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बॉयफ्रेंड के सामने गर्लफ्रेंड से रेप और मर्डर का केस:पत्नी से छिपाकर प्रेमिका को गिफ्ट किया था मोबाइल; उसी ने कातिलों तक पहुंचाया

Hitesh SharmaJuly 22, 2026
बॉयफ्रेंड के सामने गर्लफ्रेंड से रेप और मर्डर का केस:पत्नी से छिपाकर प्रेमिका को गिफ्ट किया था मोबाइल; उसी ने कातिलों तक पहुंचाया
मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि 15 फरवरी 2010 को पिपरिया के एक गेहूं के खेत में दीपक और उसकी गर्लफ्रेंड दीप्ति (परिवर्तित नाम) के शव मिले थे। पोस्टमॉर्टम से खुलासा हुआ कि दीप्ति के साथ हत्या से पहले सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। दूसरी ओर जांच में यह भी सामने आया कि दीपक पहले से शादीशुदा था। मामला प्रेम, विश्वासघात और दोहरे हत्याकांड की उलझी हुई कहानी बन चुका था। बिना किसी प्रत्यक्षदर्शी के पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल था-आखिर कातिलों तक कैसे पहुंचे? पार्ट 2 में पढ़िए आगे की कहानी… घटनास्थल की तलाशी के दौरान पुलिस को दीप्ति का मोबाइल फोन नहीं मिला। शुरुआत में लगा कि बदमाश उसे अपने साथ ले गए होंगे, लेकिन जांच के दौरान पता चला कि वह मोबाइल अब भी चालू है और लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड खंगाले। फोन कपिल नाम के युवक के पास निकला। गिरफ्तारी के बाद उसके कब्जे से दीप्ति का मोबाइल बरामद हो गया। कॉल रिकॉर्ड से जुड़ती गई कड़ियां पुलिस पहले ही वारदात के समय घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की जांच कर रही थी। तकनीकी विश्लेषण में कुछ नंबर बार-बार सामने आए। जांच आगे बढ़ी तो अशोक, रामजीवन, कपिल और अज्जू उर्फ अजय समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। डीएनए रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच में भी पुष्टि पूछताछ के दौरान एक के बाद एक अहम खुलासे होने लगे। अशोक के कब्जे से दीप्ति की चांदी की पायल और एक सिम कार्ड बरामद हुआ। आरोपी अज्जू ने पूछताछ में बताया कि वारदात के बाद उसने दीपक का मोबाइल और उसके महंगे जूते निकाल लिए थे। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दीपक के जूते भी बरामद कर लिए। अदालत में दीपक की पत्नी मीना बाई ने इन जूतों की पहचान की। इसी दौरान फॉरेंसिक जांच और डीएनए रिपोर्ट भी सामने आ गई। सबूत आरोपियों से मेल खाते पाए गए। इससे पुलिस की जांच और मजबूत हो गई। 14 फरवरी की रात आखिर क्या हुआ था? जांच में पुलिस ने घटनाक्रम की जो तस्वीर तैयार की, उसके मुताबिक 14 फरवरी को दीपक और दीप्ति बाइक से बाजार से लौट रहे थे। रास्ते में दोनों जंगल की ओर चले गए। इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें देख लिया। सुनसान इलाके का फायदा उठाकर दोनों को रोक लिया गया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद दीप्ति के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पहले फांसी, फिर उम्रकैद 14 नवंबर 2014 को सत्र न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों को दोषी ठहराया। अदालत ने अपराध को जघन्य मानते हुए सभी को फांसी की सजा सुनाई। सुनवाई के दौरान अन्य दो फरार हो गए थे। इसके बाद मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने पूरे रिकॉर्ड, डीएनए रिपोर्ट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा की। अदालत ने माना कि अभियोजन आरोपियों के खिलाफ अपराध साबित करने में सफल रहा है और वैज्ञानिक साक्ष्य विश्वसनीय हैं। हालांकि सजा के प्रश्न पर हाईकोर्ट की राय अलग रही। अदालत ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… बॉयफ्रेंड के सामने गर्लफ्रेंड से गैंगरेप मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स में आज कहानी नर्मदापुरम जिले के पिपरिया क्षेत्र के उस सनसनीखेज हत्याकांड की, जिसने 2010 में पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था। वैलेंटाइन डे की रात एक युवा प्रेमी जोड़ा घर से निकला था। अगले दिन खेत में दोनों की लाश मिली। पढ़ें पूरी खबर…

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