5 मर्डर के बाद डॉक्टर ने पूछा-क्या वह मर गया?:सुपारी किलर बोला-अभी सिर हिल रहा है; मौत कंफर्म होने पर लगाए मातारानी के जयकारे
AdminJuly 25, 2026
भोपाल-जबलपुर नेशनल हाईवे-45 पर सुआतला थाना क्षेत्र के इंद्रानगर के पास 19 जुलाई को हुए हादसे का नरसिंहपुर पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जिस घटना को अब तक सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, वह दरअसल सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस के मुताबिक, वारदात के तुरंत बाद मुख्य आरोपी आनंद सिंह लोधी ने सबसे पहला फोन इस साजिश के कथित मास्टरमाइंड जबलपुर के स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे को किया। एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा के अनुसार, पहली कॉल में डॉक्टर ने पूछा, "क्या वह मर गया?" जवाब मिला- "अभी सिर हिल रहा है।" कुछ देर बाद दूसरी कॉल में मौत की पुष्टि होने पर डॉ. खरे ने कथित तौर पर 'मातारानी' के जयकारे लगाए। पुलिस ने इस मामले में डॉ. अमित खरे समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी अब भी फरार हैं। एसपी के मुताबिक, पूरी साजिश आपसी रंजिश और कथित ब्लैकमेलिंग से छुटकारा पाने के लिए रची गई थी। 19 जुलाई को क्या हुआ था 19 जुलाई की शाम जबलपुर के पावला गांव के छह दोस्त नरसिंहपुर के हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने पहुंचे थे। लौटते समय सुआतला थाना क्षेत्र के इंद्रानगर के पास वे हाईवे किनारे रुके थे। तभी तेज रफ्तार हाईवा ने उन्हें कुचल दिया। इस घटना में पांच युवकों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। शुरुआती जांच में इसे सड़क हादसा माना गया था। करीब एक सप्ताह की जांच के बाद पुलिस ने दावा किया कि यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। आरोपियों का निशाना केवल राजेंद्र पटेल था, लेकिन उसके साथ मौजूद अन्य युवक भी हाईवा की चपेट में आ गए, जिससे पांच लोगों की मौत हो गई। ब्लैकमेलिंग और पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि राजेंद्र पटेल पहले डॉ. अमित खरे के साथ काम करता था। करीब एक साल पहले दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद राजेंद्र कथित रूप से फर्जी एमएलसी (मेडिको-लीगल केस) के मामले में डॉ. खरे को ब्लैकमेल करने लगा। पुलिस के मुताबिक, इससे छुटकारा पाने के लिए डॉ. अमित खरे ने अपने मित्र आनंद सिंह लोधी से संपर्क किया। दोनों ने हत्या को सड़क हादसे का रूप देने की योजना बनाई। तय हुआ कि हाईवा के पिछले पहिए से कुचलकर राजेंद्र की हत्या की जाएगी, ताकि मामला दुर्घटना लगे। पहले से घात लगाए बैठे थे आरोपी पुलिस के अनुसार, 19 जुलाई को राजेंद्र पटेल के हाथीनाला वॉटरफॉल जाने की सूचना पहले ही आरोपियों तक पहुंच चुकी थी। योजना के मुताबिक आनंद सिंह लोधी हाईवा लेकर निकला और उसके साथ अनुज लोधी भी था। पुलिस का दावा है कि जब राजेंद्र और उसके साथी हाईवे किनारे रुके, तभी उन पर हाईवा चढ़ा दिया गया और आरोपी वाहन लेकर फरार हो गए। 'A' अक्षर ने खोला पूरे हत्याकांड का राज घटनास्थल से हाईवा के मोनोग्राम का टूटा अंग्रेजी का 'A' अक्षर पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हुआ। एसपी के नेतृत्व में टीम ने पूरी रात हाईवे पर सर्च अभियान चलाया। करीब सात किलोमीटर दूर खड़े एक हाईवा में मोनोग्राम का 'A' अक्षर गायब मिला। