Admin · 7/20/2026
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स्पोर्ट्स
Sports news, scores, and updates.
Admin · 7/20/2026
Admin · 7/19/2026
Admin · 7/19/2026
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट जीत लिया है। वे यह टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय बनी हैं। 31 साल की सिंधु ने रविवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। यह मैच 50 मिनट तक चला। सिंधु 4 साल बाद यामागुची को किसी फुल मैच में हरा सकी हैं। उन्हें पिछली जीत थाईलैंड ओपन में 2022 में मिली थी। पिछले साल मलेशिया ओपन में यामागुची रिटायर हर्ट हो गई थीं। 2019 के बाद पहला बड़ा खिताब जीतीं आगे जानिए क्या है सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट… सेमीफाइनल में चेन यू फेई चोटिल होकर बाहर हुईं सेमीफाइनल में चीन की चेन यू फेई हैम्स्ट्रिंग चोट के कारण रिटायर्ड हर्ट हो गईं। उस समय सिंधु 21-19, 15-10 से आगे थीं। इससे पहले सिंधु ने जापान की पूर्व वर्ल्ड चैंपियन नोजोमी ओकुहारा चोट के कारण नहीं उतरीं, जिससे सिंधु को वॉकओवर मिला। इससे पहले दूसरे दौर में सिंधु ने चीन की हान यू को 35 मिनट में 21-16, 21-14 से हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। -------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़िए… कॉमनवेल्थ गेम्स में चानू और लवलीना होंगी भारत की ध्वजवाहक, IOA ने ऐलान किया ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ग्लासगो में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक होंगी। भारतीय ओलंपिक संघ ने शनिवार को इसकी घोषणा की। इस मल्टी-स्पोर्ट इवेंट का उद्घाटन समारोह 23 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
Admin · 7/19/2026
दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स इवेंट फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मैच आज रात 12:30 बजे से खेला जाएगा। इसमें अर्जेंटीना और स्पेन की टीमें वर्ल्ड चैंपियन के ट्रैग के लिए आमने-सामने होंगी। लियोनेल मेसी की टीम लगातार दूसरा खिताब जीतना होगी, जबकि लामिल यमाल की टीम को दूसरे टाइटल की तलाश है। फाइनल का क्रेज भारत में भी देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा दीवानगी कोलकाता में है। यहां स्पोर्ट्स बार, मल्टीप्लेक्स, क्लब और मोहल्लों के मैदानों पर बड़ी स्क्रीन लग चुकी है। जुनून इस हद तक है कि स्कूलों ने 20-21 जुलाई की परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। बेंगलुरु पुलिस और असम सरकार ने होटल, रेस्तरां और क्लबों को सुबह 3:30 बजे तक खुला रखने की अनुमति दी है। प्रसेनजीत- अर्जेंटीना के सबसे ज्यादा फैंस कोलकाता में हैं मोहन बागान क्लब के सदस्य प्रसेनजीत सरकार ने बताया, ‘बंगाल में कोई कहे कि उसे फुटबॉल पसंद नहीं है, तो उसके बंगाली होने पर ही सवाल उठ सकता है। कोलकाता में अर्जेंटीना के समर्थक सबसे ज्यादा हैं। अर्जेंटीना जीता तो जश्न वैसा ही होगा, जैसा भारत के क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतने पर होता है।’ गुवाहाटी के फाइव स्टार होटल्स में वर्ल्डकप थीम पर डिश गुवाहाटी के एलीट क्लब्स और फाइव-स्टार होटल्स के ‘वर्ल्ड कप थीम’ में ‘मेसी किक बर्गर’ और ‘स्पेनिश ट्रॉफी मॉकटेल’ जैसे व्यंजन शामिल हैं। कई नामचीन पब्स और लाउंज ने ‘जर्सी ड्रेस कोड’ अनिवार्य किया है। रेस्तरां के फर्श पर आर्टिफिशियल टर्फ बिछाई है। स्टाफ भी हाथों में व्हिसल और जर्सी पहनकर सर्व कर रहे हैं। रात में फैंस के झगड़े नहीं हों, इसलिए पुलिस की तैनाती कोच्चि के ईगल एफसी फुटबॉल क्लब ने बड़ी स्क्रीन पर लाइव स्ट्रीमिंग के लिए टिकट की कीमत 90 से 500 रुपए रखी है। फाइनल मैच की