टाटा संस ने एयर एशिया इंडिया में 276 करोड़ में खरीदी 32.67% हिस्सेदारी

मलेशियाई एयरलाइंस कंपनी एयर एशिया बेरहाद (AirAsia Berhad) ने एयरएशिया इंडिया (AirAsia India) में अपनी 32.67% हिस्सेदारी टाटा संस को 276.10 करोड़ रुपए में बेच दी है। इससे AirAsia India में एयर एशिया बेरहाद की हिस्सेदारी केवल 16.33% रह गई है।

स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी

मलेशियाई स्टॉक एक्सचेंज Bursa Malaysia को एक फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि एयर एशिया इंडिया लिमिटेड (AAIL) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 29 दिसंबर को AAIL में कंपनी के 10 रुपए फेस वैल्यू वाले 49 करोड़ शेयर टाटा संस लिमिटेड (TSL) को शेयर परचेज एग्रीमेंट के तहत बेच दिए हैं। टाटा संस को 31 मार्च, 2021 से पहले डील पूरी करनी होगी। नहीं तो यह शेयर परचेज एग्रामेंट रद्द कर दिया जाएगा।

अभी टाटा संस की 51 पर्सेंट हिस्सेदारी थी

हिस्सेदारी बेचने से पहले AAIL में AirAsia Berhad की हिस्सेदारी 49% थी और इसमें टाटा संस का हिस्सा 51% था। लेकिन इस डील के बाद अब कंपनी में टाटा संस की हिस्सेदारी बढ़कर 83.67% हो गई है, जबकि एयरएशिया बेरहाद की हिस्सेदारी केवल 16.33% रह गई है। AirAsia Berhad ने बताया कि वह अपने बचे 16.33% हिस्से को बेचने के लिए दो चरणों में पुट ऑप्शन (Put Option ) लाएगी।

दो चरणों में कंपनी बेचेगी आपना बचा हुआ हिस्सा

एयर एशिया बेरहाद AAIL में अपनी बची हुई 16.33% हिस्सेदारी बेचने के लिए 1 मार्च 2022 से 30 मई, 2022 के बीच पुट ऑप्शन का पहला चरण जारी करेगी। वहीं दूसरा चरण 1 अक्टूबर, 2022 से 31 दिसंबर 2022 के बीच आएगा। एयर एशिया बेरहाद को बची हुई 16.33% हिस्सेदारी से 138.27 करोड़ रुपए हासिल होंगे। दरअसल एयर एशिया भारतीय बिजनेस से निकलना चाहती है। यही कारण है कि वह अपनी पूरी हिस्सेदारी इसमें बेचना चाहती है।

विस्तारा के साथ भी ज्वाइंट वेंचर

बता दें कि टाटा ग्रुप पहले से ही विस्तारा के साथ भी ज्वाइंट वेंचर में है। दूसरी ओर वह सरकारी कंपनी एयर इंडिया को भी खरीदने की योजना बना रहा है। टाटा ग्रुप ने इसके लिए बिड किया है। सरकार एयर इंडिया को लंबे समय से बेचने का प्रयास कर रही है। बता दें कि टाटा का एयर इंडिया के साथ एक भावनात्मक लगाव है क्योंकि एयर इंडिया की शुरुआत टाटा ग्रुप ने ही की थी।

लंबे समय से थी योजना

एयर एशिया में हिस्सेदारी बढ़ाने की योजना टाटा ग्रुप काफी लंबे समय से बना रहा है। कोविड की वजह से एविएशन सेक्टर को काफी नुकसान पहुंचा है। यही कारण है कि एयर एशिया अपने भारतीय बिजनेस से निकलना चाहती है। जून तिमाही में इसका नुकसान 332 करोड़ रुपए का रहा है। इसने पिछले 6 सालों में भारतीय बिजनेस से कभी भी मुनाफा नहीं कमाया है। 25 मई के बाद से देश में घरेलू विमानन सेवा शुरू हो पाई थी।

एयर एशिया ने पैसे लगाने से मना किया

नवंबर में ही टाटा ग्रुप ने 5 करोड़ डॉलर की आपात रकम एयर एशिया में निवेश करने की योजना बनाई थी। जबकि एयर एशिया ने भारतीय बिजनेस में निवेश को बंद कर दिया था। नवंबर में ही एयर एशिया ने भारतीय बिजनेस के वैल्यूशएन की योजना शुरू कर दी थी। 49 पर्सेंट उसकी इसमें हिस्सेदारी है। भारत में एयर एशिया ने 6 साल पहले अपनी शुरुआत की थी। इसके पास इस समय 2,500 कर्मचारी हैं। इसमें से 600 पाइलट हैं। इसके पास एयर बस ए 320 की 30 फ्लीट है।

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टाटा संस के पास वर्तमान में एयर एशिया में 51 पर्सेंट हिस्सेदारी है। जबकि बाकी की हिस्सेदारी एयर एशिया बरहाद के पास है

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