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस जबलपुर जिले के सुंदरदेही, बरपटी और पावला गांव तक पहुंची। बाद में घटना में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगलों से बरामद कर लिया गया। राजा की गिरफ्तारी से खुली पूरी साजिश पुलिस ने सबसे पहले राजा पटेल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसके बयान के बाद पूरी साजिश सामने आई। उसने बताया कि अलग-अलग आरोपियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं। कोई राजेंद्र की लोकेशन बता रहा था, कोई वारदात को अंजाम देने वाला था और कुछ आरोपी शरण देने व भागने में मदद कर रहे थे। जंगलों में छिपे आरोपी, दमोह से पकड़ाया डॉक्टर वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग जगहों पर छिप गए। पुलिस की चार टीमों ने दबिश देकर मुख्य आरोपी आनंद सिंह लोधी और अनुज लोधी को डोंगरगांव क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वहीं डॉ. अमित खरे को दमोह से स्थानीय पुलिस की मदद से पकड़ा गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल हाईवा, डंपर, महिंद्रा थार, फॉर्च्यूनर और मोबाइल फोन समेत कई अहम साक्ष्य जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस का दबाव बढ़ने पर आरोपी सुंदरदेही से नर्मदा पार कर बुधगांव पहुंचे और वहां कार छोड़कर बिना नंबर प्लेट वाली थार से फरार होने की कोशिश की। 8 गिरफ्तार, 3 आरोपी फरार पुलिस ने आनंद सिंह लोधी, अनुज लोधी, डॉ. अमित खरे, अरविंद पटेल, नरेंद्र सिंह, राजा पटेल, भरत सिंह पटेल और अनिल पटेल को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। पुलिस ने उनका रिमांड मांगा है। शुभम पटेल, प्रीतम बर्मन और ऋतुराज अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि मामले में हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, साक्ष्य मिटाने समेत अन्य गंभीर धाराएं जोड़ी जा रही हैं। विवेचना जारी है। जांच में जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ----------------- ये खबर भी पढ़ें… हाईवा ने मारी टक्कर, 6 दोस्तों की मौत: सड़क किनारे सेल्फी लेते वक्त कुचला नरसिंहपुर जिले में रविवार शाम जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर तेज रफ्तार हाईवा ने 6 दोस्तों को कुचल दिया। इनमें से 4 की मौके पर ही मौत हो गई, 2 ने इलाज के दौरान देर रात दम तोड़ दिया। ये सभी नरसिंहपुर-जबलपुर सीमा पर हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने आए थे। लौटते समय इंदिरा नगर के पास हादसे का शिकार हो गए। पढ़े पूरी खबर… हाईवा की टक्कर में पांच की मौत, हत्या की आशंका नरसिंहपुर जिले में रविवार शाम इंदिरा नगर के पास सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक युवकों के परिजन ने हत्या की आशंका जताई है। आरोप है कि घटना अवैध रेत कारोबार से जुड़ी रंजिश का परिणाम है। पढ़ें पूरी खबर…
Related News
इंदौर में मराठी समाज की एकजुटता:हजारों श्रद्धालुओं के साथ निकली अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित दिंडी यात्रा
फांसी लगाने वाली पीडब्ल्यूडी इंजीनियर की इलाज के दौरान मौत:वेंटिलेटर पर चल रहा था इलाज; मायके पक्ष ने पति पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
ग्वालियर में खाना पैक कराने गए युवक से मारपीट:ईदगाह में होटल स्टाफ ने कस्टमर को बेरहमी से पीटा, मारपीट का वीडियो आया सामने
राजगढ़ में तालाब में गिरी कार, 5 दोस्तों की मौत:गेट हो गए लॉक, कांच तोड़कर निकाले शव; बेटे का रिश्ता तय करने जा रहे थे
Comments
No approved comments yet.
