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पेटीएम का शेयर दिन के ऊपरी स्तर से 5% फिसला:बोनस शेयर का प्लान टला; पहली तिमाही में मुनाफा 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा

Admin/July 21, 2026/3 min read/4 views
पेटीएम का शेयर दिन के ऊपरी स्तर से 5% फिसला:बोनस शेयर का प्लान टला; पहली तिमाही में मुनाफा 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे आने के बाद पेटीएम के शेयरों में आज मंगलवार 21 जुलाई को उतार-चढ़ाव है। बाजार खुलते ही शेयर में 2.5% से ज्यादा की तेजी आई, लेकिन थोड़ी ही देर में यह दिन के ऊपरी स्तर से 5% तक टूट गया। विजय शेखर शर्मा की अगुआई वाली इस फिनटेक कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 79% बढ़कर 220 करोड़ रुपए दर्ज किया गया है। लेकिन बोनस शेयर टलने की खबर से बिकवाली का दबाव बढ़ा है। पेटीएम ने 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया कंपनी के शेयर ने बीते 2 सालों में निवेशकों का पैसा लगभग तीन गुना किया है। हालांकि, मार्केट डेब्यू के करीब 5 साल बाद भी यह शेयर अपने आईपीओ प्राइस ₹2,150 से नीचे है। Q1 नतीजे: जून तिमाही में रेवेन्यू ₹2,448 करोड़ रहा 30 जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में ऑपरेशन्स से पेटीएम का रेवेन्यू 28% बढ़कर ₹2,448 करोड़ पर पहुंच गया है, जो एक साल पहले इसी अवधि में ₹1,918 करोड़ था। वहीं कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 79% बढ़कर ₹220 करोड़ रहा है। कंपनी को अपने पेमेंट बिजनेस, मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में लगातार ग्रोथ से यह मुनाफा हासिल हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में पेटीएम को ₹123 करोड़ का मुनाफा हुआ था। वहीं, मार्च तिमाही में ₹183 करोड़ का मुनाफा हुआ था। पेटीएम मनी में ₹100 करोड़ के निवेश को मंजूरी पेटीएम के बोर्ड ने अपनी सब्सिडियरी कंपनी 'पेटीएम मनी' में राइट्स इश्यू के जरिए ₹100 करोड़ तक के निवेश को मंजूरी दी है। इस फंड का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी में निवेश, रेगुलेटरी कैपिटल जरूरतों को पूरा करने और कंपनी के इन्वेस्टमेंट व वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस के विस्तार के लिए किया जाएगा। आईपीओ के बचे ₹1,686 करोड़ के इस्तेमाल का प्लान बदला कंपनी के बोर्ड ने आईपीओ से मिली अनयूज्ड ₹1,686 करोड़ की बची हुई रकम के इस्तेमाल और उसकी समय-सीमा में बदलाव का प्रस्ताव भी पास किया है। बोर्ड ने इस रकम के उपयोग का समय बढ़ाकर 31 मार्च 2029 तक करने के लिए शेयरहोल्डर्स से मंजूरी लेने का फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि इस फ्लेक्सिबिलिटी से उसे पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज इकोसिस्टम को मजबूत करने और ग्रोथ के नए मौकों को हासिल करने में मदद मिलेगी। बोनस शेयर का प्लान क्यों टला? कंपनी के बोर्ड ने बोनस शेयर जारी करने का प्रस्ताव टाल दिया है। बोर्ड ने कहा कि लॉन्ग-टर्म शेयरहोल्डर वैल्यू के नजरिए से प्रस्ताव का मूल्यांकन करने के बाद यह फैसला लिया गया है। बोर्ड का मानना है कि कंपनी को अभी अपनी ग्रोथ बढ़ाने और प्रॉफिटेबिलिटी को और मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए, ताकि शेयरधारकों के लिए बेहतर वैल्यू क्रिएट हो सके।" एक्सपर्ट व्यू: कंपनी अब प्रॉफिटेबिलिटी के दौर में पहुंची INVasset PMS के बिजनेस हेड हर्षल दसानी के मुताबिक, पेटीएम का Q1 FY27 रिजल्ट इस बात का साफ सबूत है कि कंपनी अब टर्नअराउंड फेज से निकलकर प्रॉफिटेबिलिटी फेज में आ चुकी है। 28% की रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ₹203 करोड़ का अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही EBITDA और ₹220 करोड़ का मुनाफा दिखाता है कि कंपनी का कॉस्ट स्ट्रक्चर अब मजबूत हो चुका है। अब बढ़ता रेवेन्यू सीधे मुनाफे में बदल रहा है। उनका मानना है कि आने वाली दो तिमाहियों में यह तय होगा कि कंपनी का 8% मार्जिन अब एक स्टेबल बेस बन चुका है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है 'राइट्स इश्यू' और बोनस शेयर?

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