ITR फाइल करते समय नहीं देनी होगी हाल ही में खरीदी गई प्रॉपर्टी की जानकारी, जानें इससे जुड़े नियम

इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की तारीख में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं। इन्ही में से एक सवाल यह है कि अगर हाल ही में किसी व्यक्ति ने कोई प्रॉपर्टी खरीदी है तो क्या उसे भी इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय बताना होगा। आज हम आपको इसी बारे में बता रहे हैं।

प्रॉपर्टी खरीदने पर नहीं देना होता टैक्स
आपको कोई प्रॉपर्टी खरीदते समय कोई इनकम टैक्स देने की जरूरत नहीं होती, बशर्ते ऐसे निवेशक सोर्स बताने और समझाने योग्य हो। टैक्स केवल तभी देना होता है जब आप कोई प्रॉपर्टी या संपत्ति बेचकर मुनाफा कमाते हैं। जहां तक इनकम टैक्स रिटर्न में इसको डिक्लेयर करने की बात है, तो आपको प्रॉपर्टी खरीद की जानकारी डिसक्लोज करने की कोई जरूरत नहीं है।

अगर आपकी सालाना आय 50 लाख से ज्यादा है तो देनी होगी जानकारी
ऐसी संपत्तियों का ब्यौरा ITR में देने की तभी जरूरत पड़ती है। जब टैक्सपेयर्स की सालाना कमाई सभी छूट लेने के बाद 50 लाख रुपए से ज्यादा है। अगर आपकी आय इस लिमिट से ज्यादा नहीं है तो आपको संपत्ति खरीद की जानकारी देने की कोई जरूरत नहीं होती है। अगर आपकी सालाना इनकम 50 लाख रुपए से ज्यादा है तो आपको उन सभी संपत्तियों का भी ब्यौरा देना होगा जो आपके पास 31 मार्च 2020 तक थीं।

गिफ्ट में मिली प्रॉपर्टी पर देना होता है टैक्स
मौजूदा नियमों के तहत अगर आपको एक साल में 50 हजार रुपए से अधिक कीमत का गिफ्ट मिलता है तो इस पर आपको टैक्‍स देना होगा। कई बार साल में कई मौकों पर आपको गिफ्ट मिलता है और हो सकता है कि इसकी कुल कीमत 50 हजार रुपए से अधिक हो। ऐसे में इनकम टैक्‍स रिटर्न भरते समय आपको इस बात का ध्‍यान रखना चाहिए। आपको इनकम टैक्‍स में 50 हजार रुपए से अधिक के गिफ्ट की जानकारी देनी होगी। ये गिफ्ट जमीन या मकान भी हो सकता है। अगर आप यह जानकारी इनकम टैक्‍स विभाग से छिपाते हैं आपको बाद में मुश्किल हो सकती है।

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ऐसी संपत्तियों का ब्यौरा देने की जरूरत तभी पड़ती है, जब टैक्सपेयर्स की सालाना कमाई सभी छूट लेने के बाद 50 लाख से ज्यादा हो

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