5जी टेक्नोलॉजी में सामाजिक क्रांति लाने की क्षमता, बुनियादी समस्याएं दूर करना जरूरी

5जी टेक्नोलॉजी के यूं तो कई व्यवहारिक इस्तेमाल हैं, लेकिन इसकी खूबियों का भरपूर फायदा उठाने के लिए जरूरी है कि राइट ऑफ वे (RoW) यानी टावर और ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के अधिकार के अलावा पॉलिसी फ्रेमवर्क में एकरूपता नहीं होने से आने वाली समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है। डेलोइट इंडिया ने अपनी एक रिपोर्ट में इन बातों का जिक्र करते हुए यह भी कहा है कि टेलीकॉम इंडस्ट्री की कमजोर वित्तीय स्थिति के चलते उनके सामने आने वाली पूंजीगत निवेश की दिक्कतों को दूर किया जाया जाना जरूरी है। उसका कहना है कि इस 5जी टेक्नोलॉजी में इंडस्ट्रियल प्रॉडक्टिविटी को बढ़ावा देने के साथ ही देश के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने की कायापलट करने की भी संभावना है।

टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल ने भारत को डेटा क्रांति के मुहाने पर खड़ा किया

डेलोइट इंडिया के मुताबिक, देशभर में ब्रॉडबैंड की बढ़ती पहुंच, डेटा की बढ़ती खपत, डिजिटाइजेशन पर सरकार के फोकस और टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल ने भारत को डेटा क्रांति के मुहाने पर खड़ा कर दिया है। डेलोइट इंडिया के पार्टनर सतीश गोपालैया ने कहा कि इन संभावनाओं से पता चलता है कि देश में 5जी सर्विसेज को तेजी से लागू करना कितना फायदेमंद होगा।

राइट ऑफ वे और एकसमान पॉलिसी फ्रेमवर्क की समस्या दूर किया जाना जरूरी

गोपालैया ने कहा, ‘आने वाले वर्षों में 5जी सर्विसेज का कई तरह से व्यावहारिक इस्तेमाल होने लगेगा लेकिन उसके लिए जरूरी है कि राइट ऑफ वे और एकसमान पॉलिसी फ्रेमवर्क का अभाव दूर किया जाए। इसके अलावा भारी भरकम कर्ज के चलते टेलकॉम इंडस्ट्री के पास पूंजी लगाने की सीमित क्षमता जैसी समस्याओं का समाधान निकाला जाना जरूरी होगा।’

मार्च 2020 में वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर की मासिक खपत 11 जीबी डेटा थी

डेलोइट के गोपालैया के मुताबिक 2020 में डेटा की खपत में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई और उसको कोविड-19 से तेजी मिली। उन्होंने कहा, ‘मार्च 2020 में यहां का वायरलेस ब्रॉडबैंड यूजर हर महीने 11 जीबी डेटा की खपत कर रहा था। इतनी खपत भारत को दुनिया में डेटा की सबसे ज्यादा खपत वाले देशों में शामिल कराती है। इसके अलावा आमतौर पर फिक्स्ड यूज वाले होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट की कंजम्पशन ग्रोथ घर पर लोगों के ज्यादा समय बिताने, काम बढ़ जाने के चलते काफी तेज रही।’

मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, हेल्थकेयर और एग्रीकल्चर में इस्तेमाल की संभावना

गोपालैया के मुताबिक, बेहद भरोसेमंद और एकदम नहीं अटकने वाली सर्विस के साथ सुपीरियर फीचर वाली 5G टेक्नोलॉजी में कस्टमर एक्सपीरियंस को रिवोल्यूशनाइज करने के साथ ही कंपनियों के लिए रेवेन्यू ग्रोथ के नए मौके और प्रॉफिटेबिलिटी को बेहतर बनाने की क्षमता है। उनके मुताबिक मैन्युफैक्चरिंग, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, रिटेल और एग्रीकल्चर जैसे सेक्टर में 5जी की क्षमताओं का बढ़िया इस्तेमाल देखने को मिल सकता है।

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Capacity to bring social revolution in 5G technology, it is necessary to remove basic problems

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