बुकिंग पूरी हो चुकी है। जीत के बाद फैंस झगड़ न पड़ें, इसलिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहेगा। कई स्कूलों ने सोमवार को छुट्टी की घोषणा कर दी है। केरल के स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई केरल के सामान्य शिक्षा विभाग ने सोमवार (20 जुलाई) को अपने अधीन आने वाले सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह फैसला उन छात्रों की मांग पर लिया गया, जो देर रात होने वाले फाइनल मुकाबले को देखना चाहते थे। सामान्य शिक्षा मंत्री एन. समसुद्दीन ने सोशल मीडिया पर छुट्टी की घोषणा करते हुए लिखा, 'अब खुश हो बच्चे?' उन्होंने कहा कि छात्रों के अनुरोध को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। -------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल आज, टूर्नामेंट में 60 साल बाद भिड़ेंगे स्पेन और अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
Admin · 7/19/2026
Admin · 7/19/2026
फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल सिर्फ स्पेन और अर्जेंटीना की दो टीमों के बीच नहीं होगा, बल्कि दो ऐसे देशों के बीच भी होगा, जिनके रिश्ते सदियों पुराने हैं। दोनों की भाषा एक है, संस्कृति में कई समानताएं हैं और लाखों परिवार ऐसे हैं जिनकी जड़ें दोनों देशों से जुड़ी हैं। ऐसे में मैच कई लोगों के लिए भावनात्मक परीक्षा बन गया है। सवाल यही है कि दिल की सुनी जाए या जन्मभूमि की। अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में रहने वाले 75 वर्षीय जुआन मैनुएल पोसादा इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उनका जन्म स्पेन में हुआ था, लेकिन 1968 में वे अर्जेंटीना आकर बस गए। वे कहते हैं, ‘मेरा दिल स्पेन के साथ है, लेकिन अगर अर्जेंटीना जीत गया तो भी मुझे दुख नहीं होगा।’ उनके परिवार में भी यही दुविधा है। उनका पोता अर्जेंटीना का समर्थक है और उसने दादा से वादा लिया है कि अगर अर्जेंटीना जीता तो वे उसकी टीम की जर्सी पहनकर जश्न मनाएंगे। 81 वर्षीय मैनुएल फर्नांडीज असेवेडो भी बचपन में स्पेन छोड़कर अर्जेंटीना आ गए थे। उनकी बेटी और पोती यहीं पैदा हुईं। वे कहते हैं कि दोनों देशों से उनका समान लगाव है और वे सिर्फ यही चाहते हैं कि बेहतर टीम जीते। स्पेन और अर्जेंटीना का रिश्ता सिर्फ भाषा तक सीमित नहीं है। 16वीं सदी में स्पेन के ही एक खोजकर्ता पेड्रो डी मेंडोसा ने ब्यूनस आयर्स की स्थापना की थी। बाद में बड़ी संख्या में स्पेनिश नागरिक अर्जेंटीना जाकर बस गए। इसी कारण दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध लगातार मजबूत होते गए। साहित्य, संगीत और खानपान के साथ-साथ फुटबॉल ने भी इस रिश्ते को नई पहचान दी। रियल मैड्रिड के लिए अल्फ्रेडो डी स्टेफानो और बार्सिलोना के लिए लियोनेल मेसी जैसे महान खिलाड़ियों ने दोनों देशों को भावनात्मक रूप से और करीब ला दिया। वर्ल्ड कप के इतिहास में स्पेन और अर्जेंटीना की टक्कर सिर्फ एक बार हुई है। 1966 वर्ल्ड कप के ग्रुप चरण में अर्जेंटीना ने स्पेन को हराया था। अब पहली बार दोनों टीमें फाइनल में आमने-सामने हैं। यह वर्ल्ड कप इतिहास का दूसरा ऐसा फाइनल होगा, जिसमें दो स्पेनिश भाषी देश खिताब के लिए भिड़ेंगे। इससे पहले 1930 में उरुग्वे और अर्जेंटीना भिड़े थे। पिछले कुछ दशकों में आर्थिक संकट और सैन्य शासन के बाद हजारों अर्जेंटीनी बेहतर भविष्य के लिए स्पेन जाकर बस गए। स्पेन में अर्जेंटीना में जन्मे करीब 4.5 लाख लोग रह रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए यह मुकाबला किसी पारिवारिक उत्सव जैसा है। सोशल मीडिया पर अर्जेंटीना-स्पेन के परिवारों के मजेदार वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें बच्चे किस टीम का समर्थन करेंगे, इसे लेकर घरों में हल्की-फुल्की नोकझोंक दिखाई दे रही है। यही वजह है कि फाइनल सिर्फ चैम्पियन तय नहीं करेगा, बल्कि उन लाखों परिवारों की भावनाओं को भी मैदान पर ले आएगा, जिनके दिल में स्पेन व अर्जेंटीना दोनों के लिए बराबर जगह है।
