लॉकडाउन के कारण मंदी का भय पैदा होने से 5 माह के निचले स्तर तक गिरा क्रूड, दिन खत्म होने तक गिरावट से उबरा

कच्चे तेल में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। यूरोप के कई देशों में लॉकडाउन और अमेरिका में कोरोनावायरस के रिकॉर्ड मामलों के बीच क्रूड ने करीब 5 महीने का निचला स्तर छू लिया। बाद के कारोबार में हालांकि क्रूड तेजी के दायरे में कारोबार करता दिखा।

ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड एशिया के शुरुआती कारोबार में 5 फीसदी तक गिरकर 35.74 डॉलर प्रति बैरल के निचले स्तर तक पहुंच गया, जो मई के बाद का निचला स्तर है। देर शाम तक यह हालांकि 2.35 फीसदी तेजी के साथ 38.33 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था। अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 33.64 का निचला स्तर बनाने के बाद देर शाम तक 36.17 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था।

ब्रेंट क्रूड फिर से बियर मार्केट रेंज के करीब

अप्रैल में 20 डॉलर से नीचे का स्तर छूने के बाद ब्रेंट क्रूड अब फिर से बियर मार्केट रेंज के करीब आ गया है। 25 अगस्त के 45.86 डॉलर प्रति बैरल के पीक से यह करीब 9 डॉलर या करीब 20 फीसदी नीचे चल रहा है।

फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम फिर से देशव्यापी लॉकडाउन लगा रहे हैं

कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए यूरोप में फ्रांस, जर्मनी और बेल्जियम फिर से देशव्यापी लॉकडाउन लगा रहे हैं। ब्रिटेन में सरकार इंग्लैंड में लॉकडाउन लगा रही है, जो फिलहाल 2 दिसंबर तक है, लेकिन इसके पूरे दिसंबर तक बढ़ने की आशंका है। ING के कमॉडिटी स्ट्र्रैटेजी हेड वारेन पैटर्सन और सीनियर कमॉडिटी स्ट्रैटेजिस्ट वेन्यू याओ ने सोमवार को एक रिपोर्ट में लिखा कि ये 4 देश ग्लोबल कंजप्शन के करीब 6 फीसदी से ज्यादा की खपत करते हैं।

फिर मंदी में फंस सकता है यूरोप

अर्थशास्त्रियों को डर है कि यूरोप की इकॉनोमी दिसंबर तिमाही में गिर सकती है। इससे यूरोप फिर से मंदी में फंस सकता है। तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड GDP ग्रोथ के बावजूद यूरोपीय संघ की इकॉनोमी पिछले साल सितंबर के मुकाबले अब भी करीब 4 फीसदी नीचे है।

अमेरिका में फिर से वायरस का तांडव

अमेरिका में रविवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 81,493 नए मामले मिले। शुक्रवार को वायरस संक्रमण के 99,321 नए मामले मिले थे, जो जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के मुताबिक किसी भी देश के लिए एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा है। अमेरिका में अब तक 2,30,995 लोग कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से मर रहे हैं।

क्रूड की आपूर्ति में भी बढ़ोतरी का डर

ऑयल ट्रेडर्स को तेल की ज्यादा आपूर्ति का भी डर सता रहा है। लीबिया का अतिरिक्त क्रूड बाजार में आ रहा है। मॉर्गन स्टेनले के मुताबिक अमेरिका में जो बाइडेन यदि राष्ट्रपति बनते हैं, तो ईरान के तेल की भी बाजार में आपूर्ति बढ़ सकती है। क्योंकि बाइडेन ईरान के साथ परमाणु सौदे को फिर से रिवाइव करने के लिए ईरान पर ट्रंप के द्वारा थोपे गए प्रतिबंधों को हटा सकते हैं।

भारत में 2.04 फीसदी उछला क्रूड

भारतीय कमॉडिटी बाजार MCX पर क्रूड ऑयल 2.04 फीसदी तेजी के साथ टॉप गेनर रहा। इंट्राडे कारोबार में इसने 2,540 रुपए प्रति बैरल का निचला और 2,708 रुपए प्रति बैरल का ऊपरी स्तर छुआ। शुक्रवार को क्रूड 2,642 रुपए पर बंद हुआ था।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today

25 अगस्त के 45.86 डॉलर प्रति बैरल के पीक से ब्रेंट क्रूड करीब 9 डॉलर या करीब 20% नीचे ट्रेड कर रहा है

Related Posts