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पहले कार बेचते फिर उसे ही चुरा लेते:भिंड में वकालत के स्टूडेंट्स का फर्जीवाड़ा गिरोह पकड़ाया; किराए पर लेते थे वाहन

AdminAugust 1, 2026
पहले कार बेचते फिर उसे ही चुरा लेते:भिंड में वकालत के स्टूडेंट्स का फर्जीवाड़ा गिरोह पकड़ाया; किराए पर लेते थे वाहन
भिंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और कानून की पढ़ाई कर रहे युवकों ने ऐसा शातिर वाहन चोरी गिरोह बना लिया, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया। आरोपी पहले किराए पर चार पहिया वाहन लेते, फिर फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड और स्टाम्प एग्रीमेंट के जरिए उसे बेच देते। इसके बाद वाहन में पहले से लगे GPS डिवाइस से लोकेशन ट्रैक कर दो से चार दिन बाद रात में दोबारा चोरी कर लेते थे। बरोही थाना पुलिस और साइबर सेल ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर चोरी की वैगनआर कार, फर्जी दस्तावेज और 30 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। गिरोह के दो सदस्य अभी फरार हैं। बीमार बेटी का बहाना बनाकर बेची कार फरियादी पवन भदौरिया ने पुलिस को बताया कि वह पुरानी कार खरीदना चाहता था। चाचा के एक परिचित ने उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से कराई। आरोपी ने बताया कि उसकी बेटी गंभीर रूप से बीमार है और इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत है, इसलिए वह अपनी वैगनआर कार चार लाख रुपए में बेच रहा है। भरोसा दिलाने के लिए उसने रजिस्ट्रेशन कार्ड और आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी दिखाई। पवन ने 1.68 लाख रुपए नकद देकर एक हजार रुपए के ई-स्टाम्प पर नोटरी कराई, जबकि शेष 2.32 लाख रुपए वाहन ट्रांसफर के समय देने की सहमति बनी। घर के बाहर खड़ी कार रातों-रात गायब पवन कई दिनों तक उसी कार का उपयोग करता रहा। 26 जुलाई की रात उसने कार घर के बाहर खड़ी की थी, लेकिन अगली सुबह वाहन गायब मिला। आसपास तलाश करने के बाद भी कोई सुराग नहीं लगा तो उसने बरोही थाने में शिकायत दर्ज कराई। GPS के जरिए ट्रैक कर दोबारा चुराते थे वाहन पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पहले किराए पर वाहन लेते थे। इसके बाद उसके रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों में फर्जी तरीके से नाम-पता बदलकर नकली आरसी तैयार कराते और स्टाम्प एग्रीमेंट के जरिए वाहन बेच देते थे। खरीदार को इस बात की जानकारी नहीं होती थी कि कार में पहले से GPS डिवाइस लगा है। वाहन बेचने के बाद आरोपी उसकी लोकेशन पर नजर रखते और मौका मिलते ही रात में दोबारा चोरी कर लेते थे। विरोध करने वालों को बदमाशों से धमकवाते थे जांच में यह भी सामने आया कि यदि कोई खरीदार वाहन चोरी होने के बाद शिकायत करता या रुपए वापस मांगता था तो आरोपी बिजौली थाना क्षेत्र के सुपावली निवासी शातिर बदमाश नगद धनौलिया और उसके साथियों के जरिए उसे धमकाते थे, ताकि वह पुलिस तक न पहुंचे। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। SSC-CGL और LLB के छात्र निकले आरोपी गिरफ्तार आरोपी मयंक राठौर निवासी गदाईपुरा SSC-CGL परीक्षा की तैयारी कर रहा है। दूसरा आरोपी प्रशांत राठौर गदाईपुरा का रहने वाला और LLB अंतिम वर्ष का छात्र है। तीसरा आरोपी धर्मेंद्र रावत गोहद क्षेत्र का निवासी है। तीनों ने मिलकर तकनीक और फर्जी दस्तावेजों के सहारे वाहन चोरी और दोबारा बिक्री का नेटवर्क तैयार किया था। दो और कार चोरी करना भी कबूला पूछताछ में आरोपियों ने बरोही क्षेत्र के खुर्द गांव और भिंड शहर के बीटीआई क्षेत्र से एक-एक कार चोरी करने की बात स्वीकार की है। पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने जिले और आसपास के इलाकों में इसी तरीके से कई लोगों को निशाना बनाया है। पांच सदस्यीय गैंग, दो आरोपी फरार पुलिस के अनुसार गिरोह में कुल पांच सदस्य शामिल हैं। इनमें मयंक राठौर, प्रशांत राठौर और धर्मेंद्र रावत को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि नगद धनौलिया सहित दो आरोपी अभी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी बोले- तकनीकी जांच से खुला पूरा नेटवर्क बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया ने बताया कि वाहन चोरी की शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल के साथ तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटाए गए। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई। पूछताछ में उन्होंने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी की वैगनआर कार, फर्जी रजिस्ट्रेशन कार्ड और 30 हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच में अन्य वाहन चोरी की वारदातों के भी सुराग मिले हैं। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद और भी खुलासे होने की संभावना है।

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