भोपाल में कृष्ण जन्माष्टमी पर निकला भव्य जुलूस:मुख्यमंत्री ने बच्चों संग फोड़ी मटकी, 101 बने राधा-कृष्ण; 55 जिलों में 111 जगह हुआ श्रीकृष्ण पर्व आयोजन
AdminSeptember 4, 2026
भोपाल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शुक्रवार को सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो गए। बरखेड़ी से शब्बन चौराहे तक भगवान श्रीकृष्ण का जुलूस निकला, जबकि मुख्यमंत्री निवास में 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाल गोपाल के साथ मटकी फोड़ी और बच्चों को माखन-मिश्री खिलाई। प्रदेश के 55 जिलों के 111 स्थानों पर ‘श्रीकृष्ण पर्व’ के तहत सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। बरखेड़ी से शब्बन चौराहे तक निकला जुलूस बरखेड़ी स्थित अहीर यादव समाज के मंदिर में जन्माष्टमी पर विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद जहांगीराबाद से शब्बन चौराहे तक भगवान श्रीकृष्ण का जुलूस निकाला गया। जुलूस में राधा-कृष्ण की पीतल की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र रहीं और बड़ी संख्या में समाजजन व श्रद्धालु शामिल हुए। इस आयोजन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी पहुंचे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए। मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ जन्माष्टमी का उत्सव मनाया गया। CM निवास में 101 बच्चे बने राधा-कृष्ण मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में भजन, महारास और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। 101 से अधिक बच्चे राधा-कृष्ण की वेशभूषा में शामिल हुए। कार्यक्रम का खास आकर्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा बाल गोपाल को हाथ में लेकर मटकी फोड़ना रहा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपने हाथों से माखन-मिश्री खिलाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन आज भी प्रासंगिक है। उनके जीवन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखने, कर्तव्य निभाने और चुनौतियों से निकलने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने सांदीपनि आश्रम में शिक्षा ग्रहण कर दुनिया के सामने गुरु-शिष्य परंपरा और शिक्षा के महत्व का उदाहरण रखा। जानापाव, उज्जैन और अमझेरा को विकसित करने की बात मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को विकसित कर उनकी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को सामने लाया जाएगा। जानापाव में उस प्रसंग को जीवंत किया जाएगा, जहां भगवान परशुराम से श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्राप्त होने की मान्यता है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम, धार के अमझेरा और महिदपुर के नारायणा धाम जैसे स्थलों को भी श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों के कारण विशेष महत्व दिया जा रहा है। 55 जिलों में 111 स्थानों पर ‘श्रीकृष्ण पर्व’ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को जन-जन का पर्व बनाने के उद्देश्य से प्रदेश के 55 जिलों में 111 स्थानों पर ‘श्रीकृष्ण पर्व’ के तहत सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं। 1500 से अधिक स्थानीय कलाकार श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति, गुरु-शिष्य परंपरा और लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दे रहे हैं। वहीं 7500 से अधिक श्रीकृष्ण मंदिरों में विशेष साज-सज्जा की गई है। उज्जैन के सांदीपनि आश्रम और नारायणा धाम से लेकर पन्ना, अमझेरा, जानापाव और प्रदेश के दूसरे धार्मिक स्थलों पर नृत्य-नाटिका, रासलीला, भजन और लोकगायन के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस्कॉन पटेल नगर में एक लाख श्रद्धालुओं की संभावना भोपाल के इस्कॉन पटेल नगर स्थित हरे कृष्ण लैंड में भी जन्माष्टमी का आयोजन हुआ। यहां भगवान श्री श्री गौर राधा वल्लभ जी का विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर को जैसलमेर की पारंपरिक थीम पर सजाया गया और थाईलैंड से मंगाए गए विशेष ऑर्किड फूलों से सजावट की गई। श्रीकृष्ण कथा, निरंतर हरे कृष्ण महामंत्र कीर्तन और ‘रुक्मिणी कल्याणम्’ नाट्य प्रस्तुति आयोजन के प्रमुख आकर्षण रहे। आयोजकों के अनुसार यहां करीब एक लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था की गई। सरकार भी त्योहारों में शामिल हो: CM मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल त्योहार पर छुट्टी करने से काम नहीं चलेगा। नई पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके संघर्ष और उनके संदेशों की जानकारी मिलनी चाहिए। इसी उद्देश्य से सरकार की ओर से प्रमुख त्योहारों को व्यापक स्तर पर मनाने की परंपरा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के ऐसे प्रतीक हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी समाज को रास्ता दिखाया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक और वैश्विक स्थिति मजबूत होने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सामने मानवता और विश्व बंधुत्व की भावना के साथ अपनी सनातन संस्कृति को प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान राम की भव्यता के बाद भविष्य में मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े स्थलों को भी उसी तरह विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। रात 12 बजे होगा कृष्ण जन्म, मंदिरों में महाआरती शहर के इस्कॉन पटेल नगर, बरखेड़ा और बैरागढ़ के मंदिरों के साथ बिड़ला मंदिर, गोपाल मंदिर, करुणा धाम, श्रीजी मंदिर और बांके बिहारी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ मंदिरों में महाआरती होगी।
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