Admin · 7/19/2026
इंग्लैंड ने फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 के तीसरे स्थान के मैच में फ्रांस को 6-4 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप इतिहास में अपना दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। टीम 1966 में चैंपियन बनी थी। इंग्लैंड की जीत के हीरो बुकायो साका रहे, जिन्होंने हैट्रिक लगाई। वहीं, फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे ने दो गोल करके गोल्डन बूट की रेस में मेसी को पीछे छोड़ दिया। उनके 10 गोल हो गए हैं, जबकि मेसी के 8 गोल हैं। इतना ही नहीं, एमबाप्पे वर्ल्ड कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बने। उनके नाम अब 22 विश्व कप गोल हो गए हैं, जबकि लियोनेल मेसी के 21 गोल हैं। हालांकि, आज देर रात होने वाले वर्ल्ड कप फाइनल में मेसी के पास वापसी करने का मौका है। मैच में खास तीसरे मिनट में पहला गोल आया इंग्लैंड ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबदबा बनाया। तीसरे मिनट में डेक्लान राइस ने पहला गोल किया, जबकि 18वें मिनट में एजरी कॉन्सा ने बढ़त 2-0 कर दी। साका ने 37वें मिनट और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल कर इंग्लैंड को हाफ टाइम तक 4-0 की मजबूत बढ़त दिला दी। एम्बाप्पे ने दूसरे हाफ में 2 गोल दागे दूसरे हाफ में फ्रांस ने वापसी की कोशिश की। एम्बाप्पे ने 48वें मिनट में पहला गोल किया। 54वें मिनट में ब्रैडली बारकोला ने स्कोर 4-2 किया और 66वें मिनट में एम्बाप्पे ने अपना दूसरा गोल कर अंतर सिर्फ एक गोल का कर दिया। पेनल्टी पर गोल से साका की हैट्रिक 87वें मिनट में मिले पेनल्टी को गोल में बदलकर साका ने अपनी हैट्रिक पूरी की और इंग्लैंड को राहत दिलाई। इंजरी टाइम में उस्मान डेम्बेले ने फ्रांस के लिए गोल किया, लेकिन इसके तुरंत बाद जूड बेलिंगहम ने गोल कर इंग्लैंड की 6-4 की जीत तय कर दी। -------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अर्जेंटीना और स्पेन में फाइनल मैच आज रात को, मेसी के पास टॉप स्कोरर बनने का मौका फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
Admin · 7/19/2026
फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला देर रात स्पेन और अर्जेंटीना के बीच खेला जाएगा। टूर्नामेंट के 96 साल के इतिहास में यह 23वां फाइनल होगा। 12वीं बार फाइनल मुकाबला यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीम के बीच होने जा रहा है। इससे पहले इन दोनों महाद्वीपों की टीमों के बीच हुए 11 फाइनल में 8 बार लैटिन अमेरिकी टीमों ने खिताब जीता। यूरोप की टीम 3 बार ही टाइटल जीत पाई। इतिहास का एक और पहलू अर्जेंटीना के फेवर में है। इससे पहले यूरोप के बाहर 11 वर्ल्ड कप हुए। इनमें से 9 बार लैटिन अमेरिकी टीम चैंपियन बनी। यूरोप की टीमें सिर्फ दो बार ही खिताब जीत पाई। हालांकि, इससे स्पेन का दावा कमजोर नहीं होता। यूरोप की जिन दो टीमों ने यूरोप से बाहर वर्ल्ड कप जीता, उसमें एक स्पेन भी है। स्पेन ने 2010 में साउथ अफ्रीका में हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता था। वर्ल्ड कप फाइनल से जुड़े 5 रोचक फैक्ट्स 1. वर्ल्ड कप की ट्रॉफी सिर्फ दो महाद्वीपों में बंटी 1930 से 2022 तक खेले गए 22 वर्ल्ड कप में सिर्फ यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें ही चैंपियन बनी हैं। यूरोप ने पांच देशों के दम पर 12 और लैटिन अमेरिका ने तीन देशों के दम पर 10 खिताब जीते हैं। यानी 96 साल में कोई एशियाई, अफ्रीकी या उत्तरी अमेरिकी टीम वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन सकी। 