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भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी:बिना किसी जांच के 4 से 60 साल तक के लोग ले सकेंगे डोज, देश में ही बनेगी
Admin/July 20, 2026/3 min read/6 views
भारत में पहली बार डेंगू की वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ताकेदा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की वैक्सीन QDENGA को बाजार में इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। कंपनी के मुताबिक, यह वैक्सीन चार से 60 साल तक के लोगों को लगाई जा सकेगी। इसे लगवाने से पहले यह जांच कराने की जरूरत नहीं होगी कि व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ था या नहीं। भारत में मिली मंजूरी ताकेदा के वैश्विक क्लीनिकल डेवलपमेंट प्रोग्राम के आधार पर दी गई है। इसके तहत फेज-I, फेज-II और फेज-III के कुल 19 क्लीनिकल ट्रायल किए गए, जिनमें 28 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। QDENGA की दो डोज दी जाती हैं। प्रत्येक डोज 0.5 मिलीलीटर की होती है और त्वचा के नीचे इंजेक्शन के जरिए लगाई जाती है। दोनों डोज के बीच तीन महीने का अंतर रखा जाता है। देश में ही होगा वैक्सीन का उत्पादन 'क्यूडेंगा' (TAK-003) असल में जापानी कंपनी 'टाकेडा' की खोज है, लेकिन 'मेक इन इंडिया' के तहत इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन देश में ही होगा। इसके लिए टाकेडा ने हैदराबाद की जानी-मानी फार्मा कंपनी 'बायोलॉजिकल ई' के साथ करार किया है। भारत में ही बनने की वजह से इसकी सप्लाई तेज और बिना किसी रुकावट के होगी। अभी इसकी कीमत का ऐलान होना बाकी है, लेकिन क्योंकि यह देश में ही बनेगी, इसलिए उम्मीद जताई जा रही है कि यह आम लोगों की जेब पर ज्यादा भारी नहीं पड़ेगी। भारत दुनिया में डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल ताकेदा के मुताबिक, भारत दुनिया में डेंगू से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल है। देश के कई हिस्सों में डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप एक साथ फैल रहे हैं। कंपनी के मेडिकल अफेयर्स प्रमुख गोह चू बेंग ने कहा कि QDENGA को चारों सीरोटाइप से सुरक्षा देने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी ने यह भी कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में QDENGA के इस्तेमाल की सिफारिश करता है। WHO का समर्थन है कि ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों में इसे सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम में बिना प्री-वैक्सीनेशन स्क्रीनिंग के शामिल किया जा सकता है। 125 से ज्यादा देशों में डेंगू के मामले QDENGA को WHO की प्री-क्वालिफिकेशन भी मिल चुकी है। इसका मतलब है कि यह गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावशीलता के अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरती है। इसके बाद UNICEF और पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (PAHO) जैसी वैश्विक एजेंसियां भी इसकी खरीदी कर सकती हैं। डेंगू मच्छरों से फैलने वाली वायरल बीमारी है, जिसके मामले 125 से ज्यादा देशों में सामने आते हैं। कंपनी के मुताबिक, दुनिया में डेंगू के कुल मामलों का करीब एक-तिहाई बोझ भारत पर है। तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जलवायु परिवर्तन और मच्छरों के बढ़ते प्रजनन के कारण संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें... डायबिटीज पेशेंट को हफ्ते में एकबार लेना होगा इंसुलिन इंजेक्शन:भारत में पहली बार बेसल इंसुलिन लॉन्च डायबिटीज मरीजों के लिए राहत की खबर है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने बुधवार को भारत में Awiqli (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च की। कंपनी का दावा है कि यह हफ्ते में एक बार दिए जाने वाला बेसल इंसुलिन है, जो टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के वयस्क मरीजों के लिए है। पूरी खबर पढ़ें…
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