कोरोनावायरस के कारण अर्थव्यवस्था बर्बाद होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप सहित APEC नेताओं में फ्री ट्रेड के लिए सहमति बनी

एशिया-पैसेफिक इकॉनोमिक कॉपरेशन (APEC) फोरम के नेताओं ने आपस में वादा किया है कि कोरोना संकट से जूझ रही अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए वे फ्री, ओपन और नॉन-डिस्क्रिमिनेटरी ट्र्रेड और इन्वेस्टमेंट के लिए काम करेंगे। इन नेताओं में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी शामिल हैं। नेताओं ने आपसी मतभेदों को भुलाकर 2017 के बाद पहली बार शुक्रवार को संयुक्त बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने APEC के 21 सदस्यों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के लिए काम करने की सहमति जताई।

फोरम के इस साल के आयोजक मलेशिया के प्रधानमंत्री मुहिद्दीन यासिन ने कहा कि अमेरिका-चीन ट्रेड वार के कारण पहले सहमति नहीं बन पा रही थी, लेकिन कोरोनावायरस महामारी के कारण अब ट्रेड वार का मुद्दा गौण हो गया है। APEC का फोकस अब आर्थिक रिकवरी और सस्ते वक्सीन के विकास पर टिक गया है। इस साल एशिया पैसेफिक क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में 2.7 फीसदी गिरावट की आशंका है, जिसमें 2019 में 3.6 फीसदी की तेजी आई थी।

APEC के सदस्य ग्लोबल GDP में 60 फीसदी योगदान करते हैं

APEC के सदस्य ग्लोबल GDP में 60 फीसदी योगदान करते हैं। APEC के 21 सदस्यों में ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, कनाडा, चिली, चीन, हांगकांग, इंडोनेशिया, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, मेक्सिको, न्यूजीलैंड, पपुआ न्यू गिनी, पेरू, फिलिपींस, रूस, सिंगापुर, ताईवान, थाईलैंड और अमेरिका शामिल हैं। अगले साल APEC की बैठक का आयोजन न्यूजीलैंड करेगा। वह बैठक भी वर्चुअली ही होगी।

2018 के बाद APEC के नेताओं की पहली बैठक

APEC के नेताओं की बैठक 2018 के बाद पहली बार हुई। 2019 में हिंसक घरेलू प्रोटेस्ट के कारण आयोजक चिली ने एनुअल समिट कैंसल कर दी थी। 2018 की पपुआ न्यू गिनी समिट में अमेरिका-चीन तकरार के कारण पहली बार APEC के नेता संयुक्त बयान जारी नहीं कर पाए थे।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

फोरम के इस साल के आयोजक मलेशिया के प्रधानमंत्री मुहिद्दीन यासिन ने कहा कि अमेरिका-चीन ट्रेड वार के कारण पहले सहमति नहीं बन पा रही थी, लेकिन कोरोनावायरस महामारी के कारण अब ट्रेड वार का मुद्दा गौण हो गया है

Related Posts