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सरकार ने मैन्यूफैक्चरिंग, माइनिंग और सर्विस सेक्टर्स के लिए ड्र्राफ्ट मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर्स पर फीडबैक मांगा

कर्मचारियों के व्यवहार और सर्विस कंडीशंस के लिए स्टैंडर्ड तय करने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मैन्यूफैक्चरिंग, माइनिंग और सर्विस सेक्टर्स के लिए ड्राफ्ट मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर्स पर पक्षकारों से फीडबैक मांगा है। मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा कि इंडिस्ट्रियल रिलेशंस कोड-2020 की धारा-29 के तहत तीनों सेक्टर्स के लिए तीन ड्राफ्ट्स 31 दिसंबर 2020 को ऑफीशियल गजट में प्रकाशित किए गए हैं। पक्षकारों को सुझाव या आपत्ति दर्ज करने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है।

बयान के मुताबिक सर्विसेज सेक्टर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहली बार सर्विसेज सेक्टर के लिए एक अलग मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर तैयार किया गया है। श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि ये मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर्स देश के उद्योग जगत में सामंजस्य की जमीन तैयार करेंगे, क्योंकि इसमें सर्विस संबंधी मामलों को सहयोगपूर्ण तरीके से औपचारिक करने का प्रावधान किया गया है।

कर्मचारियों को सूचना देने के लिए IT के उपयोग को प्रोत्साहित किया गया है

तीनों मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर्स में कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक मोड से अपने कर्मचारियों तक सूचना पहुंचाने के लिए सूचना प्रॉद्योगिकी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। IT उद्योग को सुरक्षा देने के लिए किसी भी IT सिस्टम, नियोक्ता या ग्राहक के कंप्यूटर नेटवर्क के अनधिकृत एक्सेस में संलिप्तता को दुर्व्यवहार माना गया है।

सर्विस सेक्टर के लिए वर्क फ्रॉम होम के कंसैप्ट को औपचारिक रूप दिया गया है

सर्विस सेक्टर के लिए मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर में वर्क फ्रॉम होम के कंसैप्ट को औपचारिक रूप दिया गया है। सर्विसेज सेक्टर के लिए जारी किए गए ड्र्रॉफ्ट ऑर्डर में कहा गया है कि IT सेक्टर के मामले में काम के घंटे समझौते के मुताबिक या नियोक्ता और कर्मचारियों के बीच नियुक्ति की शर्तों के मुताबिक होंगे। ड्रॉफ्ट में अनुशासनहीनता की आदत की परिभाषा तय की गई है। इसके मुताबिक यदि कर्मचारी पिछले 12 महीने में 3-4 बार किसी दुर्व्यवहार का दोषी होगा, तभी माना जाएगा कि उसे अनुशासनहीनता की आदत है।

रेल यात्रा की सुविधा समूचे खनन क्षेत्र के कर्मचारियों को देने का प्रस्ताव

ड्र्राफ्ट के मुताबिक रेल यात्रा की सुविधा समूचे खनन क्षेत्र के कर्मचारियों को दी गई है। अभी यह सुविधा सिर्फ कोयला खदानों में काम करने वाले कामगारों को मिली हुई है। मंत्रालय ने कहा कि तीनों ड्र्रॉफ्ट ऑर्डर्स में एकरूपता रखी गई है, हालांकि सेक्टर की जरूरतों को देखते हुए कुछ लचीलेपन की गुंजाइश भी रखी गई है। जो भी औद्योगिक प्रतिष्ठान मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर को स्वीकार करेगा, उसके सभी अन्य यूनिट में यह लागू होगा, चाहे यूनिट किसी भी भी जगह पर हो।

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सर्विसेज सेक्टर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहली बार सर्विसेज सेक्टर के लिए एक अलग मॉडल स्टैंडिंग ऑर्डर तैयार किया गया है
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