अतीक की कब्र के बगल में बेटा दफन:तीनों भाइयों ने कंधा दिया; भीड़ बेकाबू हुई तो पुलिस ने बंदूक की बट मारी; मां शाइस्ता नहीं आई
AdminAugust 8, 2026
अतीक अहमद के 21 साल के बेटे अबान को प्रयागराज में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। शनिवार शाम 7 बजे उसे पिता अतीक की कब्र के बगल में दफनाया गया। तीनों भाइयों अली, उमर और अहजम ने अबान को कंधा दिया। जनाजे में शामिल होने के लिए 5-6 हजार लोग पहुंचे। सुरक्षा के लिए कब्रिस्तान के आसपास 1,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे। अबान का शव लेकर उसका भाई अहजम रोते हुए कब्रिस्तान पहुंचा। भीड़ भी उसके पीछे अंदर घुसने लगी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो भीड़ बेकाबू हो गई और बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान एक पुलिसकर्मी ने 2-3 लोगों को बंदूक की बट मारी। इसके बाद भी कुछ युवक अंदर जाने पर अड़े रहे, तो पुलिसवालों ने थप्पड़ मारकर उन्हें हटाया। भीड़ तितर-बितर हुई तो पुलिसवालों ने खदेड़ दिया। मां शाइस्ता परवीन बेटे के जनाजे में शामिल नहीं हुई। वह पति अतीक और बेटे असद के जनाजे में भी नहीं पहुंची थी। शाइस्ता 2023 से फरार है। अबान की गुरुवार को सड़क हादसे में मौत हुई थी। अबान को जिस कसारी-मसारी कब्रिस्तान में दफनाया गया। यहीं उसके दादा फिरोज अहमद, चाचा अशरफ और भाई असद की भी कब्रें हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट से पैरोल मिलने के बाद अली झांसी जेल और उमर लखनऊ जेल से प्रयागराज पहुंचे। दोनों को आखिरी वक्त में पुलिस वैन से बाहर निकाला गया। बाहर आते ही दोनों भाई एक-दूसरे से गले मिले। इसके बाद मस्जिद में नमाज पढ़ी और अबान को मिट्टी दी। पुलिस ने सिर्फ परिवार और रिश्तेदारों को कब्रिस्तान में जाने की अनुमति दी। अली और उमर ने परिवार से मुलाकात की। हाईकोर्ट ने पैरोल देते समय दोनों को सिर्फ भाई अहजम और बुआ से मिलने की अनुमति दी थी। पुलिस ने कब्रिस्तान से कुछ दूर मस्जिद के बाहर मुलाकात का इंतजाम कराया। मस्जिद के बाहर टेंट लगाया गया। इसी में अली-उमर परिवार से मुलाकात की। एक घंटे की मुलाकात के बाद पुलिस अली को झांसी और उमर को लखनऊ जेल लेकर रवाना हो गई। अली-उमर को 4 साल में पहली बार पैरोल मिली। अबान के सुपुर्द-ए-खाक होने की 5 तस्वीरें- अब भीड़ बेकाबू होने की 3 तस्वीरें- कड़ी सुरक्षा में अली-उमर को प्रयागराज लेकर पहुंची पुलिस शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे अली को झांसी जेल से 30 पुलिसकर्मी 400 किमी दूर प्रयागराज के लिए लेकर रवाना हुए थे। उसका चेहरा नजर न आए, इसलिए पुलिस ने वैन पर पर्दे डाल दिए थे। उमर को भी इसी तरह सुरक्षा के बीच लखनऊ पुलिस साढ़े 12 बजे लेकर निकली। उमर शाम साढ़े 4 बजे पहुंचा और अली साढ़े 5 बजे प्रयागराज पहुंचा। अबान भाई से मिलने जेल जा रहा था, सड़क हादसे में हुई मौत अबान की गुरुवार सुबह झांसी में सड़क हादसे में मौत हुई थी। वह प्रयागराज से झांसी जेल में बंद भाई अली से मिलने जा रहा था। क्रेटा कार में उसके 4 और दोस्त थे। सुबह 10:30 बजे हाईवे पर जानवर को बचाने के चक्कर में कार डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में अबान और उसके दोस्त सोनू की मौत हो गई, जबकि तीन दोस्त घायल हो गए। अबान-सोनू के शव शुक्रवार तड़के 4 बजे एक ही एंबुलेंस से झांसी से प्रयागराज के हटवा गांव लाए गए। यहां अबान की बुआ का घर है। अतीक का घर टूटने के बाद अबान वहीं रहता था। माफिया अतीक के बेटे के अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
Related News
गडकरी बोले- मीडिया सेक्टर में विश्वसनीयता का संकट:ये सबसे बड़ी समस्या; लोकतंत्र के लिए न्यायपालिका और मीडिया का निष्पक्ष होना जरूरी
CJP-BJP में ‘दिमागी नक्सल’ पोस्ट पर विवाद:गौरव भाटिया ने माफी की मांग की; सौरव दास ने पोस्ट हटाकर पूछा- बयान से असहमत हैं तो बताएं
पीएम 13 साल बाद दिल्ली के श्री राम कॉलेज जाएंगे:शताब्दी समारोह को संबोधित करेंगे; 100 साल पूरे होने पर डाक टिकट जारी किया था
खाना बनाने से इनकार करने पर पति ने पीटा:नागपुर में इलाज के दौरान मौत; पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन की हड्डी में फ्रैक्चर, आंतों में चोट
Comments
No approved comments yet.
