बैंक ऑफ बड़ौदा ने देना बैंक और विजया बैंक की शाखाओं के एकीकरण की प्रक्रिया पूरी की, 2019 में हुआ था विलय

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा ने रविवार को कहा कि देना बैंक और विजया बैंक की 3898 शाखाओं के एकीकरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। विजया बैंक और देना बैंक का 1 अप्रैल 2019 से बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो गया था।

देना बैंक की 1770 शाखाओं का एकीकरण हुआ

बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दिसंबर 2020 में देना बैंक की 1770 शाखाओं के एकीकरण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। विजया बैंक की 2128 शाखाओं के एकीकरण की प्रक्रिया सितंबर 2020 में पूरी कर ली गई थी। बैंक ऑफ बड़ौदा के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO संजीव चड्ढ़ा ने बयान में कहा कि हमने कोविड-19 की चुनौतियों के बावजूद देना बैंक और विजया बैंक की शाखाओं के एकीकरण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। हम एक बार फिर इन दोनों बैंकों के ग्राहकों का स्वागत करते हैं।

पांच करोड़ ग्राहकों के बैंक खाते माइग्रेट हुए

बयान में कहा गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 5 करोड़ ग्राहकों के बैंक खाते माइग्रेट किए गए हैं। इसके अलावा सभी बैंक शाखाओं, ATM, POS मशीन और क्रेडिट कार्ड को सफलतापूर्वक माइग्रेट किया गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा का कहना है कि अब तीनों बैंकों के सभी ग्राहक देशभर में फैली 8,248 घरेलू शाखाओं और 10,318 ATM का लाभ ले सकते हैं।

पहले की तरह काम करते रहेंगे डेबिट कार्ड

बैंक ऑफ बड़ौदा का कहना है कि तीनों बैंकों के ग्राहक अब बैंक के डिजिटल चैनल एक्सेस कर सकते हैं। बैंक का कहना है कि देना बैंक और विजया बैंक के ग्राहकों के मौजूदा डेबिट कार्ड पहले की तरह निर्धारित तिथि तक काम करते रहेंगे।

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बैंक ऑफ बड़ौदा का कहना है कि इस प्रक्रिया के दौरान करीब 5 करोड़ ग्राहकों के बैंक खाते माइग्रेट किए गए हैं।

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