनिशिपल बांड जारी किया। लखनऊ म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन
(LMC) ने 13 नवंबर 2020 को 200 करोड़ रुपए (ग्रीन शू ऑप्शन सहित) का पहला म्यूनिशिपल बांड जारी किया। यह बांड BSE पर लिस्ट और ट्रेड होगा।

सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक यह इश्यू 225 फीसदी (450 करोड़ रुपए) ओवरसब्सक्राइब्ड हुआ। 10 साल वाला बांड 8.5 फीसदी के कूपन रेट पर बंद हुआ। यह रिकॉर्ड है और खासकर कोरोनावायरस महामाी के दौरान यह एक बड़ी उपलब्धि है।

गाजियाबाद, वाराणसी, आगरा और कानपुर भी ला सकते हैं बांड

माना जा रहा है इस बांड की सफलता के बाद पहले गाजियाबाद म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन और उसके बाद वाराणसी, आगरा और कानपुर जैसे शहर भी आने वाले महीनों में अपने-अपने म्यूनिशिपल बांड का इश्यू लाएंगे। सबसे पहले अहमदाबाद म्यूनिशिपल कॉरपोरेशन ने 100 करोड़ रुपए का म्यूनिशिपल बांड जाारी किया था। अहमदाबाद ने बिना सरकारी गारंटी के जनवरी 1998 में इंफ्रास्ट्र्रक्चर प्रॉजेक्ट्स को फाइनेंस करने के लिए यह बांड जारी किया था।

लखनऊ के बांड को इंडिया रेटिंग ने ‘AA’ और ब्रिकवर्क रेटिंग्स ने ‘AA(CE)’ की रेटिंग दी

लखनऊ के इस बांड को इंडिया रेटिंग ने ‘AA’ और ब्रिकवर्क रेटिंग्स ने ‘AA(CE)’ की रेटिंग दी है। इस बांड इश्यू से जुटने वाली रकम को केंद्र सरकार की अम्रुत योजना के तहत कार्यान्वित किए जा रहे एक जलापूर्ति प्रॉजेक्ट और एक हाउसिंग प्रॉजेक्ट में निवेश किया जाएगा। इसे स्ट्रिप बांड के रूप में स्ट्र्रक्चर किया गया है। इस बांड को ए से जी तक 7 STRRP में स्ट्रक्चर किया गया है। निवेशकों को मूलधन का भुगतान 7 समान किस्तों में किया गया जाएगा। यह भुगतान चौथे से लेकर 10वें साल तक होगा।

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10 साल वाला बांड 8.5% के कूपन रेट पर बंद हुआ

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