2. यूरोप के बाहर वर्ल्ड कप... तो लैटिन अमेरिका का दबदबा यूरोप के बाहर अब तक 11 वर्ल्ड कप हुए हैं। इनमें 9 बार लैटिन अमेरिकी और सिर्फ 2 बार यूरोपीय टीम चैंपियन बनी है। स्पेन (2010) और जर्मनी (2014) ही यूरोप की ऐसी टीमें हैं, जिन्होंने यूरोप के बाहर हुए वर्ल्ड कप में खिताब जीता है। 3. अर्जेंटीना के पास 64 साल पुराना रिकॉर्ड दोहराने का मौका अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतने से सिर्फ एक कदम दूर है। टीम ने 2022 में कतर में तीसरा वर्ल्ड कप जीता था। अगर वह न्यू जर्सी में स्पेन को हराकर खिताब बचाने में सफल रहती है, तो 1962 के बाद लगातार दो वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बन जाएगी। अब तक सिर्फ दो देशों ने अपने विश्व कप खिताब का सफल बचाव किया है। इटली ने 1934 और 1938, जबकि ब्राजील ने 1958 और 1962 में लगातार दो बार ट्रॉफी जीती थी। 4. स्पेन ने पहला वर्ल्ड कप यूरोप के बाहर ही जीता था स्पेन ने अपना इकलौता वर्ल्ड कप 2010 में साउथ अफ्रीका में जीता था। अब उसके सामने दूसरी ट्रॉफी जीतने के साथ-साथ गैर-यूरोपीय धरती पर लैटिन अमेरिका के लंबे वर्चस्व को चुनौती देने का मौका है। स्पेन का वर्ल्ड कप सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2010 के खिताब के बाद टीम 2014, 2018 और 2022 में नॉकआउट से आगे नहीं बढ़ सकी। वहीं अर्जेंटीना पिछले चार वर्ल्ड कप में तीन बार सेमीफाइनल और दो बार फाइनल खेल चुका है। 5. फाइनल के आंकड़े किसके पक्ष में? वर्ल्ड कप इतिहास में यूरोप और लैटिन अमेरिका की टीमें 11 बार फाइनल में आमने-सामने आई हैं। इनमें लैटिन अमेरिका ने 8 और यूरोप ने 3 बार जीत दर्ज की है। जर्मनी सबसे ज्यादा 8 फाइनल खेलने वाली टीम है, लेकिन सबसे सफल टीम ब्राजील है, जिसने सात फाइनल में पांच बार ट्रॉफी जीती। अर्जेंटीना 2026 का फाइनल खेलते ही सातवीं बार खिताबी मुकाबले में उतरेगा। भास्कर नॉलेज 1. भारत ने 1950 में खुद छोड़ दिया फीफा वर्ल्ड कप खेलने का मौका 1950 में भारत बिना कोई क्वालिफाइंग मैच खेले फीफा वर्ल्ड कप के लिए चुन लिया गया था। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि एशिया की कई टीमों ने टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया था, लेकिन ब्राजील तक लंबी यात्रा, ज्यादा खर्च, टीम की पूरी तैयारी न होना और उस समय ओलंपिक को ज्यादा महत्व दिए जाने के कारण अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने टीम को वर्ल्ड कप में नहीं भेजा। इसके बाद से आज तक भारत फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाया है। 2. 1982 से हर फीफा वर्ल्ड कप की फुटबॉल पाकिस्तान में बन रही 1982 के स्पेन वर्ल्ड कप से लेकर 2026 वर्ल्ड कप तक लगभग हर आधिकारिक मैच बॉल पाकिस्तान के सियालकोट शहर में तैयार की गई है। 2026 वर्ल्ड कप की आधिकारिक गेंद 'Trionda' भी सियालकोट की फॉरवर्ड स्पोर्ट्स कंपनी ने एडिडास के लिए बनाई है। ---------------------------------------------------- फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… फुटबॉल वर्ल्ड कप का फाइनल आज, टूर्नामेंट में 60 साल बाद भिड़ेंगे स्पेन और अर्जेंटीना फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल मुकाबला आज स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होगा। टूर्नामेंट में दोनों टीमें 60 साल बाद आमने-सामने हो रही हैं। न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में रात 12:30 बजे से मुकाबला खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर
Admin · 7/19/2026